ODI : इरफान पठान ने दिया विराट कोहली को नया नाम – VCK

Atul Kumar
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ODI – विराट कोहली अब उस उम्र में हैं, जहां आंकड़े नहीं—निरंतरता शोर मचाती है। रन बनाने की भूख कम नहीं हुई है, बल्कि शायद और साफ दिखने लगी है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में 93 रनों की पारी इसका ताज़ा सबूत बनी।

शतक नहीं आया, लेकिन असर पूरा रहा। और इसी पारी के बाद पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने कोहली को एक नया नाम दे दिया—“विराट कंसिस्टेंट कोहली (VCK)”।

यह कोई सोशल मीडिया टैग नहीं था। यह एक टेक्निकल रीडिंग थी, एक खिलाड़ी द्वारा दूसरे खिलाड़ी की गहराई से की गई पड़ताल।

7 पारियां, 7 बार 50+ — ये संयोग नहीं

न्यूजीलैंड के खिलाफ 93 रन की इस पारी के साथ विराट कोहली ने 50 ओवर क्रिकेट में लगातार 7वां फिफ्टी-प्लस स्कोर दर्ज किया। इनमें सिर्फ फिफ्टी नहीं, बल्कि 3 शतक भी शामिल हैं।

यह सिलसिला शुरू हुआ था ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज़ से और अब तक थमा नहीं है।

विराट कोहली की हालिया 50+ पारियां (50 ओवर क्रिकेट)

मैच / टूर्नामेंटरन
ऑस्ट्रेलिया vs भारत (तीसरा ODI)74*
दक्षिण अफ्रीका vs भारत (पहला ODI)135
दक्षिण अफ्रीका vs भारत (दूसरा ODI)102
दक्षिण अफ्रीका vs भारत (तीसरा ODI)65*
विजय हजारे ट्रॉफी131
विजय हजारे ट्रॉफी77
न्यूजीलैंड vs भारत (पहला ODI)93

“इसे विराट कंसिस्टेंट कोहली कह सकते हैं” – इरफान पठान

अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए इरफान पठान ने साफ कहा कि कोहली अब सिर्फ विराट नहीं रहे—वह VCK बन चुके हैं।

पठान ने कहा,
“विराट कोहली जिस तरह से बल्लेबाज़ी कर रहे हैं, हम उन्हें विराट कंसिस्टेंट कोहली कह सकते हैं। पिछली 7 पारियों में 3 शतक और 4 अर्धशतक। पहले वनडे में वह बहुत मामूली अंतर से शतक से चूक गए और अब इंटरनेशनल क्रिकेट में 28 हज़ार रन पूरे कर चुके हैं।”

यह आंकड़ा भी कम नहीं है—
28,000 अंतरराष्ट्रीय रन।
अब उनसे आगे सिर्फ सचिन तेंदुलकर हैं।

37 की उम्र में यह निरंतरता कैसे?

यहीं से इरफान पठान का टेक्निकल एनालिसिस शुरू होता है। वह सिर्फ तारीफ नहीं करते—वह वजह ढूंढते हैं।

पठान ने कहा कि कोहली की निरंतरता का सबसे बड़ा कारण है उनकी परफेक्ट टेक्निक और बॉडी कंट्रोल।

“जब कोई बल्लेबाज़ नियमित तौर पर स्टेप आउट करता है, तो बहुत कुछ गलत हो सकता है। लेकिन कोहली का हेड पोज़िशन बेहद स्ट्रॉन्ग है। यह दिखाता है कि उनकी टेक्निक कितनी मजबूत है। आपका कोर स्ट्रॉन्ग होना चाहिए, तभी आप उस तरह के शॉट्स खेल सकते हैं।”

पारी पढ़ने की कला: यही फर्क बनाती है

न्यूजीलैंड के खिलाफ कोहली की 93 रन की पारी सिर्फ रन नहीं थी—वह मैच रीडिंग की क्लास थी।

इरफान पठान ने एक दिलचस्प पॉइंट उठाया:
पहली 20 गेंदों में कोहली ने 6 बाउंड्री लगाईं।
इसके बाद अगली 50 गेंदों में सिर्फ 1 बाउंड्री।

यानी:
पहले दबाव तोड़ा
फिर खेल को खींचा
और रनचेज को कंट्रोल में रखा

पठान के शब्दों में,
“शुरुआत में वह आक्रामक खेले, लेकिन सेट होने के बाद उन्होंने अपना अप्रोच बदला। यह देखना शानदार है कि वह कैसे लगातार बेहतर हो रहे हैं।”

क्यों यह निरंतरता और खास है?

क्योंकि यह ऐसे दौर में आ रही है जब:
उम्र 37 के करीब है
तेज़ गेंदबाज़ी पहले से ज्यादा फिट है
और डेटा-एनालिसिस बल्लेबाज़ों की कमज़ोरियां जल्दी पकड़ लेता है

इसके बावजूद कोहली:
लगातार रन बना रहे हैं
अलग-अलग परिस्थितियों में
और अलग-अलग अप्रोच के साथ

यह सिर्फ फॉर्म नहीं—फॉर्मूला है।

इरफान की एक दिलचस्प इच्छा

इरफान पठान यहीं नहीं रुके। उन्होंने एक फैन वाली बात भी कह दी।

“मुझे लगता है या तो 5 मैच की सीरीज़ होनी चाहिए या फिर कोई ट्राई-सीरीज़, ताकि हम कोहली को और ज्यादा इंटरनेशनल रन बनाते हुए देख सकें।”

यह बयान भी बहुत कुछ कहता है।
एक पूर्व खिलाड़ी, जो अब भी चाहता है कि कोहली का सफर और लंबा चले।

VCK: नाम छोटा, मतलब बड़ा

विराट कंसिस्टेंट कोहली—
यह नाम सिर्फ एक उपनाम नहीं है।

यह दर्शाता है:
टेक्निक की मजबूती
मेंटल क्लैरिटी
और पारी को पढ़ने की क्षमता

यही वजह है कि शतक छूटने के बावजूद प्लेयर ऑफ द मैच कोहली बने।

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