Suryakumar – सिडनी से लेकर सूरत तक, टीवी स्क्रीन पर एक ही सवाल घूम रहा था—क्या यह टीम इंडिया सिर्फ जीत रही है, या इतिहास लिख रही है? नीदरलैंड्स के खिलाफ 17 रन की जीत के साथ भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ग्रुप स्टेज का “विजय चौका” पूरा किया और सुपर-8 में एंट्री मार दी।
लेकिन इस जीत के साथ एक और बड़ी खबर निकली—सूर्यकुमार यादव अब टी20 इंटरनेशनल इतिहास के सबसे सफल कप्तान बन गए हैं, जीत प्रतिशत के मामले में।
मैच का सार: 194 का दबाव, 17 रन की दूरी
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 194 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। पिच बल्लेबाजी के लिए ठीक थी, लेकिन नीदरलैंड्स के लिए यह स्कोर हमेशा दबाव वाला रहने वाला था।
जवाब में डच टीम 176 रन तक ही पहुंच सकी।
मैच स्कोरकार्ड (संक्षेप)
| टीम | स्कोर | ओवर |
|---|---|---|
| भारत | 194/— | 20 ओवर |
| नीदरलैंड्स | 176/— | 20 ओवर |
भारत की जीत के हीरो शिवम दुबे रहे।
तूफानी अर्धशतक।
साथ में 2 विकेट।
एक ऑलराउंड प्रदर्शन, जिसने मैच का रुख तय किया।
सूर्या का वर्ल्ड रिकॉर्ड: 80.85% जीत
इस जीत के साथ सूर्यकुमार यादव का कप्तानी जीत प्रतिशत 80.85% पहुंच गया—जो किसी भी टी20I कप्तान के लिए अब तक का सर्वश्रेष्ठ है।
उन्होंने पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को मामूली अंतर से पीछे छोड़ा है।
टी20I में सर्वाधिक जीत प्रतिशत (कप्तान)
| कप्तान | जीत प्रतिशत |
|---|---|
| सूर्यकुमार यादव | 80.85% |
| रोहित शर्मा | 80.65% |
| असगर अफगान | 80.39% |
सूर्या ने अब तक 47 मैचों में कप्तानी की है।
38 जीत।
7 हार।
दूसरी ओर रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने 62 में से 50 मैच जीते थे।
एमएस धोनी का जीत प्रतिशत 58.33% और विराट कोहली का 64% रहा।
लगातार 12 जीत: एक और कीर्तिमान
नीदरलैंड्स पर जीत के साथ भारत ने टी20 वर्ल्ड कप में लगातार 12 मैच जीतने का विश्व रिकॉर्ड बना दिया है।
भारत आखिरी बार 2022 टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में इंग्लैंड से हारा था। उसके बाद से टीम ने इस मंच पर हार नहीं देखी।
क्या बनाता है सूर्या को अलग?
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी का अंदाज पारंपरिक नहीं है।
आक्रामक फील्ड सेटिंग।
रिस्क लेने की हिम्मत।
बल्लेबाजी क्रम में लचीलापन।
वह खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की आजादी देते हैं। और शायद यही कारण है कि टीम में आत्मविश्वास दिखता है।
सुपर-8 की ओर
भारत ने ग्रुप स्टेज में चारों मैच जीतकर सुपर-8 में कदम रखा है। अब नजर सेमीफाइनल पर है। टीम का संतुलन मजबूत दिख रहा है—ओपनिंग से लेकर डेथ बॉलिंग तक।
अगर यही लय बनी रही, तो भारत अपने खिताब की रक्षा की दिशा में मजबूती से बढ़ता दिख रहा है।
बड़ी तस्वीर
जीत प्रतिशत आंकड़ों का खेल है, लेकिन निरंतरता मानसिकता का।
80.85% सिर्फ नंबर नहीं—यह एक विजेता संस्कृति का संकेत है।
लेकिन टी20 में मार्जिन पतला होता है। एक खराब दिन, और रिकॉर्ड पीछे छूट सकते हैं।
फिलहाल, सूर्या और उनकी टीम ट्रैक पर हैं।
सवाल अब यह है—क्या यह सिलसिला ट्रॉफी तक जाएगा?















