SA vs NZ – अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका ने सिर्फ एक मैच नहीं जीता—उन्होंने टी20 विश्व कप 2026 में अपनी मंशा साफ कर दी। न्यूजीलैंड के खिलाफ सात विकेट से जीत, 17.1 ओवर में लक्ष्य हासिल, और पावरप्ले में रिकॉर्ड 83 रन। यह जीत स्कोरलाइन से ज्यादा स्टेटमेंट थी।
कीवी टीम ने 20 ओवर में 175/7 का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया था। लेकिन उसके बाद जो हुआ, वह पूरी तरह प्रोटियाज के नियंत्रण में था।
मार्को यान्सेन की धार
न्यूजीलैंड की पारी अच्छी शुरुआत के बाद लड़खड़ा गई। इसका सबसे बड़ा कारण थे मार्को यान्सेन। बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने 4 विकेट झटककर मिडिल ऑर्डर की कमर तोड़ दी।
| गेंदबाज | विकेट | असर |
|---|---|---|
| मार्को यान्सेन | 4 | मध्यक्रम ध्वस्त |
175 का स्कोर 190 तक जा सकता था, लेकिन यान्सेन के स्पेल ने रनगति पर ब्रेक लगा दिया।
मार्करम का आक्रामक जवाब
लक्ष्य का पीछा करते हुए कप्तान एडेन मार्करम ने शुरुआत से ही टोन सेट कर दिया। उन्होंने नाबाद 86 रन की पारी खेली—आक्रामक, लेकिन नियंत्रित।
डेविड मिलर ने अंत में छक्का जड़कर 17.1 ओवर में मैच खत्म कर दिया। यानी 17 गेंद शेष रहते जीत।
पावरप्ले: मैच का असली मोड़
दक्षिण अफ्रीका ने पहले छह ओवरों में 83/1 रन बनाए। यही वह चरण था जिसने मैच को एकतरफा कर दिया।
| ओवर | स्कोर | विकेट |
|---|---|---|
| 1–6 | 83 | 1 |
यह टी20 विश्व कप इतिहास का छठा सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर है।
टी20 विश्व कप के सबसे बड़े पावरप्ले स्कोर
| रैंक | टीम | स्कोर | विरोधी | वर्ष |
|---|---|---|---|---|
| 1 | वेस्टइंडीज | 92/1 | अफगानिस्तान | 2024 |
| 2 | इंग्लैंड | 89/3 | दक्षिण अफ्रीका | 2016 |
| 3 | भारत | 86/1 | नामीबिया | 2026 |
| 4 | वेस्टइंडीज | 83/0 | ऑस्ट्रेलिया | 2009 |
| 5 | दक्षिण अफ्रीका | 83/0 | इंग्लैंड | 2016 |
| 6 | दक्षिण अफ्रीका | 83/1 | न्यूजीलैंड | 2026 |
83/1 का यह स्कोर अब इतिहास की सूची में दर्ज हो चुका है।
कप्तानों की प्रतिक्रिया
मार्करम ने मैच के बाद कहा कि पावरप्ले का सही इस्तेमाल ही जीत की कुंजी रहा।
“हमने शुरुआत में ही दबाव बना दिया। जब आप 6 ओवर में 80 से ज्यादा बना लेते हैं, तो मैच की दिशा बदल जाती है।”
वहीं न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सेंटनर ने स्वीकार किया कि शुरुआती ओवरों में विकेट न ले पाना भारी पड़ा।
“पावरप्ले में विकेट न लेना महंगा साबित हुआ।”
रणनीतिक बढ़त
दक्षिण अफ्रीका की इस जीत में तीन स्पष्ट पहलू दिखे:
- नई गेंद से अनुशासित गेंदबाजी
- पावरप्ले में निर्भीक बल्लेबाजी
- लक्ष्य का व्यवस्थित पीछा
यह संतुलन उन्हें खतरनाक टीम बनाता है।
175 का लक्ष्य कभी छोटा नहीं होता। लेकिन जब पावरप्ले में 83 रन जुड़ जाएं, तो बाकी का काम आसान हो जाता है।
दक्षिण अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को हराकर सिर्फ अंक नहीं जुटाए—उन्होंने यह दिखाया कि बड़े मंच पर वे दबाव झेलने और थोपने, दोनों में सक्षम हैं।
अब सवाल यह है—क्या यह आक्रामक शुरुआत आगे भी जारी रहेगी?
अगर हां, तो प्रोटियाज इस बार सिर्फ प्रतिभागी नहीं, दावेदार दिख रहे हैं।















