West Indies : टी20 विश्व कप में कैरेबियाई धमाका – इंग्लैंड पर भारी पड़ी डेथ ओवर बल्लेबाजी

Atul Kumar
Published On:
West Indies

West Indies – वानखेड़े की रातों में एक अलग ही चमक होती है। समुद्र से आती हल्की हवा, फ्लडलाइट्स की चकाचौंध और स्टैंड्स में झूमती भीड़। लेकिन इस बार माहौल सिर्फ उत्सव का नहीं था—यह ताकत का प्रदर्शन था। टी20 विश्व कप के इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को 30 रनों से हराकर साफ कर दिया कि कैरेबियाई क्रिकेट अभी भी बड़े मंच पर दहाड़ना जानता है।

इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। फैसला कागज़ पर सही लगा। लेकिन 20 ओवर बाद स्कोरबोर्ड पर 196/6 चमक रहा था—और इंग्लिश खेमे के चेहरों पर चिंता साफ दिख रही थी।

रदरफोर्ड की आतिशी पारी: मैच का असली मोड़

शेरफेन रदरफोर्ड ने जिस अंदाज़ में बल्लेबाजी की, वह सिर्फ रन बनाना नहीं था—वह बयान था। 42 गेंदों में नाबाद 76 रन। दो चौके, सात लंबे छक्के। स्ट्राइक रेट 180 से ऊपर।

शुरुआत में इंग्लैंड ने पकड़ बनाई थी। पावरप्ले के बाद रन गति थोड़ी थमी। लेकिन जैसे ही डेथ ओवर्स आए, रदरफोर्ड ने गियर बदला। खासकर 17वें और 18वें ओवर में लगाए गए लगातार छक्कों ने मैच का रुख बदल दिया।

बल्लेबाजरनगेंदचौकेछक्के
शेरफेन रदरफोर्ड76*4227
जेसन होल्डर331722

रदरफोर्ड और होल्डर के बीच छठे विकेट के लिए 61 रनों की साझेदारी निर्णायक रही। इंग्लैंड जहां 170 के आसपास रोकने की उम्मीद कर रहा था, वहां स्कोर 196 तक पहुंच गया।

इंग्लैंड की गेंदबाजी: अच्छी शुरुआत, कमजोर अंत

आदिल राशिद ने शानदार स्पेल डाला। 4 ओवर, सिर्फ 16 रन, 2 विकेट। जेमी ओवरटन ने भी 2 अहम विकेट लिए। लेकिन समस्या डेथ ओवर्स में आई।

गेंदबाजओवररनविकेट
आदिल राशिद4162
जेमी ओवरटन4332
जोफ्रा आर्चर445+1
सैम कर्रन439+0

आर्चर और कर्रन ने मिलकर 80 से ज्यादा रन दे दिए। डेथ ओवर्स में लेंथ और यॉर्कर की कमी साफ दिखी। वानखेड़े की छोटी बाउंड्री पर जरा सी चूक भी भारी पड़ती है—और यही हुआ।

197 का पीछा: शुरुआत तेज, अंत फीका

197 रनों का लक्ष्य आसान नहीं होता। लेकिन फिल साल्ट ने 14 गेंदों में 30 रन बनाकर उम्मीद जगाई। जैकब बेथेल ने 23 गेंदों में 33 रन जोड़े।

समस्या तब आई जब कप्तान हैरी ब्रूक (17) और जोस बटलर (21) बड़ी पारी नहीं खेल पाए। मिडिल ओवर्स में रन गति गिर गई और विकेट भी नियमित अंतराल पर गिरते रहे।

बल्लेबाजरनगेंद
फिल साल्ट3014
जैकब बेथेल3323
सैम कर्रन43*30
हैरी ब्रूक1715
जोस बटलर2118

सैम कर्रन ने अंत तक लड़ाई लड़ी, लेकिन जब तक वह गियर बदलते, मैच हाथ से निकल चुका था। पूरी टीम 19 ओवर में 166 पर सिमट गई।

वेस्टइंडीज की गेंदबाजी और फील्डिंग: अनुशासन की मिसाल

गुडाकेश मोती ने 33 रन देकर 3 विकेट झटके। रोस्टन चेस ने 29 रन देकर 2 बड़े बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। शमर जोसेफ और अकील होसेन ने भी दबाव बनाए रखा।

गेंदबाजरनविकेट
गुडाकेश मोती333
रोस्टन चेस292
शमर जोसेफ1
अकील होसेन1

दो रन आउट ने इंग्लैंड की कमर तोड़ दी। फील्डिंग में चुस्ती दिखी—डायरेक्ट हिट, तेज थ्रो, और कैचिंग में कोई गलती नहीं।

यह जीत सिर्फ बल्लेबाजी की नहीं थी। यह टीम एफर्ट की जीत थी।

अंक तालिका पर असर

इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने ग्रुप सी में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। नेट रन रेट भी सुधरा है। टूर्नामेंट के इस चरण में 30 रन की जीत मनोबल को दोगुना कर देती है।

इंग्लैंड के लिए यह चेतावनी है। बल्लेबाजी में गहराई है, लेकिन मिडिल ओवर्स में स्थिरता की कमी दिख रही है। गेंदबाजी में डेथ ओवर्स सबसे बड़ी चिंता बन चुके हैं।

वेस्टइंडीज ने एक बार फिर दिखाया कि टी20 उनका प्राकृतिक खेल है। पावर हिटिंग, धीमी गेंदों का चतुर उपयोग, और बेखौफ एप्रोच—यह उनकी पहचान है।

इंग्लैंड को अब रणनीतिक बदलाव करने होंगे। खासकर डेथ ओवर्स की योजना पर। क्योंकि नॉकआउट चरण में ऐसी गलती की कीमत और बड़ी हो सकती है।

वानखेड़े की रात कैरेबियाई जश्न में डूबी रही। ड्रम बजते रहे। दर्शक झूमते रहे। और इंग्लैंड—उसे अपनी कमियों पर गंभीरता से काम करना होगा।

क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप में मौके ज्यादा नहीं मिलते।

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