Lalit Modi – आईपीएल इतिहास का सबसे कुख्यात अध्याय—2008 का ‘स्लैपगेट’—फिर से सुर्खियों में है। इस बार वजह बने हैं लीग के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी। उन्होंने हाल ही में एक पुराना वीडियो जारी किया, जिसमें हरभजन सिंह मैदान पर एस. श्रीसंत को थप्पड़ मारते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आते ही मामला फिर गरमा गया।
लेकिन असली तूफान तब उठा जब श्रीसंत की पत्नी भुवनेश्वरी ने ललित मोदी और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क पर सोशल मीडिया के ज़रिए गुस्सा निकाला। उन्होंने दोनों पर “सस्ती लोकप्रियता” और “पुराने जख्म कुरेदने” का आरोप लगाया।
श्रीसंत की पत्नी का आक्रोश
भुवनेश्वरी ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “ललित मोदी और माइकल क्लार्क शर्म करो। आप इंसान भी नहीं हैं कि सिर्फ अपनी पब्लिसिटी और विचारों के लिए 2008 की घटना को घसीट रहे हो। श्रीसंत और हरभजन दोनों अपनी जिंदगी में काफी आगे बढ़ चुके हैं। दोनों अब छोटे बच्चों के पिता हैं। ऐसे में पुराने घाव कुरेदना बेहद घिनौना और अमानवीय है।”
उनकी इस प्रतिक्रिया ने क्रिकेट फैंस को दो हिस्सों में बांट दिया—एक तरफ वो लोग जो मानते हैं कि स्लैपगेट की यादें भुला दी जानी चाहिएं, और दूसरी तरफ वो जो मानते हैं कि सच सामने आना जरूरी है।
ललित मोदी का पलटवार
भुवनेश्वरी की टिप्पणी पर अब ललित मोदी ने भी जवाब दिया है। उन्होंने आईएएनएस से कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि वो क्यों गुस्सा हो रही हैं। मुझसे सवाल पूछा गया था और मैंने सच बता दिया। श्रीसंत पीड़ित थे, और मैंने वही कहा। सच बोलना मेरी पहचान है। अगर पहले किसी ने मुझसे यह पूछा होता, तो मैं तब भी यही जवाब देता।”
ललित मोदी का यह बयान संकेत देता है कि वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि माइकल क्लार्क के पॉडकास्ट Beyond23 में जब उनसे स्लैपगेट पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने केवल वही कहा जो 2008 में हुआ था।
स्लैपगेट क्या था?
2008 में हुए आईपीएल के शुरुआती सीजन में किंग्स इलेवन पंजाब और मुंबई इंडियंस के बीच मैच के बाद हरभजन सिंह ने श्रीसंत को मैदान पर ही थप्पड़ जड़ दिया था। घटना इतनी चौंकाने वाली थी कि श्रीसंत लाइव कैमरे पर रोते हुए नजर आए। मामला उस वक्त इतना बड़ा हुआ कि हरभजन को मैच फीस गंवानी पड़ी और BCCI ने उन पर पाबंदी भी लगाई थी।
फिर क्यों उठा पुराना विवाद?
सवाल यही है कि 17 साल पुरानी घटना को क्यों उछाला गया। असल में, माइकल क्लार्क ने हाल ही में अपने पॉडकास्ट पर स्लैपगेट का जिक्र किया और ललित मोदी से इस पर सवाल किया। मोदी ने न केवल इस पर टिप्पणी की, बल्कि कथित तौर पर स्टेडियम सिक्योरिटी कैमरे का फुटेज भी साझा कर दिया। यही कदम भुवनेश्वरी को नागवार गुज़रा।
फैन्स की राय बंटी हुई
क्रिकेट समुदाय में इस पर बहस तेज है। कुछ लोग कह रहे हैं कि खिलाड़ियों को अपनी गलतियों से सीखकर आगे बढ़ने दिया जाना चाहिए। जबकि दूसरी ओर, कई लोग मानते हैं कि क्रिकेट इतिहास के सच को छिपाना या भुलाना सही नहीं।