Tilak : तिलक वर्मा क्यों बन रहे हैं भारत के बड़े मैच प्लेयर – रोहित शर्मा

Atul Kumar
Published On:
Tilak

Tilak – रोहित शर्मा जब किसी युवा खिलाड़ी की तारीफ करते हैं, तो वह सिर्फ औपचारिक बयान नहीं होता। उसमें अनुभव की छाया होती है, बड़े मैचों की स्मृति होती है और यह समझ भी कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट किस मानसिकता की मांग करता है।

इस बार रोहित की नजरें टिकी हैं तिलक वर्मा पर—और उनके शब्द साफ बताते हैं कि भारतीय टीम को 2026 टी20 वर्ल्ड कप में तीसरे नंबर पर अपना जवाब मिल चुका है।

साथ ही, उसी बातचीत में रोहित ने अपने अंदाज़ में कुलदीप यादव को ऐसी “सलाह” दी, जो क्रिकेट फैंस को मुस्कुराने पर मजबूर कर गई।

“तिलक में कुछ अलग है” – रोहित शर्मा

जियोहॉटस्टार के एक शो में बातचीत के दौरान रोहित शर्मा ने तिलक वर्मा की जमकर तारीफ की। रोहित के मुताबिक, तिलक सिर्फ तकनीकी रूप से मजबूत नहीं हैं, बल्कि उनकी सबसे बड़ी ताकत उनका टेम्परामेंट और एटीट्यूड है।

रोहित ने कहा कि तिलक पहले से ही “बड़े मैच के खिलाड़ी” बनने के संकेत दे रहे हैं। खास तौर पर उन्होंने पिछले साल एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई तिलक की पारी को याद किया, जिसे उन्होंने अविश्वसनीय बताया।

रोहित के शब्दों में, दबाव में शांत रहना, मैच की जरूरत को समझना और अपने शॉट्स पर भरोसा रखना—यह सब चीजें तिलक में पहले से मौजूद हैं। और यही चीजें किसी भी खिलाड़ी को साधारण से खास बनाती हैं।

तीसरे नंबर पर भरोसे का नाम बन चुके हैं तिलक

भारतीय टीम में तीसरे नंबर की पोजिशन हमेशा खास रही है। यहां सिर्फ रन नहीं, मैच कंट्रोल चाहिए। तिलक वर्मा ने इस रोल में खुद को बेहद कम समय में स्थापित कर लिया है।

अब तक खेले गए टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में उनके आंकड़े यही कहानी कहते हैं।

तिलक वर्मा – T20I करियर (अब तक)

मैचरनऔसतस्ट्राइक रेटशतकअर्धशतक
40118326

लेकिन तीसरे नंबर पर उनका प्रभाव और भी खास रहा है।

तीसरे नंबर पर तिलक वर्मा का रिकॉर्ड

पारियांरनऔसतस्ट्राइक रेट
1554260.22160+

यह सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, यह भरोसे की नींव है। टी20 क्रिकेट में जहां 140 की स्ट्राइक रेट को सुरक्षित माना जाता है, वहां 160 से ऊपर खेलना और औसत 60 के पार रखना—यह एलिट ज़ोन है।

टी20 वर्ल्ड कप 2026: तिलक क्यों होंगे अहम?

टी20 वर्ल्ड कप 2026 भारत और श्रीलंका में खेला जाएगा। उपमहाद्वीपीय पिचें, स्पिन का असर और दबाव भरे नॉकआउट मुकाबले—इन सबमें मेंटल स्ट्रेंथ सबसे बड़ा हथियार होती है।

रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत पिछली बार टी20 चैंपियन बना था। अब भले ही कप्तानी की तस्वीर बदली हो, लेकिन रोहित की नजर से यह साफ है कि तिलक जैसे खिलाड़ी इस टीम की रीढ़ बनने वाले हैं।

कुलदीप यादव को “रोहित स्टाइल” सलाह

जहां तिलक पर रोहित गंभीर नजर आए, वहीं कुलदीप यादव के मामले में उनका अंदाज़ पूरी तरह अलग था—हल्का, मजाकिया, लेकिन अंदर छुपा मैसेज साफ।

रोहित ने हंसते हुए कहा,
“कोई सलाह नहीं है भाईसाहब को। चुपचाप अपना बॉल डालो और पीछे जाओ। हर गेंद पर अपील नहीं कर सकते यार।”

यह वही रोहित शर्मा हैं, जो ड्रेसिंग रूम के माहौल को हल्का रखने में यकीन रखते हैं। लेकिन मजाक के पीछे सच्चाई भी है—कुलदीप अब इतने सीनियर हो चुके हैं कि उन्हें किसी मोटिवेशन की जरूरत नहीं।

कुलदीप यादव: भारत का भरोसेमंद स्पिन हथियार

कुलदीप यादव का टी20 करियर आंकड़ों में भी उतना ही दमदार है, जितना मैदान पर दिखता है।

कुलदीप यादव – T20I रिकॉर्ड

मैचविकेट4 विकेट हॉल
50903

पिछले साल एशिया कप में कुलदीप ने 7 मैचों में 17 विकेट लेकर खुद को टूर्नामेंट का सबसे खतरनाक गेंदबाज़ साबित किया था। बड़े मैचों में विकेट निकालने की उनकी क्षमता ही उन्हें बाकी स्पिनरों से अलग बनाती है।

अनुभव बोलता है, बयान नहीं

रोहित शर्मा की इन दोनों टिप्पणियों में एक बात कॉमन है—विश्वास।
तिलक पर भविष्य का भरोसा।
कुलदीप पर अनुभव का भरोसा।

यह वही संतुलन है जो किसी भी सफल टीम की पहचान होता है। युवा जोश और सीनियर मैच-विनर्स का मेल।

भारतीय टीम का बदलता चेहरा

टी20 क्रिकेट अब सिर्फ स्किल का खेल नहीं रहा। यह सोच, टेम्पो और मानसिक मजबूती का खेल है। रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी जब किसी युवा को “बड़ा मैच प्लेयर” कहते हैं, तो वह सिर्फ तारीफ नहीं होती—वह एक तरह की मोहर होती है।

और जब वही खिलाड़ी सीनियर गेंदबाज़ को हंसते हुए “चुपचाप बॉल डालने” की सलाह देता है, तो समझिए टीम का माहौल सही दिशा में है।

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