Gill : जगन्नाथ मंदिर में पूजा के बाद कटक T20—भारत ने अपने नए टी20 अध्याय की शुरुआत की

Atul Kumar
Published On:
Gill

Gill – कटक का बाराबती स्टेडियम इस बार एक साधारण मैच वेन्यू नहीं, बल्कि टी20 विश्व चैंपियंस इंडिया की नई यात्रा का शुरुआती पड़ाव बनने जा रहा है।

लेकिन मैदान पर उतरने से पहले टीम इंडिया का एक अलग ही दृश्य दिखाई दिया—गौतम गंभीर, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा और वॉशिंगटन सुंदर मंगलवार सुबह श्री जगन्नाथ मंदिर पहुँचे। क्रिकेट की रफ्तार से एकदम उलट, मंदिर की शांति में खिलाड़ियों का यह ठहराव अपनी ही कहानी कहता है।

मैदान से पहले मंदिर—टीम इंडिया का शांत, लेकिन सोच-समझा कदम

12वीं शताब्दी के इस प्रतिष्ठित मंदिर में प्रवेश के दौरान सुरक्षा बेहद कड़ी थी। कप्तान सूर्यकुमार यादव अपनी पत्नी देविषा शेट्टी के साथ जैसे ही मुख्य प्रवेश द्वार पर पहुँचे, उन्होंने ज़ोर से कहा—“जय जगन्नाथ!”
टीम मैनजमेंट और स्थानीय पुलिस भी साथ चल रही थी।

पुरी के एसपी प्रतीक सिंह ने आयोजन की पुष्टि करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के लिए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए थे और मंदिर परिसर में सब कुछ सुचारू रहा। सेवायत रबी प्रतिहारी ने खिलाड़ियों के लिए विशेष पूजा की व्यवस्था की और दीप प्रज्वलित कर भारत की आगामी सीरीज में सफलता की कामना की।
दर्शन के बाद खिलाड़ी शांत माहौल में वापस भुवनेश्वर लौट गए—सीधी भाषा में कहें तो स्टेट ऑफ माइंड ‘फ़ोकस मोड’ में।

विश्व कप डिफेंडर भारत—तैयारी अब असली मोड़ पर

यह सीरीज सिर्फ एक और द्विपक्षीय मुकाबला नहीं है।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहला मैच ही टी20 विश्व कप 2026 (भारत में होने वाला) की आधिकारिक तैयारी की शुरुआत माना जा रहा है।

सबसे बड़ा बूस्ट—शुभमन गिल और हार्दिक पांड्या की वापसी।
दोनों पिछले चक्र में बाहर थे और टीम को फिनिशिंग, स्थिरता और टेम्पो—तीनों में गहराई चाहिए थी। अब वह गैप भरता दिख रहा है।

भारत अब यहाँ से कुल 10 टी20 मुकाबले खेलेगा—
5 दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ,
5 न्यूजीलैंड के खिलाफ।

इस पूरे ब्लॉक को टीम इंडिया का “वर्ल्ड कप प्रेप विंडो” माना जा रहा है।

विश्व चैंपियन भारत—पिछले एक साल में लगभग अजेय

विश्व कप में भारत ने लगातार 8 मैच जीतकर खिताब उठाया था—और तब से टीम का ग्राफ और ऊँचा गया है।

पिछले 12–14 महीनों में भारत ने:

– कुल 26 टी20 मैच जीते
– सिर्फ 4 हारे
– एक भी टी20 सीरीज नहीं गंवाई
– एशिया कप में लगातार 7 मुकाबले जीते

यानी यह टीम सिर्फ कौशल पर नहीं, पैटर्न पर जीत रही है—एक स्थिर प्लेबुक, लचीला मिडिल ऑर्डर, और बेहद आक्रामक पेस-टेम्पो।

और अब उनकी अगली चुनौती वही टीम है जिसे उन्होंने पिछले साल टी20 विश्व कप फाइनल में हराया था—दक्षिण अफ्रीका।

दक्षिण अफ्रीका—क्यों ये सीरीज आसान नहीं?

– अफ्रीका की गेंदबाज़ी पिछले दो वर्षों में और तेज़ हुई है।
– कोएत्ज़ी, रबाडा और एक-दो नए चेहरे पॉवरप्ले में लगातार प्रेशर बनाते हैं।
– उनकी बल्लेबाज़ी अब “सिक्स-हैवी टेम्पलेट” पर चल रही है—यानि 160 का मैच 190 तक खिंच सकता है।

भारत के लिए यह सीरीज दो चीज़ें तय करेगी:

  1. गिल–हार्दिक की फॉर्म कितना संतुलन देती है
  2. सूर्यकुमार की कप्तानी में “अटैक-फर्स्ट” अप्रोच कितनी कुशलता से लागू होती है
टॉस के बाद फाइनल टीम चाहिए तो, अभी जॉइन करे Cricketyatri का Telegram चैनल- Join Now




Follow Us On