T20I – रायपुर की रात भारतीय क्रिकेट के लिए सिर्फ एक आसान जीत नहीं लाई, बल्कि सवालों से घिरे कप्तान की वापसी की कहानी भी लिख गई। महीनों से फॉर्म को तरस रहे सूर्यकुमार यादव ने आखिरकार बता दिया कि क्लास कहीं जाती नहीं—बस सही दिन का इंतज़ार करती है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में, जब भारत को 209 रन का पहाड़ जैसा लक्ष्य मिला, तब सूर्या ने 23 गेंदों में अर्धशतक जड़कर न सिर्फ मैच की दिशा बदली, बल्कि अपने लंबे सूखे पर भी फुल स्टॉप लगा दिया।
24 पारियों का इंतज़ार, एक पारी में खत्म
सूर्यकुमार यादव ने इससे पहले 12 अक्टूबर 2024 को हैदराबाद में बांग्लादेश के खिलाफ अर्धशतक लगाया था। उसके बाद—
- 23 टी20 इंटरनेशनल पारियां
- कोई फिफ्टी नहीं
- कप्तानी का दबाव
- फॉर्म पर सवाल
यह सूखा लंबा और शोरगुल वाला था।
शुक्रवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ जब सूर्या ने 23 गेंदों में फिफ्टी पूरी की, तो यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं था—एक मानसिक बोझ का उतरना था।
37 गेंद, 82 रन: पुराने सूर्या की झलक
इस मैच में सूर्या सिर्फ टिके नहीं, छाए।
- 37 गेंद
- नाबाद 82 रन
- 9 चौके
- 4 छक्के
वह अंत तक क्रीज़ पर डटे रहे और हर गेंद के साथ आत्मविश्वास लौटता दिखा। रिवर्स स्वीप, स्कूप, एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से फ्लिक—सब कुछ वही पुराना, बिंदास सूर्या।
यह वही बल्लेबाज़ था, जिसे दुनिया T20 क्रिकेट का सबसे अनोखा प्लेयर मानती है।
इशान किशन के साथ 122 रन: मैच यहीं खत्म
तीसरे विकेट के लिए ईशान किशन के साथ सूर्या की साझेदारी ने मैच को एकतरफा बना दिया।
- 49 गेंदों में 122 रन
- इशान: 32 गेंदों में 11 चौके, 4 छक्के
- न्यूजीलैंड के गेंदबाज़ पूरी तरह बेबस
यह साझेदारी सिर्फ रन बनाने की नहीं थी, यह इरादों की साझेदारी थी। दोनों ने साफ कर दिया कि 200+ का स्कोर इस पिच पर भी पीछा किया जा सकता है।
फिर आया दुबे का तूफान
अगर मैच में कोई आखिरी कील थी, तो वह शिवम दुबे ने ठोकी।
- 18 गेंद
- नाबाद 36 रन
- 3 छक्के, 1 चौका
सूर्या और दुबे ने चौथे विकेट के लिए 37 गेंदों में 81 रन जोड़कर मुकाबले की औपचारिकता पूरी कर दी।
भारत ने 15.2 ओवर में ही 209 रन बनाकर
28 गेंद शेष रहते सात विकेट से जीत दर्ज कर ली।
आंकड़े जो सूर्या पर भारी थे
इस पारी से पहले सूर्या का हालिया रिकॉर्ड चिंताजनक था—
- पिछले साल 19 पारियों में सिर्फ 218 रन
- दिसंबर 2025 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज़ में नाकामी
- कप्तानी के साथ फॉर्म का बोझ
ऐसे में यह पारी सिर्फ रन नहीं लाई, बल्कि राहत भी लाई।
सीरीज में भारत 2-0 से आगे
इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज़ में 2-0 की बढ़त बना ली है।
न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 208/6 का मजबूत स्कोर खड़ा किया था, लेकिन बल्लेबाज़ी के लिए अनुकूल परिस्थितियों में यह स्कोर भी काफी नहीं निकला।
कप्तान के लिए क्यों अहम थी यह पारी?
सूर्यकुमार यादव अब सिर्फ एक बल्लेबाज़ नहीं हैं—वह टीम इंडिया के टी20 कप्तान हैं।
कप्तान का फॉर्म सीधे ड्रेसिंग रूम के माहौल से जुड़ा होता है।
यह पारी इसलिए अहम है क्योंकि—
- कप्तान खुद रन बना रहा है
- फैसले आसान होते हैं
- टीम का भरोसा बढ़ता है
और शायद सबसे जरूरी—आलोचनाओं की आवाज थोड़ी धीमी पड़ जाती है।















