Vaibhav – 14 साल की उम्र में जब ज़्यादातर बच्चे स्कूल की अंडर-14 टीम में जगह पक्की करने का सपना देखते हैं, उसी उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने ऐसा कारनामा कर दिया है कि भारतीय घरेलू क्रिकेट को रुककर पीछे देखना पड़ा।
विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 का यह मैच सिर्फ एक स्कोरकार्ड नहीं था, यह एक चेतावनी थी—भविष्य दरवाज़ा खटखटा नहीं रहा, वह सीधे अंदर घुस रहा है।
बिहार के लिए खेलते हुए अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ वैभव ने 84 गेंदों में 190 रन ठोक दिए। स्ट्राइक रेट? 226.19। चौके-छक्के? गिनती में थक जाएंगे—16 चौके और 15 छक्के। और इसी के साथ लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे कम गेंदों में 150 रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड भी उनके नाम हो गया।
विजय हजारे में इतिहास: 14 साल का तूफान
यह मुकाबला प्लेट ग्रुप का था, लेकिन वैभव ने इसे मेन इवेंट बना दिया। जैसे ही उन्होंने क्रीज़ संभाली, यह साफ हो गया था कि यह कोई “धीरे-धीरे खेलने वाली” पारी नहीं है।
- 36 गेंदों में शतक
- 54 गेंदों में 150 रन
- 84 गेंदों में 190 रन
यह लिस्ट ए क्रिकेट है, कोई अंडर-16 टूर्नामेंट नहीं। सामने प्रोफेशनल गेंदबाज़, पूरे 50 ओवर का फॉर्मेट और फिर भी ऐसा अटैक—बिना झिझक, बिना डर।
150 का रिकॉर्ड, एबी डिविलियर्स पीछे छूटे
इस पारी की सबसे बड़ी हेडलाइन यहीं बनी।
अब तक लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज़ 150 रन का रिकॉर्ड एबी डिविलियर्स के नाम था—64 गेंदों में।
वैभव सूर्यवंशी ने यह आंकड़ा सिर्फ 54 गेंदों में पार कर लिया।
| बल्लेबाज | गेंद | रन |
|---|---|---|
| वैभव सूर्यवंशी | 54 | 150 |
| एबी डिविलियर्स | 64 | 150 |
रिकॉर्ड टूटते हैं, लेकिन कुछ नामों के रिकॉर्ड तोड़ना अलग लेवल की बात होती है। 14 साल का लड़का और सामने तुलना—एबी डिविलियर्स।
डबल सेंचुरी चूकी, लेकिन नया इतिहास बना
वैभव लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे कम गेंदों में डबल सेंचुरी बनाने से जरूर चूक गए, लेकिन उन्होंने एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया जो शायद और भी बड़ा है।
- सबसे कम उम्र
- लिस्ट ए क्रिकेट
- 200+ स्ट्राइक रेट
- 190 रनों की सबसे बड़ी पारी
यह कॉम्बिनेशन आज तक किसी बल्लेबाज़ ने नहीं किया था। यानी भले 200 नहीं आई, लेकिन इतिहास फिर भी लिख दिया गया।
सिर्फ एक पारी नहीं, एक पैटर्न
अगर यह पहली बार होता, तो इसे “फ्लूक” कहा जा सकता था। लेकिन वैभव सूर्यवंशी का रिज़्यूमे अब डराने लगा है।
14 साल की उम्र में वैभव शतक लगा चुके हैं:
- आईपीएल
- यूथ ODI
- यूथ टेस्ट
- इंडिया A
- सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी
- अंडर-19 एशिया कप
- विजय हजारे ट्रॉफी
