WPL : महिला क्रिकेट में भारत से डरी ऑस्ट्रेलिया – गार्डनर ने खोली सोच

Atul Kumar
Published On:
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WPL – महिला क्रिकेट की सबसे ताक़तवर आवाज़ों में से एक एशले गार्डनर जब बोलती हैं, तो उसे सिर्फ़ औपचारिक बयान नहीं माना जाता। ऑस्ट्रेलिया की स्टार ऑलराउंडर ने भारत को लेकर जो कहा है, वह तारीफ़ भी है और चेतावनी भी। साफ शब्दों में—आज ऑस्ट्रेलिया नंबर वन है, लेकिन आने वाले दशक में भारत को हराना आसान नहीं होगा।

यह बात उस खिलाड़ी की है, जो खुद पिछले साल महिला वनडे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारत के हाथों हार का हिस्सा रह चुकी हैं।

“भारत अगले 5–10 साल में बेहद खतरनाक होगा”

नौ जनवरी से शुरू हो रही महिला प्रीमियर लीग (WPL) में गुजरात जायंट्स की ओर से खेलने जा रहीं एशले गार्डनर ने भारत की तेज़ी से बढ़ती ताक़त को खुलकर स्वीकार किया।

गार्डनर ने कहा,
“भारतीय टीम अगले पांच से दस साल में उन टीमों में शामिल होगी, जिन्हें हराना बहुत मुश्किल होगा।”

और फिर उन्होंने एक दिलचस्प लाइन जोड़ दी—
“एक ऑस्ट्रेलियाई होने के नाते यह सोच थोड़ी डराती है, लेकिन यहां महिला क्रिकेट जिस रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, उसे देखकर अच्छा भी लगता है।”

यह सिर्फ़ कूटनीतिक तारीफ़ नहीं थी। यह उस बदलाव की पहचान थी, जो भारतीय महिला क्रिकेट में साफ दिखाई दे रहा है।

विश्व कप सेमीफाइनल की हार और बदली हुई तस्वीर

पिछले साल महिला वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर सबको चौंका दिया था। वही मैच इस पूरी सोच का आधार बना।

गार्डनर ने माना कि
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम का प्रदर्शन जिस तरह सुधरा है, उसने ऑस्ट्रेलिया को भी सोचने पर मजबूर किया है।

लेकिन गार्डनर का दावा: ऑस्ट्रेलिया अब भी नंबर वन

इतनी तारीफ़ के बावजूद गार्डनर ने यह भी साफ किया कि मौजूदा समय में ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट की सर्वश्रेष्ठ टीम है।

उन्होंने कहा,
“मैं वर्ल्ड कप के बाद से लगातार कह रही हूं कि हम अब भी दुनिया की सबसे अच्छी टीम हैं। बड़े टूर्नामेंट दबाव के पल दिखाते हैं।”

गार्डनर का तर्क दिलचस्प है। उनके मुताबिक अगर ऑस्ट्रेलिया किसी भी टीम के खिलाफ लगातार 10 मैच खेले, तो
8 या 9 मैच वे जीत जाएंगे।

भारत से मिली हार को उन्होंने “कठिन लेकिन सीख देने वाली” बताया।

WPL और भारतीय क्रिकेट का बदलता इकोसिस्टम

गार्डनर की इस सोच के पीछे एक बड़ा कारण है—महिला प्रीमियर लीग।

WPL ने भारतीय महिला क्रिकेट को वह मंच दिया है, जो पहले सिर्फ़ पुरुष क्रिकेट के पास था। पैसा, एक्सपोज़र, विदेशी खिलाड़ी, हाई-प्रेशर मैच—सब कुछ।

गार्डनर ने माना कि भारत में महिला क्रिकेट का विकास
“बेहद तेज़ और ठोस” है।

गुजरात जायंट्स: विदेशी सितारों पर भरोसा

WPL में गुजरात जायंट्स की टीम संरचना पर भी गार्डनर ने खुलकर बात की। दिलचस्प बात यह है कि गुजरात टीम में भारत की वर्ल्ड कप विजेता टीम से सिर्फ़ रेणुका सिंह ठाकुर हैं।

बाकी ताक़त विदेशी खिलाड़ियों से आती है—

  • बेथ मूनी
  • डैनी वियाट-हॉज
  • सोफी डिवाइन
  • और खुद एशले गार्डनर

गार्डनर ने कहा,
“अधिकतर टीमों में विदेशी बल्लेबाज़ों पर काफी निर्भरता है। हमारी टीम भी अलग नहीं है।”

“हरमनप्रीत या स्मृति नहीं, लेकिन जीतने का इरादा है”

गार्डनर ने ईमानदारी से यह भी माना कि गुजरात जायंट्स के पास
हरमनप्रीत कौर या स्मृति मंधाना जैसी भारतीय सुपरस्टार बल्लेबाज़ नहीं हैं।

लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा,
“जो खिलाड़ी हमारे पास हैं, उन्हीं के साथ हमें जीतना होगा। हमारे पास शानदार टीम है और हम जीतेंगे।”

यह बयान WPL की असली सच्चाई भी दिखाता है—यह लीग सिर्फ़ स्टार पावर नहीं, टीम बैलेंस का खेल है।

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया: अगली बड़ी प्रतिद्वंद्विता?

गार्डनर की बातों से एक बात साफ उभरती है।
महिला क्रिकेट में आने वाले सालों में सबसे बड़ी टक्कर होगी—

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया।

जहां एक तरफ़ ऑस्ट्रेलिया का अनुभव, सिस्टम और जीतने की आदत है, वहीं दूसरी तरफ़ भारत का युवा टैलेंट, घरेलू लीग और बढ़ता आत्मविश्वास।

तारीफ़ के पीछे छुपा अलार्म

एशले गार्डनर का बयान सिर्फ़ भारत की तारीफ़ नहीं है। यह एक तरह का अलार्म भी है।

ऑस्ट्रेलिया आज भले नंबर वन हो, लेकिन उन्हें भी पता है कि
भारतीय महिला क्रिकेट अब “भविष्य की टीम” नहीं रहा।

वह भविष्य अब बन चुका है।

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