ODI – 2025 का साल खत्म होने को है, लेकिन विराट कोहली की कहानी कहीं रुकती नहीं दिख रही। टेस्ट और टी20 से विदाई के बाद लगा था कि शायद वनडे भी अब आख़िरी पड़ाव पर होगा। सवाल उठे, अटकलें चलीं, सोशल मीडिया ने टाइमलाइन तय कर दी। लेकिन कोहली ने वही किया, जो वह सालों से करते आए हैं—बल्ले से जवाब।
24 दिसंबर से शुरू हुए विजय हजारे ट्रॉफी 2025–26 के पहले ही मैच में शतक। घरेलू क्रिकेट में वापसी, और वो भी उसी पुराने अंदाज़ में। और इसी के साथ यह साफ हो गया कि 2027 वर्ल्ड कप सिर्फ़ एक सपना नहीं, बल्कि कोहली का अगला बड़ा टारगेट है।
रिटायरमेंट के बाद भी भूख ज़िंदा
टेस्ट और टी20 को अलविदा कहने के बाद यह सवाल लाज़मी था—अब आगे क्या?
विराट के फेवरेट फॉर्मेट वनडे पर भी लोग सवाल उठाने लगे थे।
लेकिन पिछले एक साल में कोहली ने जो किया, उसने तस्वीर बदल दी।
- इंटरनेशनल क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन
- भारत के लिए बैक-टू-बैक शतक
- और अब घरेलू क्रिकेट में भी वही लय
विजय हजारे ट्रॉफी में यह शतक लिस्ट-ए क्रिकेट की पिछली 4 पारियों में उनका तीसरा शतक है। यह आंकड़ा सिर्फ फॉर्म नहीं, बल्कि तैयारी बताता है।
विजय हजारे में शतक: मैसेज साफ है
दिल्ली के लिए खेलते हुए कोहली ने न सिर्फ शतक जड़ा, बल्कि मैच भी जिताया।
काफी वक्त बाद डोमेस्टिक क्रिकेट खेल रहे थे, लेकिन कहीं भी जंग नहीं लगी।
यही विराट की खासियत रही है—
ब्रेक के बाद भी बैटिंग में वही कंट्रोल, वही टेंपो।
बचपन के कोच राजकुमार शर्मा का बड़ा बयान
विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा ने अब उस बहस पर फुलस्टॉप लगाने की कोशिश की है, जो 2027 वर्ल्ड कप को लेकर चल रही थी।
ANI से बातचीत में उनके शब्द सीधे और भरोसे से भरे हुए थे।
“बहुत अच्छा है, शानदार है… जिस लय में उन्होंने भारत के लिए दो शतक बनाए थे, उसी लय में आज भी बल्लेबाज़ी की है और मैच जिताया है। काफी समय बाद डोमेस्टिक क्रिकेट खेल रहे थे, फिर भी बेहद शानदार पारी खेली।”
“वर्ल्ड कप के लिए पूरी तरह तैयार हैं”
राजकुमार शर्मा ने सिर्फ तारीफ नहीं की, बल्कि साफ कहा कि विराट कोहली 2027 वर्ल्ड कप के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
उनके मुताबिक:
- कोहली सबसे ज़्यादा कंसिस्टेंट खिलाड़ी हैं
- उन्हें खुद पता है कि गेम में क्या बदलाव करने हैं
- एक-दो खराब पारियां किसी महान खिलाड़ी को छोटा नहीं बनातीं
और फिर वो लाइन, जिसने सबसे ज़्यादा ध्यान खींचा—
“जितने मैच विराट ने भारत को जिताए हैं, उतने किसी और ने नहीं जिताए। मुझे गर्व है कि वो मेरा ट्रेनी है।”
यह बयान भावनात्मक भी है और तथ्यात्मक भी।
2027 वर्ल्ड कप: उम्र बनाम अनुभव
2027 में विराट कोहली 38 साल के होंगे।
लेकिन वनडे क्रिकेट में उम्र से ज़्यादा मायने रखता है:
- गेम अवेयरनेस
- प्रेशर हैंडलिंग
- बड़े मैच का अनुभव
और इन तीनों पैमानों पर कोहली आज भी एलीट लेवल पर हैं।
वनडे: कोहली का सबसे सुरक्षित किला
अगर किसी एक फॉर्मेट में विराट कोहली सबसे ज़्यादा सहज दिखते हैं, तो वह वनडे है।
- चेज़ मास्टर की पहचान
- बीच के ओवर्स में कंट्रोल
- और आख़िरी 10 ओवर्स में एक्सीलरेशन
यही वजह है कि टेस्ट और टी20 छोड़ने के बाद भी उन्होंने वनडे को पकड़े रखा है।
यह भावनात्मक फैसला नहीं, स्ट्रैटेजिक फैसला है।
डोमेस्टिक क्रिकेट क्यों अहम है?
कोहली का विजय हजारे खेलना सिर्फ फिटनेस या फॉर्म की बात नहीं है।
यह एक संकेत है:
- वह खुद को सिलेक्टर्स की नजर में रख रहे हैं
- मैच प्रैक्टिस को हल्के में नहीं ले रहे
- और युवाओं के बीच खड़े होकर भी वही स्टैंडर्ड सेट कर रहे हैं
यह वही रास्ता है, जो 2027 तक उन्हें प्रासंगिक बनाए रख सकता है।
क्या यह आख़िरी मिशन है?
हो सकता है।
लेकिन अगर यह आख़िरी बड़ा मिशन है, तो विराट कोहली उसे आधे मन से नहीं खेलेंगे।
उनका ट्रैक रिकॉर्ड यही कहता है।
- 2011 का सपना पूरा किया
- 2013 और 2025 में आईसीसी ट्रॉफियां
- और अब 2027 की तैयारी
कोहली ने अभी पेन नहीं रखा
विराट कोहली की कहानी 2025 में खत्म नहीं हो रही।
बल्कि यह एक नए चैप्टर की तैयारी है।
डोमेस्टिक शतक, इंटरनेशनल फॉर्म और कोच का भरोसा—तीनों एक ही दिशा दिखा रहे हैं।
2027 वर्ल्ड कप दूर है।
लेकिन विराट कोहली वहां पहुंचने के लिए आज ही दौड़ रहे हैं।
और अगर इतिहास कुछ सिखाता है, तो यही—
कोहली को कभी जल्दी आउट मत समझो।















