Ashes – सिडनी की हवा में इस बार एशेज का रोमांच ही नहीं, बल्कि विदाई और भविष्य की हल्की-सी कसक भी घुली हुई है। ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड एशेज सीरीज़ के पांचवें और आखिरी टेस्ट से ठीक पहले उस्मान ख्वाजा ने जब यह ऐलान किया कि यह उनका आखिरी टेस्ट होगा, तो माहौल अचानक भावुक हो गया। लेकिन उसी सिडनी टेस्ट से पहले एक और बड़ा सवाल उछाला गया—क्या यह स्टीव स्मिथ का भी आखिरी टेस्ट है?
जवाब आया, और वह किसी फेयरवेल स्पीच जैसा बिल्कुल नहीं था।
उस्मान ख्वाजा की विदाई और ड्रेसिंग रूम का सन्नाटा
उस्मान ख्वाजा का टेस्ट करियर सिडनी में खत्म हो रहा है—अपने घरेलू मैदान पर, अपने फैंस के सामने। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में यह परंपरा-सी बन गई है कि सीनियर खिलाड़ी SCG पर अलविदा कहते हैं, और ख्वाजा भी उसी कतार में खड़े हैं।
ख्वाजा के साथ-साथ यह एहसास भी गहरा रहा है कि मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम का एक पूरा दौर अब ढलान पर है। डेविड वॉर्नर पहले ही जा चुके हैं, अब ख्वाजा भी। ऐसे में निगाहें अपने-आप स्टीव स्मिथ पर टिक गईं।
“नहीं, यह मेरा आखिरी टेस्ट नहीं है” – स्टीव स्मिथ
मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब स्मिथ से सीधे पूछा गया कि क्या ख्वाजा की तरह यह टेस्ट उनका भी आखिरी हो सकता है, तो उन्होंने बिना किसी नाटकीयता के साफ जवाब दिया।
स्मिथ बोले,
“नहीं। मुझे इसमें मज़ा आ रहा है। यह मज़ेदार है। हमारे पास वाकई एक बहुत अच्छी टीम है।”
यह बयान छोटा था, लेकिन अपने भीतर बहुत कुछ कहता था। कोई थकान नहीं, कोई ऊब नहीं—बल्कि टेस्ट क्रिकेट को लेकर वही पुरानी भूख।
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का संदर्भ और टीम की सोच
स्मिथ ने सिर्फ अपने करियर की बात नहीं की, बल्कि टीम की पूरी यात्रा को सामने रखा। उन्होंने याद दिलाया कि ऑस्ट्रेलिया ने पिछले कुछ सालों में दो वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल खेले हैं।
“यह कभी एक या दो खिलाड़ियों का खेल नहीं रहा। अलग-अलग समय पर अलग-अलग खिलाड़ियों ने योगदान दिया है। यह एक टीम का काम रहा है।”
अब रोल बदला है: रन मशीन से मेंटर तक
स्मिथ के शब्दों में एक साफ बदलाव दिखता है। पहले वह सिर्फ रन बनाने की बात करते थे, अब वह जिम्मेदारी की बात कर रहे हैं।
उन्होंने कहा,
“अब एक सीनियर खिलाड़ी के तौर पर उम्मीद है कि मैं आने वाले कुछ खिलाड़ियों की मदद कर सकूं और उन्हें टेस्ट क्रिकेट का खेल सिखा सकूं। मुझे लगता है कि अब यही मेरी भूमिका है।”
यह बयान अपने-आप में इशारा है कि स्मिथ खुद को अभी टीम से बाहर जाता नहीं देख रहे। बल्कि वह खुद को अगली पीढ़ी का पुल मान रहे हैं।
2027 एशेज? स्मिथ ने दरवाज़ा खुला छोड़ा
सबसे दिलचस्प संकेत तब आया, जब स्मिथ ने 2027 इंग्लैंड एशेज का ज़िक्र किया। उन्होंने सीधे “हां” नहीं कहा, लेकिन “ना” भी नहीं।
उनके शब्द थे,
“आप शायद खिलाड़ियों का एक ऐसा ग्रुप चाहते हैं जिसे आप वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल तक ले जा सकें। यह कोच और सेलेक्टर्स का सवाल है। मेरे पास अभी इसके लिए काफी समय है।”
यानी तस्वीर अभी धुंधली है, लेकिन फ्रेम से बाहर नहीं।
“ख्वाजा के जाने के बाद दो सीनियर एक साथ नहीं”
स्मिथ ने एक बेहद मानवीय बात भी कही, जो आमतौर पर आंकड़ों और प्लानिंग में खो जाती है।
उन्होंने कहा,
“अब उस्मान के टीम से बाहर होने के बाद, वह हमारे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक था। अगर इस हफ्ते मैं और वह दोनों बाहर हो जाते हैं, तो यह शायद सही नहीं होगा।”
यह सिर्फ चयन की बात नहीं थी—यह ड्रेसिंग रूम बैलेंस की बात थी। अनुभव एक झटके में खाली नहीं किया जाता।
कप्तानी की जिम्मेदारी और संकेत
पैट कमिंस की गैरमौजूदगी में सिडनी टेस्ट में स्मिथ कप्तान हैं। यह भी एक संकेत है कि टीम मैनेजमेंट अब भी उन्हें लीडरशिप ग्रुप का अहम हिस्सा मानता है कप्तानी सिर्फ आर्मबैंड नहीं होती—यह भरोसे का सार्वजनिक ऐलान होता है।
विदाई एक की, पुष्टि दूसरे की
सिडनी टेस्ट उस्मान ख्वाजा के लिए आखिरी है—यह तय है।
लेकिन स्टीव स्मिथ के लिए? फिलहाल नहीं।
उनके शब्दों में थकान नहीं, बल्कि निरंतरता है। टेस्ट क्रिकेट अभी भी उन्हें बुला रहा है, और वह आवाज़ सुन रहे हैं।
एशेज 2027 दूर है, लेकिन स्मिथ ने दरवाज़ा बंद नहीं किया है।
और जब तक दरवाज़ा खुला है, तब तक स्टीव स्मिथ की कहानी भी जारी है।















