WPL : महिला प्रीमियर लीग में सबसे ज्यादा सिक्स – शेफाली टॉप पर

Atul Kumar
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WPL – महिला प्रीमियर लीग में अगर किसी एक शॉट ने सबसे ज़्यादा शोर मचाया है, तो वो है—छक्का। और इस छक्कों की रेस में अब तक सबसे आगे जो नाम खड़ा है, वह है शेफाली वर्मा। बल्ला घुमाया, गेंद उठाई और स्टैंड्स में जमा दी—WPL की कहानी कुछ ऐसी ही बन चुकी है।
अब हालात ऐसे हैं कि WPL 2026 शुरू होते ही एक नया इतिहास लिखने को तैयार है।

दिल्ली कैपिटल्स की इस ओपनर ने टूर्नामेंट को सिर्फ रन नहीं दिए, बल्कि उसका मिज़ाज बदल दिया।

शेफाली वर्मा: WPL की सबसे बड़ी सिक्स मशीन

शेफाली वर्मा ने अब तक महिला प्रीमियर लीग में 27 मैचों में 49 छक्के जड़ दिए हैं। यह किसी भी खिलाड़ी द्वारा सबसे ज्यादा है।
और कहानी यहीं नहीं रुकती।

WPL 2026 में जैसे ही वह एक और गेंद को हवा में उठाएंगी, वह WPL इतिहास में 50 छक्के पूरे करने वाली पहली खिलाड़ी बन जाएंगी।
न कोई अगर-मगर, न कोई बराबरी—सीधा टॉप।

शेफाली की बल्लेबाज़ी का अंदाज़ शुरू से अलग रहा है। पावरप्ले हो या स्पिन का ओवर, उनका इरादा साफ रहता है—बाउंड्री नहीं, स्टैंड्स।

टॉप-5: WPL में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाली बल्लेबाज़

नीचे एक नज़र डालते हैं उन खिलाड़ियों पर, जिन्होंने WPL को हवा में उड़ाया है।

रैंकखिलाड़ीमैचछक्केटीम
1शेफाली वर्मा2749दिल्ली कैपिटल्स
2ऋचा घोष2620RCB
3एश्ले गार्डनर2526गुजरात जायंट्स
4एलिस पेरी2525RCB
5किरण नवगिरे2524यूपी वॉरियर्स

यह आंकड़े साफ बताते हैं कि शेफाली बाकी सबसे कितनी आगे हैं।

ऋचा घोष: विकेटकीपर, फिनिशर और पावर हिटर

दूसरे नंबर पर नाम आता है ऋचा घोष का।
26 मुकाबलों में 20 छक्के—संख्या भले शेफाली से काफी पीछे हो, लेकिन ऋचा की भूमिका अलग है।

वह मिडिल ऑर्डर में आती हैं, अक्सर मुश्किल हालात में। फिर भी उनका स्ट्राइक रेट और छक्के लगाने की क्षमता RCB के लिए बड़ा हथियार रही है। विकेटकीपिंग के साथ-साथ यह पावर गेम उन्हें खास बनाता है।

एश्ले गार्डनर: ऑस्ट्रेलियाई ताकत, भारतीय मैदानों में धमाल

ऑस्ट्रेलिया की ऑलराउंडर एश्ले गार्डनर ने WPL में 25 मैचों में 26 छक्के जड़े हैं।
गुजरात जायंट्स के लिए खेलते हुए गार्डनर ने दिखाया कि स्पिन खेलने में ताकत और टाइमिंग का सही कॉम्बिनेशन क्या होता है।

WPL 2026 में भी वह GG की ओर से उतरेंगी और उनकी मौजूदगी टीम के बैलेंस को मजबूती देती है—बल्ले से भी और गेंद से भी।

एलिस पेरी: क्लास, लेकिन 2026 में अनुपस्थित

एलिस पेरी—एक नाम, एक ब्रांड।
25 मैचों में 25 छक्के, लगभग एक मैच-एक सिक्स का औसत।

हालांकि WPL 2026 में वह निजी कारणों से हिस्सा नहीं लेंगी। यह RCB के लिए बड़ा झटका है। फ्रेंचाइज़ी ने उनके रिप्लेसमेंट के तौर पर सयाली साठघरे को स्क्वाड में जोड़ा है।

किरण नवगिरे: कम मैच, बड़ा इम्पैक्ट

लिस्ट में पांचवें नंबर पर हैं किरण नवगिरे।
25 मुकाबलों में 24 छक्के—यानी जब बल्ला चला, तो पूरी ताकत से चला।

यूपी वॉरियर्स के लिए खेलते हुए नवगिरे ने दिखाया कि घरेलू क्रिकेट से आई खिलाड़ी भी इंटरनेशनल नामों को टक्कर दे सकती है। उनका हिटिंग ज़ोन खास तौर पर मिडविकेट और लॉन्ग ऑन रहा है।

WPL और छक्कों का बदलता ट्रेंड

महिला क्रिकेट में कभी कहा जाता था कि “पावर गेम लिमिटेड है।”
WPL ने इस सोच को पूरी तरह तोड़ दिया।

अब बल्लेबाज़ सिर्फ गैप नहीं ढूंढतीं, सीधे बाउंड्री के पार देखती हैं।
बेहतर बैट, फिटनेस और निडर माइंडसेट—तीनों ने मिलकर छक्कों की बारिश कर दी है।

WPL 2026: नज़रें शेफाली पर टिकीं

WPL 2026 शुरू होते ही सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा—
क्या शेफाली वर्मा पहले ही मैच में सिक्स की फिफ्टी पूरी कर लेंगी?

अगर फॉर्म और इरादे देखें, तो जवाब “हाँ” से ज्यादा दूर नहीं लगता।
और अगर ऐसा होता है, तो यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं होगा—यह WPL के आक्रामक युग की मुहर होगी।

छक्का अब एक्सेप्शन नहीं, पहचान है

महिला प्रीमियर लीग में छक्का अब “सरप्राइज़” नहीं रहा।
वह रणनीति है।
वह हथियार है।
और शेफाली वर्मा उसकी सबसे बड़ी मिसाल हैं।

WPL 2026 शायद कई नई कहानियां गढ़े, लेकिन उसकी पहली हेडलाइन पहले से तैयार लगती है—
“50 छक्के, एक नाम।”

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