U19 : अंडर-19 स्टार से आईपीएल मिशन तक – वैभव की सोच ने सबको किया प्रभावित

Atul Kumar
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U19 – दिल्ली में बीसीसीआई के ‘नमन अवॉर्ड्स’ का मंच—चारों तरफ दिग्गज, कैमरों की चमक, और बीच में खड़ा एक 14 साल का लड़का, जिसकी बातें सुनकर साफ लग रहा था… यह सिर्फ टैलेंट नहीं, सोच भी बड़ी है। वैभव सूर्यवंशी अब सिर्फ “यंग सेंसेशन” नहीं रहे—अब उनके पास लक्ष्य है, और वो भी सीधा ट्रॉफी।

“मेरे लिए नहीं… टीम के लिए”

आजकल के क्रिकेट में अक्सर खिलाड़ी अपने रिकॉर्ड्स की बात करते हैं—रन, स्ट्राइक रेट, शतक।
लेकिन वैभव ने जो कहा, वह थोड़ा अलग था।

उन्होंने साफ कहा—

“मेरा लक्ष्य इस आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए ट्रॉफी जीतना है।”

सीधी बात, बिना घुमाए।

यहां फोकस “मैं” पर नहीं… “हम” पर था।

14 साल… और पहले से रिकॉर्ड बुक में नाम

अगर आप वैभव के करियर को जल्दी से स्कैन करें, तो लगेगा जैसे यह किसी स्क्रिप्ट का हिस्सा है।

उपलब्धिडिटेल
उम्र14 साल
आईपीएल 2025सबसे कम उम्र में शतक
अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल175 रन vs इंग्लैंड
कॉन्ट्रैक्ट (RR)₹1.1 करोड़ (13 साल में)

और यह सब… अभी शुरुआत है।

175 रन—सिर्फ पारी नहीं, पहचान

इंग्लैंड के खिलाफ अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल—80 गेंदों में 175 रन।

यह सिर्फ एक बड़ी पारी नहीं थी… यह “एंट्री अनाउंसमेंट” थी।

उस दिन:

ना उम्र दिखी
ना प्रेशर

बस एक बल्लेबाज… जो मैच को अपने तरीके से लिख रहा था।

और शायद वहीं से यह भरोसा आया कि—
“मैं बड़े मंच के लिए बना हूं।”

राजस्थान रॉयल्स—एक सोच-समझकर लिया गया कदम

वैभव का RR से जुड़ना कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था।

उन्होंने खुद बताया—

“राजस्थान रॉयल्स की स्काउटिंग टीम काफी समय से मुझे देख रही थी।”

मतलब:

यह एक प्लान्ड इन्वेस्टमेंट था
ना कि सिर्फ “हाइप खरीदना”

RR क्यों खास है?

फैक्टरअसर
मजबूत स्काउटिंगयुवा टैलेंट पर भरोसा
मेंटरशिप कल्चरखिलाड़ियों को ग्रो करने का मौका
रोल क्लैरिटीयुवा खिलाड़ियों को स्पेस

और यही चीज वैभव के लिए गेम-चेंजर बन सकती है।

राहुल द्रविड़—खामोश गुरु

हर युवा खिलाड़ी के पीछे एक गाइड होता है।
वैभव के केस में—वो नाम है राहुल द्रविड़।

उन्होंने कहा—

“द्रविड़ सर से बहुत कुछ सीखने को मिला।”

अब यह लाइन साधारण लग सकती है…
लेकिन अगर आप जानते हैं कि द्रविड़ कैसे काम करते हैं—

तो समझ जाएंगे:

यह सिर्फ टेक्नीक नहीं,
मेंटलिटी की ट्रेनिंग होती है।

धैर्य
गेम रीडिंग
सिचुएशन अवेयरनेस

ये सब चीजें… लंबे समय में फर्क बनाती हैं।

आक्रामक स्टाइल—लेकिन कंट्रोल के साथ

वैभव की पहचान उनकी अटैकिंग बैटिंग है।

लेकिन दिलचस्प बात यह है—

वह सिर्फ “हिटर” नहीं हैं।

उनकी पारियों में:

शॉट सिलेक्शन
टेम्पो कंट्रोल
और गेम अवेयरनेस

तीनों दिखते हैं।

यानी, यह रॉ टैलेंट नहीं—
थोड़ा “पॉलिश्ड” टैलेंट है।

असली चुनौती अब शुरू

अब तक की कहानी शानदार है—
लेकिन असली टेस्ट अब आएगा।

आईपीएल 2026 में:

भीड़
प्रेशर
एक्सपेक्टेशन

सब कुछ कई गुना बढ़ जाएगा।

क्या होगा सबसे बड़ा टेस्ट?

चुनौतीक्यों अहम है
कंसिस्टेंसीहर मैच में योगदान देना
प्रेशर हैंडलिंगबड़े मंच पर शांत रहना
फिटनेसलंबा सीजन झेलना

क्योंकि एक सीजन चमकना अलग बात है…
लगातार चमकना—वहीं असली स्टार बनता है।

क्या RR को मिल सकता है “X-Factor”?

राजस्थान रॉयल्स हमेशा से एक “अनप्रेडिक्टेबल” टीम रही है।

लेकिन अगर वैभव क्लिक करते हैं—

तो यह टीम अचानक खतरनाक हो सकती है।

एक ऐसा खिलाड़ी जो:

पावरप्ले बदल दे
मिडिल ओवर्स में गेम सेट कर दे
और बड़े मैच में खड़ा हो जाए

ऐसे खिलाड़ी ट्रॉफी जिताते हैं।

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