Tilak Varma : तिलक की धीमी रफ्तार पर भी कप्तान का भरोसा

Atul Kumar
Published On:
Tilak Varma

Tilak Varma – चार मैच, चार मौके, लेकिन वह पुराना फ्लो अभी तक नहीं दिखा। तिलक वर्मा टी20 विश्व कप 2026 में नंबर-3 पर लगातार उतरे हैं, पर लीग फेज में उनका स्ट्राइक रेट 120 के आसपास सिमट गया है—जबकि करियर स्ट्राइक रेट 141 से ऊपर रहा है। सवाल उठ रहे हैं। लेकिन कप्तान सूर्यकुमार यादव का रुख बिल्कुल साफ है—“कोई चिंता नहीं।”

सुपर-8 से पहले यह भरोसा टीम मैनेजमेंट की रणनीति को भी उजागर करता है।

तिलक की भूमिका: एंकर या अटैकर?

कागज पर तिलक एक आक्रामक बल्लेबाज हैं। आईपीएल और द्विपक्षीय सीरीज में उन्होंने पावर-हिटिंग से पहचान बनाई। लेकिन इस विश्व कप में पिचें अलग कहानी कह रही हैं—गेंद ‘ग्रिप’ कर रही है, ऑफ-स्पिनर नई गेंद से आ रहे हैं, और स्ट्रोक लगाना आसान नहीं।

चार मैचों में तिलक सिर्फ 11 चौके और 3 छक्के लगा सके हैं।
रन आए हैं, पर रफ्तार नहीं।

तिलक वर्मा – लीग फेज आंकड़े

मैचरनस्ट्राइक रेटबाउंड्री (4s/6s)
123~1153/0
218~1202/1
325~1184/1
417~1102/1
कुल~12011/3

(संकेतात्मक प्रदर्शन)

कप्तान का स्पष्ट संदेश

सूर्यकुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि तिलक वही कर रहे हैं जो टीम उनसे चाहती है।

“अगर एक विकेट गिरता है तो वह पावरप्ले में जाकर अपना गेम खेल सकता है। लेकिन दो विकेट गिरते हैं तो उसे संभलकर खेलना होगा… साझेदारी बनानी होगी, 10वें ओवर तक पहुंचना होगा।”

यह बयान बताता है कि तिलक की धीमी बल्लेबाजी रणनीतिक हो सकती है—व्यक्तिगत फॉर्म की समस्या नहीं।

टी20 में हर खिलाड़ी 200 की स्ट्राइक रेट से नहीं खेल सकता।
कभी-कभी 30 गेंद में 35 रन भी टीम के लिए अहम होते हैं।

क्या संजू सैमसन विकल्प हैं?

जब सवाल आया कि क्या तिलक की जगह संजू सैमसन को मौका मिल सकता है, तो सूर्यकुमार मुस्कुराए—

“तुम्हारा मतलब है, मुझे उसे तिलक की जगह खिलाना चाहिए?”

साफ है—फिलहाल बदलाव का इरादा नहीं।
टीम 40-50 रन पावरप्ले में बना रही है। यानी शुरुआत खराब नहीं।

पिच का असर और तैयारी

सूर्यकुमार ने एक अहम बात कही—
“हम 220, 240, 250 रन बनाने की उम्मीद करते हैं, लेकिन यहां विकेट अलग हैं।”

द्विपक्षीय सीरीज में फ्लैट पिचें थीं। यहां गेंद रुककर आ रही है। ऑफ-स्पिनर नई गेंद से आ रहे हैं—जो पहले कम देखने को मिलता था।

यानी समस्या सिर्फ तिलक की नहीं—परिस्थितियों की भी है।

गेंदबाजी पर भरोसा

सूर्यकुमार अपनी गेंदबाजी इकाई से संतुष्ट हैं।

“अगर हम 170-175 भी बनाते हैं, तो हमारे पास ऐसा आक्रमण है जो मैच बचा सकता है।”

यह बयान बताता है कि टीम 200+ के पीछे भागने के बजाय संतुलित दृष्टिकोण अपना रही है।

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