Samson : बस एक पारी दूर हैं—मोर्कल का संजू पर बड़ा बयान

Atul Kumar
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Samson

Samson – तीन मैच, 16 रन और हर पारी के बाद वही सवाल—संजू सैमसन को और कितने मौके?
लेकिन टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम के अंदर कहानी कुछ और ही चल रही है। बाहर शोर है, अंदर भरोसा।

न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 से ठीक पहले भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने साफ कर दिया कि संजू सैमसन अभी टीम मैनेजमेंट की योजना से बाहर नहीं हुए हैं। उल्टा, संदेश बिल्कुल सीधा है—“वह बस एक पारी दूर हैं।”

आंकड़े खराब हैं, लेकिन कहानी पूरी नहीं

न्यूजीलैंड के खिलाफ अब तक खेले गए तीन टी20 इंटरनेशनल में संजू सैमसन का बल्ला खामोश रहा है।

मैचरन
पहला टी203
दूसरा टी203
तीसरा टी2010
कुल16 रन

इन तीन मैचों में उनका सर्वोच्च स्कोर सिर्फ 10 रहा है। तुलना करें तो दूसरी तरफ अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर हावी नजर आए हैं। ऐसे में स्वाभाविक है कि संजू पर सवाल उठें।

लेकिन टीम मैनेजमेंट सिर्फ स्कोरकार्ड नहीं देख रहा।

मोर्ने मोर्कल का भरोसा: बस एक पारी दूर

चौथे टी20 की पूर्व संध्या पर मोर्ने मोर्कल ने संघर्ष कर रहे सलामी बल्लेबाज का खुलकर बचाव किया।

उनके शब्दों में,
“संजू बस एक अच्छी पारी दूर हैं। एक पारी जो उन्हें आत्मविश्वास दे दे और फिर सब कुछ बदल सकता है। वर्ल्ड कप की तैयारी में यह जरूरी है कि खिलाड़ी सही समय पर अपनी फॉर्म पकड़ें।”

मोर्कल का फोकस साफ है—पीक फॉर्म सही वक्त पर, न कि हर सीरीज में।

नेट्स में पसीना, इरादे साफ

भले ही यह वैकल्पिक नेट सेशन था, लेकिन संजू सैमसन सबसे ज्यादा देर तक अभ्यास करने वालों में शामिल रहे।
करीब 30 मिनट से ज्यादा उन्होंने लगातार बल्लेबाजी की।

नेट्स में उन्होंने सामना किया:

  • अक्षर पटेल
  • वरुण चक्रवर्ती
  • अभिषेक शर्मा
  • साइड-आर्म गेंदबाज रघु

शुरुआत में टाइमिंग थोड़ी गड़बड़ रही, लेकिन कुछ ही मिनटों बाद वही पुराना संजू दिखा—खुले कंधे, सीधे शॉट्स और लंबे हिट्स। गेंद एसीए-वीडीसीए स्टेडियम के चारों ओर उड़ती नजर आई।

गंभीर–कोटक के साथ लंबी बातचीत

नेट सेशन के बाद सबसे दिलचस्प दृश्य तब दिखा, जब संजू सैमसन मुख्य कोच गौतम गंभीर और बैटिंग कोच सितांशु कोटक के साथ नेट्स के किनारे लंबी चर्चा में डूबे नजर आए।

कोई कैमरे के लिए बयान नहीं,
कोई ड्रामा नहीं—
बस तकनीक, शॉट सिलेक्शन और माइंडसेट पर बात।

उधर, श्रेयस अय्यर अपना अभ्यास जारी रखे हुए थे, लेकिन संजू के साथ हुई यह बातचीत साफ इशारा कर रही थी कि टीम उन्हें अभी भी एक वर्क-इन-प्रोग्रेस प्रोजेक्ट मान रही है, बोझ नहीं।

टीम जीत रही है, यही सबसे जरूरी

मोर्कल ने सबसे अहम लाइन अंत में कही—और वही पूरी सोच को बयान करती है।

“अभी सबसे जरूरी बात यह है कि टीम जीत रही है। हम इस सीरीज में 3-0 से आगे हैं। व्यक्तिगत प्रदर्शन बाद में आता है।”

यानी संजू पर दबाव इसलिए कम है क्योंकि:

  • भारत सीरीज में 3-0 से आगे है
  • टीम का बैलेंस काम कर रहा है
  • प्रयोग करने की गुंजाइश मौजूद है

वर्ल्ड कप एंगल: यही वजह है भरोसे की

यह सिर्फ न्यूजीलैंड सीरीज नहीं है।
यह आने वाले टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी है।

मैनेजमेंट जानता है:

  • फॉर्म स्थायी नहीं होती
  • क्लास स्थायी होती है

और संजू सैमसन की क्लास पर किसी को शक नहीं। मोर्कल ने भी यही इशारा किया कि वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले अभी कुछ मैच बाकी हैं—और वही संजू के लिए सबसे बड़ा मौका हैं।

बड़ी तस्वीर: सवाल नहीं, सही वक्त

संजू सैमसन के साथ टीम इंडिया फिलहाल “अब या कभी नहीं” वाला खेल नहीं खेल रही।
यह एक लॉन्ग-टर्म माइंडसेट है।

तीन खराब मैच?
हां।

लेकिन टीम 3-0 से आगे है, खिलाड़ी नेट्स में मेहनत कर रहा है, कोचिंग स्टाफ लगातार बातचीत में है—तो संदेश साफ है।

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