List A – घरेलू क्रिकेट अक्सर शोर से दूर चलता है, लेकिन विजय हजारे ट्रॉफी एलीट 2025-26 का पांचवां चरण बिल्कुल अलग कहानी लिख रहा है। एक तरफ चोट से लौटे अक्षर पटेल बल्ले से आग उगलते दिखे, तो दूसरी ओर हैदराबाद के कप्तान तिलक वर्मा ने जिम्मेदारी और परिपक्वता का परफेक्ट मिश्रण पेश किया।
दो अलग मैदान, दो अलग परिस्थितियां—लेकिन संदेश एक ही। भारतीय क्रिकेट की बेंच स्ट्रेंथ सिर्फ मौजूद नहीं है, बल्कि दरवाज़ा ज़ोर से खटखटा रही है।
अक्षर पटेल की दमदार वापसी: चोट के बाद सीधा शतक
गुजरात बनाम आंध्रा, ग्रुप डी।
मैच से पहले सवाल सिर्फ एक था—चोट के बाद अक्षर पटेल किस लय में होंगे? जवाब 111 गेंदों में आ गया।
अक्षर ने 130 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें ताक़त और टाइमिंग का जबरदस्त मेल दिखा।
10 चौके, 5 छक्के और 117.12 का स्ट्राइक रेट—यह पारी सिर्फ रन बनाने की नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की भी थी।
गुजरात की पारी एक समय संभलने की स्थिति में थी, लेकिन अक्षर ने विशाल जायसवाल (70 रन) के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 142 रनों की साझेदारी कर दी। इसी साझेदारी ने मैच का टोन सेट किया।
| गुजरात बनाम आंध्रा | आंकड़े |
|---|---|
| अक्षर पटेल | 130 (111 गेंद) |
| विशाल जायसवाल | 70 |
| साझेदारी | 142 रन |
| टीम स्कोर | 318/9 (50 ओवर) |
आंध्रा की ओर से सत्यनारायण राजू ने 4 विकेट जरूर निकाले, लेकिन तब तक गुजरात बड़ा स्कोर खड़ा कर चुका था।
यह सिर्फ शतक नहीं, ODI इशारा है
अक्षर पटेल अब सिर्फ टी20 स्पेशलिस्ट नहीं रह गए हैं। पिछले कुछ समय से भारतीय टीम मैनेजमेंट उन्हें वनडे विकल्प के तौर पर भी देख रहा है।
इस तरह की लंबी, मैच-डिफाइनिंग पारी सीधे-सीधे चयनकर्ताओं के नोट्स में जाती है। बीसीसीआई के घरेलू रिकॉर्ड और चयन प्रक्रिया पर नज़र डालें, तो ऐसे प्रदर्शन अनदेखे नहीं रहते
तिलक वर्मा: कप्तानी जिम्मेदारी के साथ शतक
ग्रुप बी में हैदराबाद बनाम चंडीगढ़ मुकाबला बिल्कुल अलग मूड में था। यहां आक्रामकता से ज़्यादा संयम की ज़रूरत थी। और कप्तान तिलक वर्मा ने वही दिखाया।
118 गेंदों में 109 रन।
6 चौके, 3 छक्के।
और सबसे अहम—पारी को आख़िर तक ले जाने की समझ।
तिलक ने अभिरथ रेड्डी (71 रन) के साथ चौथे विकेट के लिए 114 रनों की साझेदारी की, जिससे हैदराबाद 50 ओवर में 286/9 तक पहुंच सका।
| हैदराबाद बनाम चंडीगढ़ | आंकड़े |
|---|---|
| तिलक वर्मा | 109 (118 गेंद) |
| अभिरथ रेड्डी | 71 |
| साझेदारी | 114 रन |
| टीम स्कोर | 286/9 |
चंडीगढ़ की ओर से जगजीत सिंह ने 3 विकेट लेकर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन तिलक ने रन फ्लो टूटने नहीं दिया।
सिराज और मिलिंद ने बताया अनुभव का मतलब
लक्ष्य का पीछा करने उतरी चंडीगढ़ की टीम को शुरुआत में ही झटके लग गए।
मोहम्मद सिराज और चामा मिलिंद की नई गेंद की जोड़ी ने बल्लेबाज़ों को सांस नहीं लेने दी।
यह वही सिराज हैं, जो इंटरनेशनल लेवल पर भारत के लिए नई गेंद का अहम हथियार रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में उनकी मौजूदगी युवा बल्लेबाज़ों के लिए हमेशा एक बड़ा टेस्ट होती है।
दो शतक, एक बड़ा संकेत
अक्षर पटेल और तिलक वर्मा—दोनों पहले से ही भारतीय टी20 सेटअप का हिस्सा हैं। लेकिन विजय हजारे ट्रॉफी में इस तरह के शतक यह साफ संकेत देते हैं कि:
- अक्षर अब वनडे ऑलराउंडर रोल के लिए पूरी तरह तैयार हैं
- तिलक वर्मा कप्तानी के साथ लंबी पारियां खेलने की क्षमता दिखा रहे हैं
- भारतीय टीम की बेंच स्ट्रेंथ सिर्फ संख्या नहीं, क्वालिटी भी है
चयनकर्ताओं की नज़र अब और तेज़ होगी
विजय हजारे ट्रॉफी सिर्फ एक घरेलू टूर्नामेंट नहीं रहा। यह अब—
- वनडे टीम का ट्रायल ग्राउंड है
- बैकअप खिलाड़ियों की परीक्षा है
- और फ्यूचर लीडर्स की झलक है
अक्षर और तिलक, दोनों ने एक ही दिन में बता दिया कि वे “पर्यायवाची” विकल्प नहीं, बल्कि रेडी-टू-प्ले नाम हैं।
घरेलू मंच, लेकिन इंटरनेशनल संदेश
इन दो शतकों की सबसे बड़ी खासियत यही है कि वे अलग-अलग परिस्थितियों में आए।
एक आक्रामक वापसी,
दूसरी जिम्मेदार कप्तानी।
भारतीय क्रिकेट के लिए यह खबर सुकून देने वाली है। जब सीनियर टीम व्यस्त रहती है, तब घरेलू मैदानों पर ऐसे प्रदर्शन भरोसा जगाते हैं—कि लाइन लंबी है, और क्वालिटी भरपूर।















