SA20 : मौरिस बोले दुर्भाग्यपूर्ण हैं चोटें – लेकिन यही आधुनिक क्रिकेट

Atul Kumar
Published On:
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SA20 – भारत और श्रीलंका में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले SA20 लीग को दक्षिण अफ्रीका के लिए परफेक्ट तैयारी मंच माना जा रहा था। तेज़ क्रिकेट, कड़ा मुकाबला, लगातार मैच—सब कुछ वैसा ही, जैसा वर्ल्ड कप में मिलने वाला है।

लेकिन इसी तैयारी की कीमत अब चोटों के रूप में चुकानी पड़ रही है। और यही बात दक्षिण अफ्रीका के पूर्व ऑलराउंडर क्रिस मौरिस को सबसे ज़्यादा परेशान कर रही है।

गुरुवार को जोहानिसबर्ग में चुनिंदा भारतीय पत्रकारों से बातचीत में मौरिस ने साफ कहा—खिलाड़ियों का इस तरह चोटिल होना “दुर्भाग्यपूर्ण” है, लेकिन मौजूदा क्रिकेट शेड्यूल को देखते हुए यह लगभग अपरिहार्य भी है।

SA20: तैयारी भी, जोखिम भी

SA20 लीग में हर टीम कम से कम 10 मैच खेल चुकी है। इसके तुरंत बाद दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की T20I सीरीज़ खेलनी है। और फिर बिना ज़्यादा ब्रेक के—सीधा टी20 वर्ल्ड कप, जिसकी शुरुआत दक्षिण अफ्रीका के लिए 9 फरवरी को कनाडा के खिलाफ होगी।

यानि खिलाड़ियों के लिए कोई सांस लेने की जगह नहीं।

मौरिस के शब्दों में, “सबूत सामने है। हमारे कुछ खिलाड़ी चोटिल हो गए हैं। शेड्यूल बहुत व्यस्त है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन खिलाड़ियों को पता था कि ऐसा हो सकता है।”

चोटों ने बदला वर्ल्ड कप स्क्वॉड

दक्षिण अफ्रीका को पहले ही अपने 15 सदस्यीय वर्ल्ड कप स्क्वॉड में दो बदलाव करने पड़े हैं।

  • टोनी डि जॉर्जी – दिसंबर में भारत दौरे के दौरान पैर की मांसपेशी में चोट, अब तक पूरी तरह फिट नहीं
  • डोनोवन फरेरा – SA20 के दौरान कंधे में फ्रैक्चर

इन दोनों की जगह टीम में रेयान रिकल्टन और ट्रिस्टन स्टब्स को शामिल किया गया है।

यह बदलाव बताता है कि वर्ल्ड कप से पहले टीम कितनी नाज़ुक स्थिति में है।

चिंता यहीं खत्म नहीं होती

मामला सिर्फ दो खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है।

दक्षिण अफ्रीका के लिए हालात तब और गंभीर हो जाते हैं, जब आप यह लिस्ट देखते हैं—

  • डेविड मिलर – एलिमिनेटर मैच से बाहर
  • लुंगी एनगिडी – क्वालिफायर में सिर्फ 2 ओवर फेंक पाए
  • डेवाल्ड ब्रेविस – मैच जिताने वाली 75 रन की पारी के दौरान उंगली में चोट

यानि वर्ल्ड कप से पहले टीम के कोर खिलाड़ी ही पूरी तरह फिट नहीं हैं।

“यह IPL जैसा ही है” – मौरिस की सच्ची तस्वीर

क्रिस मौरिस ने मौजूदा शेड्यूल की तुलना सीधे IPL से कर दी।

उनका कहना था—
“आप दिन-रात खेल रहे हैं। ट्रैवल करना है, मैच खेलने हैं, रात को देर से सोना है और अगली सुबह फिर सफर। फिर ट्रेनिंग, रिकवरी… यह सब बेहद थकाने वाला है।”

उन्होंने यह भी माना कि कोचिंग स्टाफ और मैनेजमेंट को खिलाड़ियों को संभालना पड़ता है, लेकिन जीत की रफ्तार में प्लेइंग इलेवन को रोटेट करना आसान नहीं होता, खासकर जब टीम प्लेऑफ की दौड़ में हो।

शारीरिक से ज़्यादा मानसिक थकान

मौरिस की बातों में सिर्फ फिटनेस नहीं, मेंटल फटीग की झलक भी दिखी।

उनके मुताबिक, लगातार हाई-प्रेशर क्रिकेट खिलाड़ियों को मानसिक रूप से भी निचोड़ देता है। लेकिन प्रोफेशनल क्रिकेटर होने का मतलब ही यही है—किसी न किसी तरह रास्ता निकालना।

मजाकिया अंदाज़ में उन्होंने कहा, “खुशकिस्मती से कुछ खिलाड़ी फिट हैं। कुछ चोटिल भी हैं। उम्मीद है हालात बहुत खराब नहीं होंगे और हम वर्ल्ड कप के लिए तैयार होंगे।”

फिर भी SA20 से पॉजिटिव्स

चोटों के बावजूद मौरिस पूरी तरह निराश नहीं हैं।

उन्होंने माना कि वर्ल्ड कप स्क्वॉड में शामिल खिलाड़ियों ने SA20 में अच्छा प्रदर्शन किया है। यहां तक कि जो खिलाड़ी स्क्वॉड में नहीं हैं, उन्होंने भी खुद को साबित किया है। यह आत्मविश्वास बड़े टूर्नामेंट से पहले बेहद ज़रूरी होता है।

रबाडा की वापसी ने बढ़ाया हौसला

मौरिस खासतौर पर कागिसो रबाडा की वापसी से खुश दिखे।

पसलियों की चोट के बाद रबाडा शुरुआत में नर्वस थे, लेकिन अब—

  • पूरी रफ्तार
  • सटीक लाइन-लेंथ
  • पुराने अंदाज़ की झलक

मौरिस ने कहा कि रबाडा को फिर से लय में देखना राहत की बात है।

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