Asia Cup 2025 – पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा एशिया कप 2025 फाइनल से पहले सुर्खियों में हैं। रविवार को भारत और पाकिस्तान पहली बार एशिया कप फाइनल में आमने-सामने होंगे। इस बड़े मुकाबले से पहले आगा ने साफ किया कि वह अपने खिलाड़ियों को खुद को अभिव्यक्त करने से नहीं रोकेंगे, बशर्ते उनका रवैया अनादरपूर्ण न हो।
आक्रामकता है पाकिस्तान की पहचान
पिछले मैचों में हारिस रऊफ के भड़काऊ हाव-भाव ने बहस छेड़ दी थी। इस पर कप्तान आगा ने कहा—
“हर खिलाड़ी को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का अधिकार है। अगर तेज गेंदबाजों को रोका जाए तो फिर बचेगा ही क्या? जब तक कोई अनादर नहीं दिखाता, मैं किसी को नहीं रोकूंगा।”
फाइनल का दबाव और गलतियों से सीख
आगा ने स्वीकार किया कि भारत-पाक मैचों का दबाव अलग ही होता है। उन्होंने कहा—
“पिछले दो मैचों में हम इसलिए हारे क्योंकि हमने ज्यादा गलतियां कीं। फाइनल में दोनों टीमों पर बराबर दबाव होगा। भारतीय मीडिया क्या कहती है, इससे हमें फर्क नहीं पड़ता। हमारा फोकस सिर्फ बुनियादी चीजों को सही करना है।”
खुद पर की आलोचना
कप्तान ने अपने प्रदर्शन को लेकर भी बेबाकी दिखाई। उन्होंने कहा—
“हां, मैंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। मेरा स्ट्राइक रेट उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। जरूरी नहीं कि हमेशा 150 के स्ट्राइक रेट से खेला जाए। हालात के हिसाब से खेलना अहम है।”
खेल भावना पर जोर
भारत-पाक मुकाबले अक्सर भावनाओं से भरे होते हैं, लेकिन आगा ने कहा कि खेल भावना हमेशा बनी रही है।
“मैंने 2007 में अंडर-16 क्रिकेट खेलना शुरू किया था। तब भी जब भारत-पाक संबंध खराब थे, हम हाथ मिलाते थे। किसी टीम को हाथ मिलाने से परहेज करते नहीं देखा।”
ट्रॉफी पर नजर
आगा ने खिलाड़ियों से कहा कि उन्हें सिर्फ उसी चीज पर ध्यान देना है, जो उनके नियंत्रण में है।
“हम बाहर की चीजों को नियंत्रित नहीं कर सकते। हमारे हाथ में सिर्फ एक ही चीज है—और वो है एशिया कप जीतना।”














