Kohli – रांची की हवा में रविवार को कुछ अलग ही गूंज थी—ताली, शोर, और उस नाम की प्रतिध्वनि जो पिछले 15 सालों से भारतीय क्रिकेट का पर्याय बन चुका है।
विराट कोहली।
और इस बार उन्होंने सिर्फ शतक नहीं जड़ा…
उन्होंने इतिहास का सबसे ऊँचा दरवाज़ा खोल दिया।
52वां वनडे शतक।
एक फॉर्मेट में दुनिया का सबसे बड़ा शतक रिकॉर्ड।
सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ते हुए।
रांची का दिन… भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सीधे अमर हो चुका है।
कोहली का 52वां वनडे शतक—अब एक फॉर्मेट में दुनिया के नंबर-1
कोहली का यह शतक सिर्फ पारी नहीं, milestone था—क्योंकि:
- वनडे में 52 शतक – सबसे ज्यादा
- एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक – विश्व रिकॉर्ड
- सचिन तेंदुलकर के 51 टेस्ट शतकों को पीछे छोड़ा
एक वक्त था जब यह सफर असंभव लगता था।
आज वह बदली हुई हकीकत है—विराट कोहली नाम की वजह से।
वनडे में सचिन को तोड़ा, अब एक और महारिकॉर्ड भी गिरा
2023 में कोहली ने वनडे क्रिकेट में सचिन के 49 शतकों का रिकॉर्ड तोड़ा था।
अब 2025 में कोहली ने सचिन का एक और “अछूता” रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया—
एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक।
और खास बात?
कोहली न टेस्ट खेलते हैं, न T20I।
उनका फोकस वनडे पर है—और इसी फॉर्मेट को उन्होंने अपने करियर की विरासत बना दिया है।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ भी कोहली का दबदबा—सबसे ज्यादा शतक
SA के खिलाफ 135 रन की इस पारी ने एक और रिकॉर्ड बदल दिया:
- कोहली – 6 शतक बनाम SA (सबसे ज्यादा)
- सचिन तेंदुलकर – 5
- डेविड वॉर्नर – 5
यानी दक्षिण अफ्रीका—जो दुनिया का सबसे कठिन बॉलिंग अटैक माना जाता है—वह भी कोहली के सामने दोहराई किताब है।
9 महीने बाद वनडे शतक—लेकिन क्लास वहीं, hunger और ज्यादा
ऑस्ट्रेलिया दौरा कोहली के लिए अच्छा नहीं रहा।
दो बार शून्य, एक अनबीटन 74—लेकिन consistency नहीं दिखी।
रांची में वे बिल्कुल अपने पुराने संस्करण में लौटे:
- patience
- risk selection
- gaps की surgical precision
- timing + power
यह कोहली का vintage था, और modern कोहली का temperament भी।
शुरुआती झटका, फिर कोहली–रोहित ने संभाला मोर्चा
टॉस हारकर बल्लेबाज़ी करने उतरी टीम इंडिया ने चौथे ओवर में ही यशस्वी को खो दिया।
फिर आया वह साझेदारी जिसने मैच को संभाला—
राहुल द्रविड़ स्कूल की क्लास + T20 का smart aggression
रोहित शर्मा (57) और कोहली ने 136 रन जोड़े।
रोहित की क्लासिक पारी ने SA के तेज़ गेंदबाज़ों को रोकने में बड़ी भूमिका निभाई।
रोहित आउट हुए, फिर ऋतुराज और सुंदर सस्ते में लौटे।
लेकिन कोहली अपनी बांहें चढ़ाकर वही कर रहे थे जो वे 15 साल से कर रहे हैं—
इंडिया को मैच में रखना।
102 गेंदों में शतक—रांची में एक शांत लेकिन विस्फोटक पारी
कोहली ने 39वें ओवर की तीसरी गेंद पर शतक पूरा किया।
प्रीनेलान सुब्रायेन की फ्लाइटेड डिलीवरी—
हल्का सा आगे बढ़कर वही क्लासिक टाइम्ड स्ट्रोक…
और पूरा JSCA स्टेडियम खड़ा हो गया।
कोहली की पारी का स्कोरकार्ड
| गेंदें | रन | चौके | छक्के | स्ट्राइक रेट |
|---|---|---|---|---|
| 120 | 135 | 11 | 7 | 112.50 |
यह पारी “टेम्पो बदलने” का मास्टरक्लास थी—
पहले 50 रन patience से,
अगले 85 pure shot-making से।
“7000वांश अंतरराष्ट्रीय शतक”—इतिहास का एक प्रतीक
कोहली का यह शतक पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का 7000वां शतक भी था।
यानी जिस milestone को दुनिया आने वाले दशकों तक याद रखेगी—
उसके निशान पर कोहली का नाम दर्ज है।
कोहली ने राहुल के साथ मिलकर बनाया मजबूत प्लेटफॉर्म
आखिरी 10 ओवरों में भारतीय बल्लेबाज़ी collapsed हो सकती थी,
लेकिन KL राहुल (कार्यवाहक कप्तान) ने कोहली के साथ 76 रन जोड़कर स्कोर को competitive बनाया।
उनकी यह साझेदारी ही वह वजह बनी कि भारत 300 के आसपास का स्कोर खड़ा कर पाया।
टेस्ट–T20I संन्यास के बाद कोहली के वनडे का नया युग
कोहली के पास तीन优势 हैं:
- workload कम
- फोकस सिर्फ एक फॉर्मेट
- ODI tempo उनकी natural बैटिंग से perfectly मेल खाता है
और यह जो नया कोहली संस्करण है—
यह शायद अब तक का सबसे टिकाऊ, सबसे sharp संस्करण है।