यह लिस्ट अपने आप में बताती है कि यह बच्चा सिर्फ टैलेंट नहीं, ट्रैक रिकॉर्ड लेकर चल रहा है।
बल्लेबाज़ी स्टाइल: पावर + टाइमिंग
वैभव बाएं हाथ के बल्लेबाज़ हैं, लेकिन उनकी बल्लेबाज़ी सिर्फ “लेफ्ट हैंड एडवांटेज” तक सीमित नहीं।
- बैकफुट पर पुल और कट
- फ्रंटफुट पर स्ट्रेट हिटिंग
- स्पिन के खिलाफ रिवर्स और इनसाइड-आउट
- और सबसे अहम—पहली गेंद से इंटेंट
उनकी बल्लेबाज़ी देखकर ऐसा नहीं लगता कि वे उम्र के हिसाब से खेल रहे हैं। वे गेंदबाज़ की लेंथ पढ़ते हैं, फील्ड देखते हैं और फिर फैसला लेते हैं—ठीक एक सीनियर प्रो की तरह।
बिहार क्रिकेट के लिए बड़ा पल
बिहार क्रिकेट के लिए यह पारी सिर्फ जीत नहीं है, यह पहचान है।
कई सालों से बिहार का नाम घरेलू क्रिकेट में हाशिए पर रहा है। लेकिन वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी:
- सिस्टम पर भरोसा लौटाते हैं
- टैलेंट पूल को दिखाते हैं
- और सेलेक्टर्स की नज़र खींचते हैं
बीसीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद घरेलू रिकॉर्ड्स में यह पारी लंबे समय तक रहेगी।
क्या भारत की सीनियर टीम दूर है?
यहीं पर सवाल संवेदनशील हो जाता है।
14 साल की उम्र में:
- इतना एक्सपोज़र
- इतना अटेंशन
- और इतनी उम्मीदें
इतिहास बताता है कि टैलेंट के साथ मैनेजमेंट सबसे ज़रूरी होता है। वैभव का केस अलग है, लेकिन जोखिम भी उतना ही बड़ा है।
फिलहाल संकेत साफ हैं:
- इंडिया अंडर-19
- इंडिया A
- और फिर धीरे-धीरे सीनियर सेटअप
जल्दबाज़ी नहीं, लेकिन रफ्तार जरूर।
भारतीय क्रिकेट के लिए संकेत
वैभव सूर्यवंशी की पारी एक और चीज़ बताती है—
भारतीय क्रिकेट अब सिर्फ तकनीक नहीं, इम्पैक्ट ढूंढ रहा है।
टी20 से लेकर वनडे तक:
- हाई स्ट्राइक रेट
- बाउंड्री हिटिंग
- और मैच पलटने की क्षमता
वैभव इस बॉक्स में फिट बैठते हैं। और यही वजह है कि लोग कह रहे हैं—“यह बच्चा खास है।”
सोशल मीडिया से ड्रेसिंग रूम तक हलचल
मैच खत्म होते-होते:
- क्लिप्स वायरल
- रिकॉर्ड ट्रेंडिंग
- एक्सपर्ट्स अलर्ट
ESPNcricinfo और Cricbuzz जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी इस पारी को “जेनरेशन-डिफाइनिंग” कहा जा रहा है। उम्र नहीं, असर मायने रखता है—और असर बहुत बड़ा है।
लेकिन ब्रेक भी ज़रूरी है
इतिहास में हमने देखा है:
- जल्दी उभरे स्टार
- ज्यादा बोझ
- और फिर ब्रेकडाउन
इसलिए वैभव सूर्यवंशी के मामले में सबसे ज़रूरी रोल अब:
- कोच
- फैमिली
- और BCCI सपोर्ट सिस्टम
का होगा।
क्योंकि टैलेंट को उड़ान देने से पहले, ज़मीन पर टिकाए रखना ज़्यादा ज़रूरी है।
नाम याद रखिए
14 साल।
190 रन।
226 का स्ट्राइक रेट।
और एक ऐसा रिकॉर्ड, जिसने एबी डिविलियर्स को पीछे छोड़ दिया।
वैभव सूर्यवंशी कोई वायरल मोमेंट नहीं हैं।
वह एक प्रक्रिया हैं—जो अब सबके सामने आ चुकी है।
भारतीय क्रिकेट ने कई सितारे देखे हैं।
लेकिन कुछ सितारे बहुत जल्दी चमकने लगते हैं।
यह उन्हीं में से एक है।















