USA – पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी तेज़ गेंदबाज़ अली खान ने जैसे ही सोशल मीडिया पर यह दावा किया कि भारत ने उन्हें टी20 वर्ल्ड कप के लिए वीजा देने से इनकार कर दिया है, क्रिकेट जगत में हलचल मच गई। मामला संवेदनशील था—भारत मेज़बान, खिलाड़ी पाकिस्तानी मूल के, और टूर्नामेंट ग्लोबल। लेकिन अब इस पूरे विवाद की परतें खुल चुकी हैं, और कहानी वैसी नहीं निकली जैसी पेश की गई थी।
दरअसल, अली खान के दावों की पोल खुद अमेरिकी क्रिकेट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने खोल दी है।
“वीज़ा रिजेक्ट नहीं हुआ, सिर्फ़ देरी है”
न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी क्रिकेट से जुड़े एक अधिकारी ने साफ़ कहा है कि भारत ने किसी भी खिलाड़ी का वीजा खारिज नहीं किया है।
उनके शब्दों में,
“यह कहना गलत है कि भारत ने वीजा देने से इनकार किया है। मामला सिर्फ़ प्रोसेस में देरी का है।”
अधिकारी ने यह भी बताया कि वीजा से जुड़े सभी मामलों को आईसीसी सीधे तौर पर हैंडल कर रही है। यानी यह कोई द्विपक्षीय या राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि एक प्रक्रिया से जुड़ा तकनीकी मामला है।
अली खान का दावा क्या था?
अली खान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया था कि:
– भारत ने उन्हें वीजा नहीं दिया
– सिर्फ़ वही नहीं, बल्कि
– शयान जहांगीर
– मोहम्मद मोहसिन
– एहसान आदिल
को भी भारत ने वीजा देने से इनकार कर दिया है
यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई। कई लोगों ने इसे भारत-पाकिस्तान राजनीति से जोड़ दिया, तो कुछ ने मेज़बान देश की आलोचना शुरू कर दी।
लेकिन अब साफ़ है—यह दावा अधूरा और भ्रामक था।
अमेरिकी अधिकारी का सीधा आरोप: “गलत सूचना फैलाई गई”
अमेरिकी क्रिकेट अधिकारी ने यहां तक कहा कि:
“एक खिलाड़ी ने गलती से यह बात फैला दी कि भारत ने वीजा देने से मना कर दिया है।”
यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि यह सीधे तौर पर अली खान के दावे को खारिज करता है। मतलब—न मना किया गया, न रिजेक्ट हुआ। सिर्फ़ प्रोसेसिंग में समय लग रहा है।
वीजा में देरी क्यों हो रही है?
यहां मामला थोड़ा तकनीकी हो जाता है, लेकिन समझना ज़रूरी है।
जिन चार खिलाड़ियों का नाम लिया गया:
– अली खान
– शयान जहांगीर
– मोहम्मद मोहसिन
– एहसान आदिल
इन सभी का जन्म पाकिस्तान में हुआ है, हालांकि ये अब अमेरिकी नागरिक हैं।
भारत के वीजा नियमों के मुताबिक:
– पाकिस्तान में जन्मे किसी भी व्यक्ति को
– भारतीय वीजा के लिए
– पाकिस्तानी पासपोर्ट के आधार पर आवेदन करना होता है
और यही प्रक्रिया समय लेती है।
पाकिस्तान की दोहरी नागरिकता: मामला और उलझा
पाकिस्तान उन देशों में शामिल है जहां दोहरी नागरिकता की अनुमति है।
यानी अगर कोई पाकिस्तानी नागरिक:
– अमेरिका
– ब्रिटेन
– कनाडा
– ऑस्ट्रेलिया
की नागरिकता ले ले, तो भी उसे पाकिस्तानी नागरिकता छोड़नी ज़रूरी नहीं होती।
यही वजह है कि ऐसे मामलों में वीजा प्रोसेस:
– लंबा होता है
– मल्टी-लेयर वेरिफिकेशन से गुजरता है
– और कभी-कभी टूर्नामेंट से ठीक पहले तक लटका रहता है
सिर्फ़ अमेरिका नहीं, और टीमें भी प्रभावित हो सकती हैं
यह समस्या केवल अमेरिकी टीम तक सीमित नहीं है।
टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रही कई टीमों में पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी हैं:
– यूएई
– ओमान
– नेपाल
– कनाडा
– इंग्लैंड
– जिम्बाब्वे
– नीदरलैंड्स
इन सभी टीमों के कुछ खिलाड़ियों को भी भारतीय वीजा में देरी का सामना करना पड़ सकता है।















