West Indies – तीसरे ओवर में विकेट गिरा तो स्टेडियम में एक पल को सन्नाटा था। लगा, वेस्टइंडीज फिर वही पुरानी कहानी दोहराएगा—धीमी शुरुआत, फिर दबाव, फिर जल्दबाज़ी। लेकिन क्रीज़ पर आए निकोलस पूरन… और खेल की रफ्तार ने अचानक गियर बदल लिया। 21 गेंद। 52 रन। और गेंदबाज़ों के चेहरे बता रहे थे—यह कुछ अलग होने वाला है।
सुपर-8 के इस बड़े मुकाबले में अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी थी। शुरुआती सफलता के बाद उनका प्लान साफ दिख रहा था—पावरप्ले में कसकर गेंदबाज़ी, फिर स्पिन से जकड़ना। लेकिन पूरन की सोच कुछ और थी।
21 गेंदों में पावर का प्रदर्शन
पूरन ने अपनी पारी में 5 चौके और 4 छक्के लगाए।
स्ट्राइक रेट? 247 से ऊपर।
अर्धशतक? सिर्फ 21 गेंदों में।
हर शॉट में इरादा साफ था। वह सिर्फ रन नहीं बना रहे थे—मैच की दिशा तय कर रहे थे। कवर के ऊपर से उठाया गया पहला छक्का संकेत था कि आज जोखिम लेने का दिन है। उसके बाद मिडविकेट पर पिक-अप पुल… और फिर स्पिनर के खिलाफ लॉन्ग-ऑन के ऊपर साफ छक्का।
वेस्टइंडीज के लिए सबसे तेज अर्धशतक (टी20 विश्व कप)
| खिलाड़ी | गेंदें | विपक्ष | वर्ष |
|---|---|---|---|
| निकोलस पूरन | 21 | अफगानिस्तान | 2026 |
| शिमरन हेटमायर | 22 | स्कॉटलैंड | 2026 |
| क्रिस गेल | 23 | ऑस्ट्रेलिया | 2009 |
| आंद्रे रसेल | 24 | भारत | 2016 |
| क्रिस गेल | 26 | ऑस्ट्रेलिया | 2012 |
पूरन अब उस लिस्ट में हैं, जहां नाम के आगे सिर्फ ताकत नहीं, इतिहास भी जुड़ा होता है। क्रिस गेल के रिकॉर्ड्स के बीच अपनी जगह बनाना—यह छोटी बात नहीं।
टूर्नामेंट के बड़े नामों में शामिल
यह सिर्फ टीम रिकॉर्ड नहीं था। पूरन की 21 गेंदों की फिफ्टी इस टूर्नामेंट की सबसे तेज पारियों में से एक बन गई।
टी20 विश्व कप 2026 – सबसे तेज अर्धशतक
| खिलाड़ी | गेंदें | विपक्ष |
|---|---|---|
| एडन मार्करम | 19 | न्यूजीलैंड |
| दासुन शनाका | 19 | ओमान |
| शिमरन हेटमायर | 19 | जिम्बाब्वे |
| निकोलस पूरन | 21 | अफगानिस्तान |
| जोस बटलर | 22 | पाकिस्तान |
मतलब साफ है—पूरन की पारी सिर्फ तेज नहीं थी, बल्कि टूर्नामेंट के टॉप ब्रैकेट में दर्ज एक बयान थी।
मैच का संदर्भ: क्यों जरूरी थी यह पारी?
सुपर-8 चरण में हर मैच नॉकआउट जैसा है। नेट रन रेट, पॉइंट्स टेबल, दबाव—सब साथ चलते हैं। वेस्टइंडीज को पिछले मुकाबले में हार मिली थी, इसलिए यहां आक्रामक शुरुआत बेहद जरूरी थी।
अफगानिस्तान की टीम हालिया वर्षों में टी20 की खतरनाक इकाइयों में गिनी जाती है। राशिद खान और मुजीब की स्पिन जोड़ी किसी भी मिडिल ऑर्डर को रोक सकती है। ऐसे में पूरन का पावरप्ले में हमला रणनीतिक था।
उन्होंने क्या किया?
• ऑफ स्टंप के बाहर की गेंदों पर कवर ड्राइव
• लेंथ बॉल को बैकफुट से पुल
• स्पिन के खिलाफ कदमों का इस्तेमाल
सब कुछ प्लान के साथ। कोई अंधाधुंध हिटिंग नहीं—बल्कि कैलकुलेटेड रिस्क।
शुरुआती झटका, फिर जवाब
ब्रेंडन किंग सिर्फ 8 रन बनाकर लौटे। पारी थोड़ी डगमगाई। लेकिन पूरन ने साझेदारी को खींचा। खास बात यह रही कि उन्होंने स्ट्राइक रोटेशन भी जारी रखा। टी20 में यही फर्क डालता है—हर गेंद पर बाउंड्री जरूरी नहीं, लेकिन हर ओवर में दबाव जरूरी है।
अफगान गेंदबाज़ों ने लाइन बदली, स्लोअर बॉल डाली, यॉर्कर ट्राई की। लेकिन पूरन ने लेंथ जल्दी पढ़ी। खासकर 7वें ओवर में लगातार दो छक्कों ने मैच की रफ्तार पूरी तरह बदल दी।
बड़ी तस्वीर: क्या यह टर्निंग पॉइंट है?
वेस्टइंडीज लंबे समय से “एंटरटेनमेंट क्रिकेट” के लिए जानी जाती रही है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में निरंतरता की कमी रही। पूरन की यह पारी सिर्फ चमक नहीं, बल्कि संकेत है कि टीम फिर से अपनी पहचान खोज रही है।
टी20 विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में ऐसे मोमेंटम शिफ्ट्स मायने रखते हैं। एक पारी ड्रेसिंग रूम का आत्मविश्वास बदल देती है। विपक्षी कप्तान की रणनीति हिला देती है।
अब सवाल यह है—क्या यह आक्रामकता सेमीफाइनल तक ले जाएगी? या यह सिर्फ एक चमकदार शाम थी?
फिलहाल स्कोरबोर्ड गवाही दे रहा है—21 गेंदों में 52 रन। और सुपर-8 की रेस अचानक और दिलचस्प हो गई है।



















