Zimbabwe – कभी विश्व क्रिकेट में “डार्क हॉर्स” कहे जाने वाले जिम्बाब्वे को आज फिर से अपनी पहचान तलाशनी पड़ रही है। नतीजे लंबे वक्त से साथ नहीं दे रहे, रैंकिंग नीचे है, और बड़ी जीतें यादों में सिमट चुकी हैं। लेकिन कप्तान सिकंदर रजा को भरोसा है कि T20 वर्ल्ड कप 2026 वही मंच बन सकता है, जहां से जिम्बाब्वे एक बार फिर दुनिया को अपनी मौजूदगी का अहसास कराएगा।
दक्षिण अफ्रीका में चल रही SA20 लीग के बीच रजा की बातों में आत्मविश्वास भी था और यथार्थ की समझ भी। कोई खोखला दावा नहीं—बस साफ सोच: अच्छा क्रिकेट खेलो, नतीजे अपने आप आएंगे।
“विश्व क्रिकेट में सम्मान चाहिए तो विश्व कप जरूरी है” – रजा
पार्ल रॉयल्स और MI केपटाउन के मैच के बाद SA20 की आधिकारिक बातचीत में सिकंदर रजा ने दिल की बात कही।
उनके शब्दों में,
“विश्व कप हर क्रिकेटर के जीवन में अहम होता है। अगर जिम्बाब्वे को विश्व क्रिकेट में और सम्मान पाना है, तो इसके लिए विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन बहुत जरूरी है।”
ये बयान सिर्फ कप्तान का नहीं, बल्कि उस खिलाड़ी का है जो सालों से फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट खेलते हुए जानता है कि बड़े मंच पर एक-दो दमदार मैच पूरी धारणा बदल सकते हैं।
SA20 में प्रदर्शन, आत्मविश्वास का आधार
रविवार को MI केपटाउन के खिलाफ सात विकेट की जीत में रजा ने सिर्फ कप्तानी ही नहीं की, बल्कि गेंद से भी कमाल दिखाया। उन्होंने चार विकेट लेकर साबित किया कि वह अब भी मैच विनर हैं।
रजा का मानना है कि SA20 जैसे टूर्नामेंट—
- दबाव में खेलने की आदत डालते हैं
- अलग-अलग कंडीशंस के लिए खिलाड़ियों को तैयार करते हैं
- और आत्मविश्वास लौटाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं
नतीजों से ज्यादा प्रक्रिया पर फोकस
रजा की सोच यहीं सबसे अलग दिखती है। वह नतीजों की गारंटी नहीं देते, बल्कि तैयारी पर भरोसा रखते हैं।
उन्होंने कहा,
“नतीजे हमारे हाथ में नहीं होते। हम उनके बारे में ज्यादा नहीं सोचते। हमारा फोकस अच्छा क्रिकेट खेलने पर है, और ऐसा करेंगे तो नतीजे खुद मिलेंगे।”
एक ऐसी टीम के लिए, जो अक्सर दबाव में टूट जाती है, यह माइंडसेट बेहद अहम है।
ग्रुप B: आसान नहीं होगी राह
T20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे को ग्रुप B में रखा गया है। यह ग्रुप चुनौतीपूर्ण है, लेकिन असंभव नहीं।
| टीम |
|---|
| ऑस्ट्रेलिया |
| श्रीलंका |
| आयरलैंड |
| ओमान |
| जिम्बाब्वे |
पूर्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया और एशियाई परिस्थितियों की माहिर श्रीलंका—दोनों के सामने टिकना आसान नहीं होगा। लेकिन T20 क्रिकेट का स्वभाव ही यही है: एक अच्छा दिन, पूरी तस्वीर बदल सकता है।
श्रीलंका की पिचें और जिम्बाब्वे का स्पिन भरोसा
ग्रुप मैच श्रीलंका में खेले जाएंगे, जहां पिचें आमतौर पर स्पिनरों की मददगार मानी जाती हैं। रजा इसे कमजोरी नहीं, बल्कि मौका मानते हैं।
उनका कहना है,
“अगर पिचें स्पिनरों की मददगार हुईं, तो हमारे पास अच्छे गेंदबाज़ हैं जो वहां असर डाल सकते हैं।”
जिम्बाब्वे की टीम में अनुभव और यंग टैलेंट का मिश्रण है, जो सही दिन पर खतरनाक साबित हो सकता है।
SA20 और ILT20 से क्यों मिल रही है मदद
रजा का मानना है कि वर्ल्ड कप से पहले ज्यादा से ज्यादा हाई-लेवल क्रिकेट खेलना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा,
“जितना ज्यादा खेल सकें, उतना बेहतर। हमारे तीन खिलाड़ी ILT20 भी खेल रहे हैं।”
SA20 और ILT20 जैसे टूर्नामेंट—
- तेज़ क्रिकेट की आदत डालते हैं
- बड़े खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने का अनुभव देते हैं
- और छोटे क्रिकेटिंग देशों के खिलाड़ियों को एक्सपोज़र देते हैं
खोई हुई पहचान और रजा की जिम्मेदारी
एक वक्त था जब एंडी फ्लावर, ग्रांट फ्लावर, हेनरी ओलंगा जैसे नामों से जिम्बाब्वे की पहचान होती थी। टीम कभी सबसे मजबूत नहीं रही, लेकिन सम्मान जरूर था।
पिछले करीब दो दशकों में वह सम्मान कहीं खो गया।
आज सिकंदर रजा उस जिम्मेदारी को अपने कंधों पर महसूस करते हैं—टीम को फिर से उसी सम्मान की ओर ले जाने की।
निजी दुख के बीच प्रोफेशनल प्रतिबद्धता
इस पूरी कहानी का सबसे भावुक पहलू रजा का निजी संघर्ष है। उनके छोटे भाई मुहम्मद माहिदी, जिनकी उम्र महज 13 साल थी, का हाल ही में बीमारी के कारण निधन हो गया।
इसके बावजूद रजा SA20 खेलने के लिए केपटाउन पहुंचे।
उन्होंने कहा,
“मेरे जीवन का वह हिस्सा हमेशा कठिन रहेगा। लेकिन अगर मैं मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से तैयार नहीं होता, तो यहां नहीं आता। मुझे लगा कि मैं योगदान दे सकता हूं, इसलिए आया।”
यह सिर्फ क्रिकेटर की नहीं, बल्कि एक मजबूत इंसान की बात है।
सम्मान की लड़ाई, उम्मीद के साथ
जिम्बाब्वे शायद ट्रॉफी का प्रबल दावेदार न हो, लेकिन T20 वर्ल्ड कप 2026 उनके लिए सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं है—यह पहचान, सम्मान और वापसी की लड़ाई है।
सिकंदर रजा के नेतृत्व में टीम बड़े दावे नहीं कर रही, लेकिन तैयारी, सोच और इरादे साफ हैं। और T20 क्रिकेट में, कभी-कभी इतना ही काफी होता है।















