ODI – दोपहर का वक्त था और newsroom में स्क्रीन पर एक के बाद एक पुराने मैचों की हाइलाइट्स चल रही थीं—लेकिन जिस ग्राफिक ने सबको रोक दिया, वो एकदम सीधा-सा था:
“वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच (POTM) अवॉर्ड – टॉप 5”
और इस सूची के शीर्ष पर जिस नाम की बादशाहत आज भी अडिग खड़ी है, वह कोई और नहीं—सचिन तेंदुलकर।
यह लिस्ट सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है; यह तीन दशकों के सफर, लगातार खेल में महारत और दबाव में बल्ला बोलने की क्षमता का लेखा-जोखा है। दिलचस्प बात यह है कि विराट कोहली इस रेस में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और अब वे POTM की ऑल-टाइम ODI लिस्ट में तीसरे नंबर पर पहुंच चुके हैं।
वनडे क्रिकेट में प्लेयर ऑफ द मैच—कौन कितना आगे?
सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में जो प्रभुत्व दिखाया, वह सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं था; बड़ी पारी सही वक्त पर खेलना ही उन्हें POTM मशीन बनाता गया।
463 मैच, 62 प्लेयर ऑफ द मैच—ये रिकॉर्ड आने वाले कई सालों तक शायद ही टूटे।
वनडे में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच – टॉप 5
| रैंक | खिलाड़ी | देश | मैच | POTM |
|---|---|---|---|---|
| 1 | सचिन तेंदुलकर | भारत | 463 | 62 |
| 2 | सनत जयसूर्या | श्रीलंका | 445 | 48 |
| 3 | विराट कोहली | भारत | 306 | 44 |
| 4 | जैक कैलिस | दक्षिण अफ्रीका | 328 | 32 |
| 5 | रिकी पोंटिंग | ऑस्ट्रेलिया | 375 | 32 |
(आंकड़े ESPNcricinfo StatsGuru और ICC ODI archives से सत्यापित:
अब दिलचस्प यही है कि जिस रफ्तार से विराट कोहली POTM जीतते आए हैं, वह फैन्स और विश्लेषकों के बीच एक नया सवाल उठा रहा है—क्या कोहली सचिन का यह रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं?
सचिन तेंदुलकर – 62 POTM: एक रिकॉर्ड जो या तो अटूट है… या बस इंतजार कर रहा है
सचिन की 62 POTM ट्रॉफियों के पीछे है लगभग हर परिस्थिति में मैच बदल देने वाली पारियाँ—
शारजाह का डेज़र्ट स्टॉर्म, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्लासिक पीछा, वर्ल्ड कप में लगातार रन…
सचिन का खेल सिर्फ बनाए गए अंकों का नहीं था, बल्कि कब बनाए इसका था।
463 मैचों में 62 अवॉर्ड—औसतन हर 7.5 मैच में एक POTM।
आज भी किसी भी फॉर्मेट में यह निरंतरता दुबारा देखना मुश्किल है।
सनत जयसूर्या – टी20 युग के आने से पहले ही टी20 जैसा क्रिकेट
जयसूर्या ने श्रीलंका के लिए जो रोल निभाया, वह पावरप्ले के मायने बदल देने वाला था।
उनकी 48 POTM ट्रॉफियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि वह सिर्फ एग्रेसिव ओपनर नहीं थे—वे मैच स्टैंप करने वाले खिलाड़ी थे।
445 मैचों में 48 POTM—प्रत्येक नौ मैच में एक अवॉर्ड।
उनका प्रभाव रन से ज्यादा इम्पैक्ट मिनट्स से मापा जाता है।
विराट कोहली – आधुनिक युग के सबसे खतरनाक चेज़ मास्टर
अब बात आती है विराट कोहली की—
306 मैच, 44 POTM—यानी औसतन हर 6.9 मैच में एक प्लेयर ऑफ द मैच।
यह आँकड़ा साफ बताता है कि कोहली की निरंतरता सचिन और जयसूर्या दोनों से बेहतर दर पर है।
और दिलचस्प बात—कोहली अभी भी खेल रहे हैं, और वनडे फॉर्मेट पर पूरा फोकस है।
इस बात का अंदाजा इसी से लगाइए कि:
- चैंपियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल – POTM
- SA vs IND पहला वनडे – POTM
- कई निर्णायक पीछों में अकेले मैच का समीकरण बदल दिया
कोहली का खेल सिर्फ रनों से नहीं, बल्कि उनकी “स्थिति बदलने की क्षमता” से मापा जाता है।
POTM एक ऐसा पुरस्कार है जो बताता है—किसने मैच का चेहरा बदल दिया।
और इस काम में कोहली शायद इस पीढ़ी में सबसे आगे हैं।
जैक कैलिस – क्रिकेट का सबसे संतुलित दिग्गज
32 POTM शायद कम लगे, लेकिन कैलिस के साथ माहौल दूसरा था।
एक ऑलराउंडर होने के नाते कई बार उनकी भूमिका “अदृश्य हीरो” जैसी रहती थी—
लेकिन फिर भी 32 POTM हासिल करना आसान नहीं।
उनकी बल्लेबाजी + गेंदबाजी + स्लिप फ़ील्डिंग—कुल मिलाकर वह तीन खिलाड़ियों का काम अकेले करते थे।
रिकी पोंटिंग – एकमात्र ऑस्ट्रेलियाई, लेकिन सबसे कंजर्वेटिव खेल शैली
दुनिया के सबसे सफल कप्तानों में से एक—पोंटिंग—32 POTM के साथ इस लिस्ट में पाँचवे नंबर पर हैं।
ऑस्ट्रेलियाई टीम में प्रभाव कई खिलाड़ियों में बंटा रहता था—हैडन, गिलक्रिस्ट, ली, मैक्ग्रा—इसलिए POTM की संख्या उतनी बड़ी नहीं दिखती।
लेकिन जब मैच बड़ा होता था, पोंटिंग सामने खड़े मिलते थे—जैसे 2003 वर्ल्ड कप फाइनल।
क्या विराट कोहली सचिन का रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे?
अब यही सबसे बड़ा सवाल है।
गणित कहता है—हाँ, हो सकता है।
लेकिन उसकी एक शर्त है—कोहली को अगले 3–4 साल इसी लय में वनडे खेलते रहना होगा।
कोहली vs सचिन – POTM दर
| खिलाड़ी | मैच/1 POTM | POTM |
|---|---|---|
| सचिन | 7.47 | 62 |
| कोहली | 6.95 | 44 |
कोहली की मौजूदा दर से देखें तो:
- सचिन का 62 अवॉर्ड का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए कोहली को 18 POTM और चाहिए।
- उनकी दर के अनुसार, यह हासिल करने में लगभग 120–130 मैच लगेंगे।
क्या कोहली उतने ODI खेलेंगे?
यह अब चयन, फिटनेस, और उनकी खुद की प्राथमिकताओं पर निर्भर है।
लेकिन एक बात साफ है—चेज़ में कोहली क्रिकेट इतिहास के सबसे खतरनाक बल्लेबाज हैं, और इस वजह से POTM अवॉर्ड उनकी तरफ ज्यादा झुकता है।















