WPL – कभी नीलामी की स्क्रीन पर नाम आकर भी अनसुना रह जाए, तो दिल टूटता है। और कभी उसी टूर्नामेंट के बीच अचानक फोन बजे—“आप मुंबई इंडियंस का हिस्सा हैं।” महिला प्रीमियर लीग 2026 में वैष्णवी शर्मा की कहानी कुछ ऐसी ही है। निराशा से उम्मीद तक का सफर, वो भी कुछ ही हफ्तों में।
जिस स्पिनर को डब्ल्यूपीएल नीलामी में किसी ने नहीं खरीदा, वही वैष्णवी अब टूर्नामेंट के बीच मुंबई इंडियंस की जर्सी पहनने जा रही हैं। 30 लाख रुपये में। कहानी ने पूरा यू-टर्न ले लिया है।
नीलामी की मायूसी, जो ज्यादा देर नहीं टिकी
नीलामी के दिन वैष्णवी शर्मा को खरीदार न मिलना सिर्फ एक आंकड़ा नहीं था। यह उस खिलाड़ी के लिए झटका था, जिसने हाल ही में इंटरनेशनल क्रिकेट में खुद को साबित किया था।
नीलामी के बाद वैष्णवी ने अपनी निराशा खुलकर जाहिर की थी। सवाल भी जायज था—जब प्रदर्शन है, विकेट हैं, तो भरोसा क्यों नहीं?
लेकिन क्रिकेट अक्सर जवाब मैदान पर देता है।
श्रीलंका सीरीज ने बदली तस्वीर
नीलामी के कुछ ही समय बाद वैष्णवी शर्मा को श्रीलंका के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए भारतीय महिला टीम में जगह मिली। और उन्होंने मौके को दोनों हाथों से लपक लिया।
- 5 मैच
- 5 विकेट
- संयुक्त रूप से सीरीज की सबसे सफल गेंदबाज
भारत ने सीरीज 5-0 से जीती और वैष्णवी की बाएं हाथ की स्पिन ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों को लगातार उलझाए रखा।
अब WPL के बीच एंट्री, वो भी MI में
मंगलवार को कहानी में बड़ा ट्विस्ट आया।
चोटिल विकेटकीपर-बल्लेबाज जी कमलिनी की जगह वैष्णवी शर्मा को महिला प्रीमियर लीग के बाकी मैचों के लिए मुंबई इंडियंस ने अपनी टीम में शामिल कर लिया।
डब्ल्यूपीएल की आधिकारिक विज्ञप्ति में साफ कहा गया,
“वैष्णवी शर्मा 30 लाख रुपये में मुंबई इंडियंस में शामिल होंगी।”
मुंबई इंडियंस।
डिफेंडिंग चैंपियन।
और सबसे प्रोफेशनल फ्रेंचाइजी मानी जाने वाली टीम।
जी कमलिनी की चोट, वैष्णवी के लिए मौका
17 वर्षीय जी कमलिनी इस सीजन मुंबई के लिए ओपनिंग करती दिखीं।
5 में से 4 मैचों में पारी की शुरुआत।
97.40 के स्ट्राइक रेट से सिर्फ 75 रन।
प्रतिभा पर शक नहीं, लेकिन चोट ने रास्ता रोक दिया। और उसी खाली जगह ने वैष्णवी के लिए दरवाजा खोल दिया।
शेफाली वर्मा वाला Déjà vu?
वैष्णवी शर्मा की कहानी सुनकर एक पुरानी याद ताजा हो जाती है।
महिला विश्व कप के दौरान शेफाली वर्मा।
शेफाली को न तो शुरुआती स्क्वाड में जगह मिली थी, न ही बड़े दावे थे। लेकिन सेमीफाइनल से पहले हरलीन देओल की चोट ने उन्हें मौका दिया।
और फिर…
भारत को पहला महिला विश्व कप जिताने में शेफाली ने अहम भूमिका निभाई।
क्या वैष्णवी शर्मा के साथ भी कुछ वैसा ही होने वाला है?
क्रिकेट में ऐसे संयोग सिर्फ किस्मत नहीं होते। ये तैयारियों का इनाम होते हैं।
अंडर-19 से इंटरनेशनल तक का सफर
वैष्णवी शर्मा कोई अचानक उभरा नाम नहीं हैं।
- 2025 की अंडर-19 विश्व कप विजेता भारतीय टीम की सदस्य
- पिछले महीने टी20 इंटरनेशनल डेब्यू
- बाएं हाथ की स्पिन, कंट्रोल और फ्लाइट—तीनों में संतुलन
20 साल की उम्र में ही उनके पास वो अनुभव है, जो कई खिलाड़ियों को सालों में मिलता है।
मुंबई इंडियंस को क्या मिलेगा?
मुंबई इंडियंस की ताकत हमेशा रही है—
- रोल क्लैरिटी
- खिलाड़ियों को समय देना
- और दबाव में भी भरोसा बनाए रखना
वैष्णवी जैसी स्पिनर, जो बीच के ओवरों में रन रोक सकती है और विकेट निकाल सकती है, MI की रणनीति में फिट बैठती हैं।
खासकर उन पिचों पर जहां स्पिन का रोल बढ़ जाता है।
देर से आई एंट्री, लेकिन असरदार?
डब्ल्यूपीएल के बीच टीम में आना आसान नहीं होता।
नया ड्रेसिंग रूम, नई रणनीति, सीमित मौके।
लेकिन वैष्णवी के पास एक चीज़ है—ताजा आत्मविश्वास।
और कई बार वही सबसे बड़ा हथियार बन जाता है।















