ODI : बेंगलुरु में नेट्स पर लौटे श्रेयस अय्यर – टीम इंडिया वापसी के संकेत

Atul Kumar
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ODI – बेंगलुरु की ठंडी सुबह, बीसीसीआई का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और नेट्स में हल्की-हल्की बल्लेबाज़ी करते श्रेयस अय्यर—यह सिर्फ एक प्रैक्टिस सेशन नहीं था, बल्कि टीम इंडिया में वापसी की तरफ़ एक साफ़ संकेत था।

लंबे इलाज, दर्द और अनिश्चितता के दौर के बाद श्रेयस ने फिर से बैट पकड़ लिया है। पूरी रफ्तार नहीं, पूरा ज़ोर नहीं, लेकिन इरादा बिल्कुल साफ़ है।

न्यूज़ीलैंड सीरीज़ से पहले श्रेयस अय्यर की यह हलचल भारतीय क्रिकेट सर्कल में तुरंत चर्चा का विषय बन गई है।

बेंगलुरु में वापसी की पहली तस्वीर

श्रेयस अय्यर ने खुद बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह फिट और रिलैक्स्ड दिखे। इसके साथ ही पंजाब किंग्स ने उनका एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह नेट्स के अंदर बल्लेबाज़ी करते नज़र आ रहे हैं।

वीडियो में कोई आक्रामक शॉट्स नहीं थे, कोई ज़ोरदार पुल या कट नहीं—लेकिन टाइमिंग थी, बैलेंस था और सबसे अहम बात, कॉन्फिडेंस था।

एक दिलचस्प बात यह रही कि श्रेयस ने उस हिस्से पर प्रोटेक्टिव गियर पहन रखा था, जहां उन्हें ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ के दौरान गंभीर चोट लगी थी। यह दिखाता है कि वापसी भले शुरू हो चुकी हो, लेकिन सावधानी पूरी बरती जा रही है।

मेडिकल टीम की कड़ी निगरानी में अभ्यास

श्रेयस फिलहाल बीसीसीआई की मेडिकल टीम की सीधी निगरानी में ट्रेनिंग कर रहे हैं।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने अपने घर के पास अल्ट्रासाउंड स्कैन करवाया था, जिसकी समीक्षा मशहूर स्पोर्ट्स मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. दिनशॉ परदीवाला ने की।

रिपोर्ट्स में राहत की खबर यह रही कि:

  • चोट में लगातार सुधार के संकेत मिले
  • आंतरिक स्थिति अब स्थिर है
  • उन्हें बेसिक आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज़ की अनुमति मिल चुकी है
  • डेली रूटीन धीरे-धीरे शुरू करने का ग्रीन सिग्नल मिला है

यानी, रिकवरी सही दिशा में है—लेकिन अभी अधूरी।

न्यूजीलैंड सीरीज़ से दूरी तय मानी जा रही है

हालांकि तस्वीरें और वीडियो उत्साह बढ़ाते हैं, लेकिन हकीकत थोड़ी अलग है। मौजूदा हालात को देखते हुए न्यूजीलैंड के खिलाफ 11 जनवरी से शुरू होने वाली वनडे सीरीज़ में श्रेयस अय्यर का खेलना लगभग नामुमकिन माना जा रहा है।

बीसीसीआई का फोकस साफ है:

  • जल्दबाज़ी नहीं
  • रिस्क नहीं
  • पूरी तरह फिट होने के बाद ही मैदान में वापसी

यही वजह है कि चयनकर्ता और मेडिकल टीम, दोनों ही लॉन्ग टर्म सोच के साथ चल रहे हैं।

विजय हजारे ट्रॉफी से हो सकती है वापसी

श्रेयस अय्यर को जब तक बीसीसीआई की सह-कार्य समिति (CoE) से पूरी तरह क्लियरेंस नहीं मिल जाती, तब तक उन्हें किसी भी प्रतिस्पर्धी मैच में खेलने की इजाज़त नहीं मिलेगी।

संभावना यही जताई जा रही है कि:

  • पहले CoE में पूरा रिहैब पूरा होगा
  • फिर विजय हजारे ट्रॉफी के ज़रिए मैच फिटनेस की टेस्टिंग होगी
  • उसके बाद ही टीम इंडिया में वापसी पर फैसला लिया जाएगा

यह वही रास्ता है, जो हाल के सालों में कई सीनियर खिलाड़ियों के लिए अपनाया गया है।

ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ में लगी थी गंभीर चोट

श्रेयस अय्यर की चोट मामूली नहीं थी।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज़ के तीसरे मुकाबले में उन्हें स्प्लीन (प्लीहा) में चोट लगी थी।

स्प्लीन:

  • पसली के पिंजरे के ठीक नीचे स्थित अंग
  • शरीर में रक्त फिल्टर करने का काम करता है

इस चोट के कारण:

  • श्रेयस को आंतरिक रक्तस्राव हुआ
  • लंबा इलाज और कड़ा मेडिकल प्रोटोकॉल अपनाना पड़ा
  • वे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पूरी वनडे सीरीज़ से बाहर हो गए

उनकी जगह टीम में ऋतुराज गायकवाड़ को शामिल किया गया था।

वनडे टीम के लिए क्यों अहम हैं श्रेयस?

श्रेयस अय्यर फिलहाल:

  • टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं
  • टी20 सेटअप से भी बाहर
  • लेकिन वनडे क्रिकेट में भारत के सबसे भरोसेमंद मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज़

और इतना ही नहीं, वे वनडे टीम के उपकप्तान भी हैं।
ऐसे में उनकी वापसी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि लीडरशिप की वापसी भी मानी जाएगी।

जल्दबाज़ी क्यों नहीं चाहता बोर्ड?

बीसीसीआई की सोच बिल्कुल साफ है—
2027 वर्ल्ड कप को देखते हुए किसी भी अहम खिलाड़ी के साथ लॉन्ग टर्म रिस्क नहीं लिया जाएगा।

स्प्लीन इंजरी के मामलों में:

  • दोबारा चोट का खतरा ज्यादा होता है
  • जल्दी वापसी जानलेवा भी हो सकती है
  • इसलिए फुल क्लियरेंस सबसे ज़रूरी

इसी वजह से न्यूजीलैंड सीरीज़ में उनकी गैरमौजूदगी को लेकर बोर्ड कोई समझौता नहीं करेगा।

वापसी शुरू लेकिन सफर अभी लंबा

श्रेयस अय्यर का नेट में उतरना, बैटिंग करना और मुस्कुराते हुए तस्वीर शेयर करना—ये सब सकारात्मक संकेत हैं। लेकिन टीम इंडिया में उनकी वापसी अभी एक-दो हफ्तों की नहीं, बल्कि सही समय की लड़ाई है।

रिकवरी सही दिशा में है।
कॉन्फिडेंस लौट रहा है।
और सबसे अहम बात—बीसीसीआई कोई जल्दबाज़ी नहीं कर रहा।

अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक चला, तो विजय हजारे ट्रॉफी से शुरू होकर श्रेयस अय्यर की कहानी फिर से नीली जर्सी तक पहुंचेगी।

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