Ganguly : दादा का बड़ा बयान तारिक सिर्फ एक ऑफ-स्पिनर

Atul Kumar
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Ganguly – कोलंबो में भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले चर्चा अगर किसी एक गेंदबाज पर सबसे ज्यादा है, तो वह हैं उस्मान तारिक। लेकिन पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली इस “हाइप” को ज्यादा तवज्जो देने के मूड में नहीं हैं। उनके मुताबिक तारिक बस एक साधारण ऑफ-स्पिनर हैं—थोड़ा रुककर गेंद छोड़ते हैं, बस इतना ही।

टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप ए मुकाबले से पहले कोलकाता में टी20 विश्व कप मैगजीन लॉन्च के दौरान गांगुली ने साफ कहा—भारत जैसी टीम के लिए यह कोई बड़ी चुनौती नहीं होनी चाहिए।

कुछ भी मुश्किल नहीं है

गांगुली ने पत्रकारों से कहा:

“टी20 में अंदाजा लगाना मुश्किल है, लेकिन भारत एक अच्छी टीम है और उन्हें हराना आसान नहीं है।”

तारिक के एक्शन पर उन्होंने सीधी टिप्पणी की:

“कुछ भी मुश्किल नहीं है, वह एक ऑफ-स्पिनर है और बस रुक-रुक कर गेंदबाजी करता है। भारत उसे अच्छे से खेलेगा।”

दरअसल, तारिक की “डिलीवरी स्ट्राइड” में हल्का सा ब्रेक—यानी गेंद फेंकने से पहले रफ्तार रोकना—बल्लेबाजों की टाइमिंग बिगाड़ने का प्रयास है। लेकिन गांगुली का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के बल्लेबाज इस तरह की विविधताओं से घबराते नहीं।

आंकड़े बनाम दबाव

28 वर्षीय तारिक ने अभी तक सिर्फ चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और 11 विकेट लिए हैं—आंकड़े प्रभावशाली दिखते हैं। लेकिन भारत-पाक मुकाबले का दबाव अलग स्तर का होता है।

मैचविकेटअनुभव
4 टी20I11सीमित

गांगुली का संकेत साफ है—बड़े मंच का अनुभव अलग चीज है।

टीम संयोजन पर गांगुली की राय

पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष ने भारतीय टीम में बदलाव की जरूरत नहीं मानी। उनके मुताबिक गेंदबाजी आक्रमण तय है:

  • अक्षर पटेल
  • वरुण चक्रवर्ती
  • जसप्रीत बुमराह
  • अर्शदीप सिंह

उन्होंने यह भी कहा कि बल्लेबाजी संतुलन बनाए रखना जरूरी है:

“मुझे नहीं लगता कि रिंकू की जगह कुलदीप को लाना चाहिए। आपको बल्लेबाजी विभाग का संतुलन भी देखना होता है। वही टीम खेलनी चाहिए।”

यानी गांगुली स्थिरता के पक्षधर हैं।

“एक इंसान मायने नहीं रखता”

जब अभिषेक शर्मा के फॉर्म पर सवाल पूछा गया, तो गांगुली का जवाब टीम-फर्स्ट मानसिकता वाला था:

“एक इंसान मायने नहीं रखता।”

यह बयान साफ करता है कि बड़े टूर्नामेंट टीम प्रयास से जीते जाते हैं, व्यक्तिगत फॉर्म से नहीं।

पाकिस्तान की तुलना—पहले और अब

गांगुली ने मौजूदा पाकिस्तानी टीम की तुलना 90 और 2000 के दशक की टीम से भी की।

“इंजमाम, सईद अनवर, मोहम्मद यूसुफ, वसीम अकरम, वकार यूनिस… वह एक अलग टीम थी। यह टीम अब वैसी नहीं रही।”

यह बयान बहस छेड़ सकता है, लेकिन गांगुली का तर्क अनुभव और गुणवत्ता के पैमाने पर आधारित है।

भारत-पाक टी20 विश्व कप इतिहास

अब तक दोनों टीमें टी20 विश्व कप में 8 बार भिड़ चुकी हैं।

परिणामसंख्या
भारत की जीत7
पाकिस्तान की जीत1

इतिहास भारत के पक्ष में है, लेकिन टी20 की अनिश्चितता अलग कहानी लिख सकती है।

असली सवाल

क्या उस्मान तारिक बड़े मंच के दबाव को झेल पाएंगे?
क्या भारतीय बल्लेबाज उनकी रुक-रुक कर आने वाली गेंदों को जल्दी पढ़ लेंगे?
क्या मैच लो-स्कोरिंग होगा?

गांगुली को भरोसा है—भारत संभाल लेगा।

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