Sarfaraz – साल का आखिरी दिन था, मैदान पर भीड़ कम नहीं थी, और गेंदबाज़ों के पास छिपने की कोई जगह नहीं। विजय हजारे ट्रॉफी के मुकाबले में सरफराज खान ने ऐसा तूफान मचाया कि स्कोरबोर्ड भी कुछ देर के लिए थम-सा गया।
घरेलू क्रिकेट के ‘रन मशीन’ ने बुधवार को अपनी सबसे यादगार पारियों में से एक खेलते हुए यह जता दिया कि फॉर्म क्लास से बड़ी चीज़ होती है—और क्लास कभी जाती नहीं।
मुंबई बनाम गोवा मैच में सरफराज ने सिर्फ 75 गेंदों में 157 रन ठोक दिए। यह पारी सिर्फ तेज़ नहीं थी, यह एक बयान थी—आईपीएल से ठीक पहले, चेन्नई सुपर किंग्स के लिए भी और भारतीय चयनकर्ताओं के लिए भी।
75 गेंद, 157 रन: साल का सबसे तेज़ संदेश
सरफराज खान ने जिस अंदाज़ में गोवा के गेंदबाज़ों की लाइन-लेंथ बिगाड़ी, वह लिस्ट-A क्रिकेट में कम ही देखने को मिलता है। मैदान के हर कोने में शॉट्स, बीच-बीच में लंबे छक्के और स्ट्राइक रोटेशन ऐसा कि फील्डिंग टीम हांफने लगी।
यह पारी ऐसे वक्त आई है जब सरफराज का करियर एक अजीब मोड़ पर खड़ा है—घरेलू क्रिकेट में रन ही रन, लेकिन इंटरनेशनल टीम के दरवाज़े अब भी आधे खुले।
आईपीएल 2026 की नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स ने जब उन्हें अपनी टीम में शामिल किया, तब कई लोगों ने इसे “लो-की स्मार्ट पिक” कहा था। बुधवार की पारी के बाद, यह पिक अब स्मार्ट नहीं—स्ट्रैटेजिक लगने लगी है।
रोहित शर्मा का रिकॉर्ड टूटा, इतिहास रचा
इस पारी के साथ सरफराज खान ने मुंबई क्रिकेट के इतिहास में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
- मुंबई के लिए सबसे तेज़ लिस्ट-A शतक
- पुराना रिकॉर्ड: रोहित शर्मा – 62 गेंद (सिक्किम के खिलाफ)
- नया रिकॉर्ड: सरफराज खान – 56 गेंद
यह सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि एक पीढ़ीगत ट्रांजिशन का संकेत है। रोहित शर्मा—मुंबई क्रिकेट का पोस्टर बॉय—और अब सरफराज खान, जो घरेलू क्रिकेट की सबसे तेज़ रफ्तार बन चुके हैं।
मुशीर खान का साथ, मुंबई का पहाड़ जैसा स्कोर
सरफराज की इस ऐतिहासिक पारी में उनका साथ निभाया छोटे भाई मुशीर खान ने। दोनों के बीच साझेदारी सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं थी—यह टाइमिंग, समझ और आत्मविश्वास का मेल था।
नतीजा?
- मुंबई का स्कोर: 444/8 (50 ओवर)
- टूर्नामेंट के इतिहास के सबसे बड़े स्कोरों में से एक
यह स्कोर ऐसा था, जिसे देखने के बाद ही मैच का रुख तय हो गया था। गोवा की टीम दबाव में आई—और वह दबाव आख़िर तक बना रहा।
आंकड़ों में सरफराज: घरेलू से इंटरनेशनल तक
अगर सिर्फ इस पारी को देखें, तो यह एक शानदार दिन लगता है। लेकिन सरफराज खान का करियर इससे कहीं बड़ा कैनवस है।
टेस्ट क्रिकेट (भारत के लिए):
- मैच: 6
- रन: 371
- औसत: 37.10
- स्ट्राइक रेट: 74.94
- सर्वोच्च स्कोर: 150
फिर भी, हैरानी की बात यह है कि इतने ठोस आंकड़ों के बावजूद उन्हें किसी भी फॉर्मेट में नियमित मौका नहीं मिला।
IPL 2026: अनसोल्ड से CSK तक का सफर
आईपीएल 2026 की नीलामी सरफराज के लिए आसान नहीं रही।
- पहले राउंड में: कोई बोली नहीं
- बाद में: चेन्नई सुपर किंग्स ने खरीदा
- उम्र: 28 साल
यह वही सरफराज हैं जिन्होंने—
- RCB के लिए 2015 में आईपीएल डेब्यू किया
- पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के लिए भी खेले
- आखिरी आईपीएल मैच: 2023, दिल्ली कैपिटल्स vs सनराइजर्स हैदराबाद
इसके बाद दो सीज़न तक उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला। ऐसे में यह विजय हजारे ट्रॉफी की पारी सिर्फ रन नहीं—रिडेम्प्शन स्टोरी है।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी: पहले ही दे चुके थे ट्रेलर
अगर किसी को यह पारी अचानक लगी हो, तो उसे आंकड़ों पर दोबारा नज़र डालनी चाहिए।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (इस साल):
- रन: 329
- औसत: 82.25
- स्ट्राइक रेट: 204.34
- शतक: 1
यह आंकड़े टी20 क्रिकेट के हैं—और ऐसे वक्त में आए हैं जब भारत अगले सालों में टी20 फॉर्मेट पर भारी फोकस करने वाला है।
चयनकर्ताओं के लिए सवाल, सरफराज के लिए जवाब
सरफराज खान का इंटरनेशनल करियर इस वक्त एक सवाल बन चुका है।
सवाल यह नहीं कि वह रन बना सकते हैं या नहीं।
सवाल यह है—कितने रन काफी हैं?
घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन, आईपीएल में नई जिंदगी, और अब विजय हजारे ट्रॉफी में यह ऐतिहासिक पारी—यह सब मिलकर एक ही बात कहता है।
दरवाज़ा खटखटाया नहीं जा रहा।
दरवाज़े पर दस्तक दी जा चुकी है।
क्या CSK को मिल गया मिडिल ऑर्डर का एक्स-फैक्टर?
चेन्नई सुपर किंग्स की पहचान हमेशा से खिलाड़ियों को दूसरा मौका देने की रही है। एमएस धोनी की कप्तानी (या मेंटरशिप) में कई करियर दोबारा खड़े हुए हैं।
सरफराज खान—
- मिडिल ऑर्डर में आक्रामक
- स्पिन के खिलाफ सहज
- दबाव में रन बनाने की आदत
आईपीएल से ठीक पहले आई यह पारी CSK कैंप में सुकून लेकर ही गई होगी।
रन बोले, शोर नहीं
सरफराज खान ज्यादा बातें नहीं करते।
उनका बल्ला ही उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस है।
75 गेंदों में 157 रन—यह पारी सिर्फ विजय हजारे ट्रॉफी का हिस्सा नहीं रही। यह उस खिलाड़ी की कहानी थी, जिसने इंतज़ार किया, मेहनत की और फिर सही वक्त पर जोरदार दस्तक दी।
अगर क्रिकेट सच में मेरिट पर चलता है, तो इस पारी के बाद सरफराज को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।















