WPL – वडोदरा की गर्म शाम, भरा हुआ बीसीए स्टेडियम और आख़िरी ओवर में थमी सांसें—WPL 2026 का 17वां मुकाबला बिल्कुल वही लेकर आया, जिसके लिए यह लीग जानी जाती है।
गुजरात जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच यह सिर्फ एक मैच नहीं था, बल्कि नर्व्स, रणनीति और साहस की असली परीक्षा थी। और जब धुआं छटा, तो गुजरात जायंट्स ने 3 रन से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया।
यह जीत छोटी लग सकती है, लेकिन इसके मायने बड़े हैं। अंक तालिका में दूसरा स्थान मजबूत हो गया है और WPL इतिहास में पहली बार गुजरात ने एक ही सीजन में दिल्ली को दो बार हराने का कारनामा कर दिखाया है।
पहले बल्लेबाजी, दबाव में भी संतुलन
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात जायंट्स की शुरुआत बहुत आक्रामक नहीं रही, लेकिन पैनिक भी नहीं दिखा। विकेट गिरते रहे, लेकिन स्कोरबोर्ड चलता रहा—और यही फर्क बना।
बेथ मूनी एक बार फिर भरोसेमंद चट्टान बनकर खड़ी रहीं। 58 रनों की उनकी पारी में न कोई हड़बड़ी थी, न कोई अनावश्यक जोखिम। सामने WPL की सबसे अनुशासित गेंदबाजी इकाइयों में से एक थी, फिर भी मूनी ने गैप ढूंढे, स्ट्राइक रोटेट की और जरूरत पड़ने पर बाउंड्री निकाली।
उन्हें अच्छा साथ मिला—
- अनुष्का शर्मा से, जिन्होंने 39 रन बनाकर पारी को गति दी
- और अंत में तनुजा कंवर से, जिनके 21 रन बेहद अहम साबित हुए
गुजरात ने 20 ओवर में 174/9 का स्कोर खड़ा किया—ऐसा स्कोर, जो डिफेंड करने लायक था लेकिन गलती की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ता था।
दिल्ली की गेंदबाजी में श्री चरणी की चमक
दिल्ली कैपिटल्स की ओर से श्री चरणी सबसे प्रभावशाली गेंदबाज रहीं।
चार ओवर, 31 रन और 3 विकेट—हर स्पेल में कंट्रोल।
उन्होंने बीच के ओवरों में रन फ्लो रोका, जिसकी वजह से गुजरात 180 के पार नहीं जा सका। दिल्ली को लगा कि मैच अभी उनके हाथ में है।
लेकिन WPL में “लगता है” अक्सर धोखा देता है।
लक्ष्य का पीछा: तेज शुरुआत, फिर झटके
175 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली की शुरुआत तेज थी, लेकिन जल्दी ही पहला झटका लगा।
शेफाली वर्मा (14) तीसरे ओवर में राजेश्वरी गायकवाड़ का शिकार बन गईं।
इसके बाद जो हुआ, उसने मैच का रुख बदल दिया।
सोफी डिवाइन का डबल अटैक
गेंद हाथ में आई सोफी डिवाइन के, और वहीं से दिल्ली की मुश्किलें बढ़ती चली गईं।
डिवाइन ने—
- लिजेल ली (11) को टी20 क्रिकेट में 11वीं बार आउट किया
- जेमिमा रोड्रिग्स (16) को 5वीं बार पवेलियन भेजा
ये सिर्फ विकेट नहीं थे, ये मानसिक झटके थे।
14.3 ओवर में स्कोर था 100/6।
स्टेडियम में गुजरात के समर्थक शोर मचा रहे थे।
दिल्ली के डगआउट में खामोशी थी।
निकी प्रसाद–स्नेह राणा: उम्मीद की चिंगारी
और फिर आया मैच का सबसे खूबसूरत पल।
क्रीज पर थीं—
- युवा निकी प्रसाद
- अनुभवी स्नेह राणा
जो हुआ, वह WPL इतिहास में दर्ज हो गया।
रिकॉर्ड साझेदारी
दोनों के बीच हुई 70 रनों की साझेदारी WPL इतिहास में सातवें विकेट या उससे नीचे के लिए संयुक्त रूप से सबसे बड़ी साझेदारी बन गई।
| बल्लेबाज | रन | गेंद | खास बात |
|---|---|---|---|
| निकी प्रसाद | 47 | 24 | 9 चौके |
| स्नेह राणा | 29 | 15 | 3 चौके, 2 छक्के |
निकी ने बेखौफ अंदाज़ में खेला—हर गैप को निशाना बनाया।
राणा ने अनुभव से काम लिया—सही गेंद का इंतज़ार, फिर करारा वार।
मैच एक बार फिर खुल गया।
आख़िरी ओवर: फिर वही डिवाइन
अंतिम ओवर में दिल्ली को चाहिए थे 9 रन।
गेंद किसके हाथ में?
सोफी डिवाइन।
कहानी जानी-पहचानी थी।
डिवाइन ने—
- पहली ही कुछ गेंदों में दबाव बनाया
- फिर निकी प्रसाद और स्नेह राणा, दोनों को आउट किया
- पूरे ओवर में सिर्फ 5 रन दिए
दिल्ली 20 ओवर में 171/8 तक ही पहुंच सकी।
गुजरात जायंट्स जीत गई—3 रन से।
इतिहास रचा गुजरात जायंट्स ने
इस जीत के साथ गुजरात ने कई बॉक्स टिक किए—
- WPL इतिहास में पहली टीम, जिसने एक सीजन में दिल्ली को दो बार हराया
- दोनों बार अंतर बेहद कम—4 रन और अब 3 रन
- दोनों बार आख़िरी ओवर में सोफी डिवाइन का बचाव
इस मैच में भी डिवाइन का फिगर—4/37—और एक बार फिर “Player who made the difference”.
अंक तालिका पर असर
इस जीत ने गुजरात जायंट्स को अंक तालिका में दूसरे स्थान पर मजबूती से जमा दिया है।
दिल्ली के लिए यह हार चुभने वाली है—खासतौर पर इसलिए क्योंकि मैच हाथ में था।















