Virat : 37 की उम्र कोहली बनाम सचिन – आंकड़ों की रोचक जंग

Atul Kumar
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Virat – 37 की उम्र में आमतौर पर क्रिकेटर अपने करियर की ढलान पर होते हैं। लेकिन विराट कोहली उस नियम के अपवाद बनते जा रहे हैं। फिटनेस वैसी ही है, आंखों में वही आक्रामक चमक है, बस फर्क इतना है कि अब उनका खेल पहले से ज्यादा संयमित, परिपक्व और घातक हो चुका है। यही वजह है कि एक बार फिर क्रिकेट की दुनिया में वही पुरानी चर्चा लौट आई है—
क्या विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर के 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों के रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं?

इस सवाल का जवाब भावनाओं से नहीं, क्रिकेट के गणित से तलाशने की कोशिश करते हैं।

शुरुआत से शिखर तक: कोहली का शतक सफर

विराट कोहली ने 2008 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। पहला वनडे शतक आया 2009 में, श्रीलंका के खिलाफ ईडन गार्डन्स में। उसके बाद जो सफर शुरू हुआ, वह सिर्फ रन बनाने का नहीं बल्कि निरंतरता का मास्टरक्लास बन गया।

309 वनडे मैचों के उनके करियर को अगर चरणों में बांटकर देखें, तो तस्वीर और साफ होती है।

चरण 1: शुरुआती सीख (1–100 वनडे)

हर महान खिलाड़ी की तरह कोहली ने भी खुद को ढूंढने में समय लिया।

  • पहले 50 मैच: 4 शतक
  • अगले 50 मैच: 10 शतक

यानी दूसरे हाफ में औसतन हर 5 मैच में एक शतक। यह संकेत था कि खिलाड़ी अब समझ चुका है कि लंबी रेस कैसे दौड़नी है।

चरण 2: निरंतरता का उदय (101–200 वनडे)

यहीं से कोहली “अच्छे बल्लेबाज़” से महान बल्लेबाज़ बनने लगे।

  • 101–150 मैच: 12 शतक
  • 151–200 मैच: 9 शतक

हालांकि दूसरे हिस्से में रफ्तार थोड़ी घटी, लेकिन औसत अब भी शानदार रहा—लगभग हर 5.5 मैच में एक शतक।

चरण 3: उतार-चढ़ाव और वापसी (201–300 वनडे)

यह दौर सबसे दिलचस्प है, क्योंकि यहीं कोहली ने खुद को दोबारा खोजा।

  • 201–250 मैच: 11 शतक
  • 251–300 मैच: सिर्फ 4 शतक

इस फेज़ में फॉर्म की चर्चा, ब्रेक, मानसिक दबाव—सब कुछ आया। कई लोगों ने सवाल भी उठाए। लेकिन यही वह दौर था, जिसने कोहली को मानसिक रूप से और मजबूत बनाया।

चरण 4: हालिया विराट फॉर्म (301–309 वनडे)

अब आता है सबसे चौंकाने वाला हिस्सा।

पिछले 9 वनडे मैचों में 3 शतक।
यानी मौजूदा रफ्तार—हर 3 मैच में एक शतक।

37 की उम्र में यह आंकड़ा सिर्फ असाधारण नहीं, बल्कि ऐतिहासिक है।

[Image: Virat Kohli celebrating a recent ODI century]

गणित क्या कहता है?

अब आते हैं असली सवाल पर।

क्रिकेट कैलेंडर के हिसाब से भारत 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले लगभग 18 वनडे मैच खेलने वाला है।
अगर कोहली अपनी मौजूदा फॉर्म को बनाए रखते हैं—जो कि लगभग हर 3 मैच में एक शतक है—तो:

  • 18 मैच ≈ 6 से 8 शतक

इस अनुमान के मुताबिक:

  • वर्ल्ड कप से पहले कोहली के शतक: करीब 93
  • इसके बाद वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर मौका अलग

लेकिन क्रिकेट सिर्फ गणित नहीं है

यहां एक जरूरी चेतावनी भी है।

क्रिकेट में:

  • फॉर्म बदलती है
  • फिटनेस चुनौती बन सकती है
  • टीम कॉम्बिनेशन असर डाल सकता है

309 वनडे मैचों में 53 शतक बना चुके कोहली यह साबित कर चुके हैं कि वह आंकड़ों से नहीं, स्थितियों से खेलते हैं। इसलिए यह मान लेना कि सब कुछ सीधा-सपाट होगा, गलत होगा।

लेकिन एक बात तय है—
अगर कोई खिलाड़ी इस रिकॉर्ड को चुनौती दे सकता है, तो वह विराट कोहली ही हैं।

कोहली क्यों अब भी खतरनाक हैं?

37 की उम्र में भी कोहली:

  • तेजी से रन लेते हैं
  • गैप्स ढूंढते हैं
  • और बड़े चेज में सबसे शांत दिखते हैं

सचिन का रिकॉर्ड: सिर्फ नंबर नहीं, विरासत

सचिन तेंदुलकर के 100 अंतरराष्ट्रीय शतक सिर्फ एक आंकड़ा नहीं हैं। वह एक युग की पहचान हैं। कोहली अगर वहां तक पहुंचते हैं—या उसके करीब भी जाते हैं—तो यह दो पीढ़ियों के बीच की ऐतिहासिक कहानी बन जाएगी।

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