ICC : महिला वर्ल्ड कप जीत की गूंज शेफाली वर्मा और साइमन हार्मर बने ICC स्टार्स

Atul Kumar
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ICC – नवी मुंबई की उस रात स्टेडियम में शोर था, लेकिन भारतीय ड्रेसिंग रूम में सुकून। वजह एक 21 साल की सलामी बल्लेबाज़, जिसने विश्व कप फाइनल को सिर्फ खेला नहीं—अपने नाम कर लिया।

अब उसी प्रदर्शन पर आईसीसी की आधिकारिक मुहर लग चुकी है। शेफाली वर्मा को नवंबर 2025 के लिए आईसीसी महिला ‘प्लेयर ऑफ द मंथ’ चुना गया है, और यह सम्मान सीधे महिला वर्ल्ड कप फाइनल की उस 87 रन की पारी से जुड़ा है जिसने भारत को पहली बार विश्व चैंपियन बनाया।

फाइनल की वो पारी जिसने इतिहास बदला

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ महिला वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में भारत की शुरुआत दबाव में थी। प्रतिका रावल की चोट के बाद टूर्नामेंट में सीधे सेमीफाइनल से एंट्री, घरेलू दर्शकों की उम्मीदें, और सामने एक अनुशासित साउथ अफ्रीकी बॉलिंग अटैक—पर शेफाली वर्मा के लिए ये सब सिर्फ बैकग्राउंड नॉइज़ था।

उन्होंने 78 गेंदों में 87 रन की पारी खेली, जो महिला विश्व कप फाइनल में किसी भारतीय सलामी बल्लेबाज़ का अब तक का सर्वोच्च स्कोर है। स्मृति मंधाना के साथ पहले विकेट के लिए 104 रन की साझेदारी ने मैच की दिशा पहले ही तय कर दी थी। भारत ने सात विकेट पर 298 रन बनाए—एक ऐसा स्कोर, जो फाइनल जैसे मैच में अक्सर ‘मैच से बाहर’ कर देता है।

दक्षिण अफ्रीका लक्ष्य के दबाव में बिखर गया और भारत ने 52 रन से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया।

‘महीने की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी’—पहली बार, लेकिन यादगार अंदाज़ में

आईसीसी ने नवंबर महीने के लिए महिला वर्ग में शेफाली वर्मा को यह पुरस्कार थाईलैंड की थीपैचा पुथावोंग और यूएई की ईशा ओझा से आगे रखते हुए दिया। यह शेफाली के करियर का पहला ‘प्लेयर ऑफ द मंथ’ अवॉर्ड है, लेकिन टाइमिंग ऐसी है जिसे कोई स्क्रिप्ट भी बेहतर नहीं लिख सकती।

आईसीसी की विज्ञप्ति में शेफाली ने कहा,
“आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप में मेरा पहला अनुभव मेरी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन इसका अंत मेरी कल्पना से भी बेहतर रहा। फाइनल में टीम की जीत में योगदान देना और घरेलू दर्शकों के सामने विश्व कप जीतना—यह हमेशा मेरे साथ रहेगा।”

उन्होंने आगे कहा कि यह पुरस्कार वह अपने टीममेट्स, कोचिंग स्टाफ और परिवार को समर्पित करती हैं। “हम एक टीम के रूप में जीतते हैं और हारते हैं, और यही बात इस अवॉर्ड पर भी लागू होती है।”

शेफाली की पारी क्यों थी ‘टूर्नामेंट-डिफाइनिंग’?

यह सिर्फ रन बनाने की बात नहीं थी। शेफाली ने फाइनल में तीन अहम चीज़ें कीं—

  1. पावरप्ले को अपने नियंत्रण में रखा
  2. रिस्क और रोटेशन का बैलेंस बनाए रखा
  3. मिडिल ओवर्स में रन रेट गिरने नहीं दिया

उनकी बल्लेबाज़ी में वह परिपक्वता दिखी जो आमतौर पर 21 की उम्र में नहीं आती। यही वजह है कि यह पारी अब सिर्फ स्कोरकार्ड का हिस्सा नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के टर्निंग पॉइंट्स में गिनी जा रही है।

पुरुष वर्ग में साउथ अफ्रीका का दबदबा—साइमन हार्मर

महिला वर्ग के साथ-साथ पुरुषों में भी नवंबर का ‘प्लेयर ऑफ द मंथ’ अवॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के ऑफ स्पिनर साइमन हार्मर को मिला। भारत के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज़ में हार्मर ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने 25 साल का सूखा खत्म कर दिया।

36 वर्षीय हार्मर ने इस सीरीज़ में 17 विकेट लिए और दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 2-0 से क्लीन स्वीप कर दिया—जो भारतीय घरेलू क्रिकेट इतिहास में बेहद दुर्लभ है।

टेस्ट सीरीज़ में हार्मर का प्रदर्शन

टेस्टपारियांविकेट
कोलकातापहली + दूसरी4 + 4
गुवाहाटीपहली + दूसरी3 + 6
कुल4 पारियां17 विकेट

सीरीज़ में उनका औसत 8.94 और इकॉनमी 1.91 रही—आंकड़े जो टेस्ट क्रिकेट में बॉलिंग डॉमिनेशन की परिभाषा बदल देते हैं।

हार्मर ने इस पुरस्कार की दौड़ में बांग्लादेश के तैजुल इस्लाम और पाकिस्तान के मोहम्मद नवाज को पीछे छोड़ा। यह उनके करियर का भी पहला ‘प्लेयर ऑफ द मंथ’ अवॉर्ड है।

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका—एक महीने, दो कहानियाँ

नवंबर 2025 का महीना भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच क्रिकेटिंग नैरेटिव का दिलचस्प अध्याय बन गया।
एक तरफ—नवी मुंबई में भारत की महिला टीम ने विश्व कप उठाया।
दूसरी तरफ—भारतीय धरती पर साउथ अफ्रीका ने टेस्ट सीरीज़ जीतकर इतिहास रच दिया।

और दोनों कहानियों के केंद्र में दो नाम—शेफाली वर्मा और साइमन हार्मर।

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