Sourav Ganguly – कोलकाता का ईडन गार्डन्स रविवार रात सिर्फ एक और टी20 मैच का गवाह नहीं था। यह उन पलों में से एक था जब एक खिलाड़ी अपने बारे में चल रही बहसों को बल्ले से जवाब देता है। स्कोरबोर्ड पर 196 रन का लक्ष्य था, ऊपर से भारत के चार बड़े बल्लेबाज़ सस्ते में पवेलियन लौट चुके थे। लेकिन क्रीज़ पर खड़े संजू सैमसन ने घबराने के बजाय खेल को धीरे-धीरे अपने नियंत्रण में लिया। 50 गेंदों में नाबाद 97 रन… और भारत सेमीफाइनल में।
अब इस पारी पर भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने जो कहा, उसने चर्चा को और तेज़ कर दिया है। उनका साफ संदेश था—संजू सैमसन को सफेद गेंद के क्रिकेट में भारत के लिए लगातार खेलना चाहिए।
गांगुली का सीधा समर्थन
सौरव गांगुली ने सोमवार को कहा कि संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी को टीम में अनियमित तौर पर नहीं, बल्कि लगातार मौके मिलने चाहिए। उनके मुताबिक सैमसन का खेल ही ऐसा है जो मैच का रुख पलट सकता है।
गांगुली ने कहा, “वह बहुत अच्छा खिलाड़ी है। उसे भारत की सफेद गेंद की टीम में लगातार खेलना चाहिए—शत प्रतिशत।”
उन्होंने इस पारी को सिर्फ एक अच्छी पारी नहीं बल्कि दबाव में खेली गई मैच जिताऊ पारी बताया। गांगुली के मुताबिक यह मुकाबला लगभग क्वार्टर फाइनल जैसा था, और ऐसे मैच में 97 रन बनाकर नाबाद रहना किसी भी बल्लेबाज़ के कौशल और मानसिक मजबूती को दिखाता है।
जब टीम संकट में थी
भारत की पारी की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। शीर्ष क्रम जल्दी ढह गया और मैच अचानक वेस्टइंडीज की पकड़ में जाता दिखने लगा।
भारत के प्रमुख विकेट
| बल्लेबाज़ | स्थिति |
|---|---|
| अभिषेक शर्मा | जल्दी आउट |
| ईशान किशन | कम स्कोर |
| सूर्यकुमार यादव | सस्ते में आउट |
| हार्दिक पांड्या | टिक नहीं पाए |
ऐसे समय में अक्सर टीमें घबरा जाती हैं। लेकिन सैमसन ने खेल को संभाला। उन्होंने शुरुआत में जोखिम नहीं लिया, स्ट्राइक रोटेट की, और फिर मौके मिलने पर बड़े शॉट लगाए।
यह पारी सिर्फ पावर हिटिंग नहीं थी—यह मैच सिचुएशन को समझकर खेली गई पारी थी।
आलोचना पर गांगुली की हैरानी
गांगुली ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि पिछले कुछ महीनों में संजू सैमसन को लेकर कितनी आलोचना हो रही थी।
उन्होंने कहा कि विश्व कप से पहले अखबारों और चर्चाओं में अक्सर यही पढ़ने को मिलता था—
“संजू फिर विफल हो गया”
“उसे टीम में नहीं होना चाहिए”
“भारत में इतनी प्रतिभा है, किसी और को मौका मिलना चाहिए।”
लेकिन वही खिलाड़ी अब लगभग क्वार्टर फाइनल जैसे मुकाबले में 97 रन बनाकर टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाता है।
गांगुली ने कहा कि यही क्रिकेट की खूबसूरती है—एक पारी पूरी कहानी बदल सकती है।
परिस्थिति के अनुसार खेल
सैमसन की इस पारी की सबसे बड़ी खासियत उनका संयम था। जब विकेट गिर रहे थे, उन्होंने आक्रामकता को थोड़ा रोका और साझेदारी बनाने पर ध्यान दिया।
गांगुली ने कहा कि यह वही चीज़ है जो बड़े खिलाड़ी करते हैं—वे सिर्फ रन नहीं बनाते, बल्कि मैच की परिस्थिति के हिसाब से खेलते हैं।
यह भी दिलचस्प है कि पिछले कुछ महीनों में टीम संयोजन के कारण सैमसन को लगातार मौके नहीं मिले थे। कभी ईशान किशन ओपन कर रहे थे, कभी दूसरे विकल्प आजमाए जा रहे थे।
लेकिन इस पारी ने एक बार फिर बहस शुरू कर दी है—क्या सैमसन को अब स्थायी जगह मिलनी चाहिए?
सेमीफाइनल की असली परीक्षा
भारत ने वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल में जगह तो बना ली है, लेकिन आगे की राह आसान नहीं है। गांगुली का मानना है कि इंग्लैंड की टीम कहीं ज्यादा मजबूत चुनौती पेश करेगी।
उनके मुताबिक सेमीफाइनल में जीत के लिए भारत को उसी तरह का प्रदर्शन दोहराना होगा जैसा इस मैच में किया गया।
आगामी चुनौती
| मैच | स्थान | चुनौती |
|---|---|---|
| भारत vs इंग्लैंड | मुंबई | मजबूत बल्लेबाजी लाइन-अप |
इंग्लैंड की टीम टी20 क्रिकेट में बेहद आक्रामक मानी जाती है। उनके पास गहराई भी है और अनुभव भी।
इसलिए भारत को गेंदबाजी, बल्लेबाजी और फील्डिंग—तीनों विभागों में लगभग परफेक्ट खेल दिखाना होगा।















