Ravi Shastri – भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे दिलचस्प कहानियों में से एक उस वक्त की है जब रवि शास्त्री (Ravi Shastri) ने युवा सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) को सिडनी टेस्ट के दौरान डांट लगा दी थी।
यह किस्सा है 1991-92 के ऑस्ट्रेलिया दौरे का, जब 18 साल के सचिन पहली बार कंगारू धरती पर उतरे थे — और उसी सीरीज में उन्होंने ऐसा शतक ठोका कि पूरी क्रिकेट दुनिया उनका लोहा मान गई।
जब रवि शास्त्री ने कहा – “चुप रहो, तुम्हारा बल्ला जवाब देगा”
क्रिकेट ऐक्ट के कार्यक्रम ‘समर ऑफ क्रिकेट लंच’ में रवि शास्त्री ने उस यादगार वाकये को साझा किया।
सिडनी टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी लगातार स्लेजिंग कर रहे थे — स्टीव वॉ और मार्क वॉ दोनों मिलकर सचिन पर तंज कस रहे थे, “ओए छोटू, तू तो कुछ नहीं कर पाएगा।”
रवि शास्त्री ने कहा,
“मुझे याद है, सचिन का पहला ऑस्ट्रेलिया दौरा था। मैंने शतक पूरा किया ही था और सचिन क्रीज पर आए थे।
माहौल बहुत गर्म था। माइक विटनी, जो 12वां खिलाड़ी था, वो भी स्लेजिंग करने लगा।”
शास्त्री ने मुस्कुराते हुए बताया,
“विटनी ने मुझसे कहा – ‘क्रीज में रहो वरना सिर फोड़ दूंगा।’
मैंने पलटकर कहा – अगर तेरा थ्रो इतना अच्छा होता तो तू 12वां खिलाड़ी नहीं होता!”
सचिन बोले – “शतक होने दो, फिर जवाब दूंगा”
शास्त्री ने बताया कि स्लेजिंग के बीच सचिन उनके पास आए और बोले –
“सर, मेरा शतक हो जाने दीजिए, फिर मैं भी इन्हें जवाब दूंगा।”
इस पर रवि शास्त्री ने तुरंत डांट लगाई —
“चुप रहो, तुम्हारा अलग क्लास है। तुम्हारा बल्ला बोलेगा,
बाकी सब मुझे करने दो।”
और हुआ भी वही। सचिन ने मैदान पर बिना कुछ कहे 148 रनों की नाबाद पारी खेली,
जबकि रवि शास्त्री ने 206 रन जड़कर दोहरा शतक पूरा किया।
सचिन तेंदुलकर – स्लेजिंग के खिलाफ शालीनता का प्रतीक
उस मैच के बाद से सचिन तेंदुलकर ने कभी भी किसी विपक्षी खिलाड़ी को जवाब नहीं दिया,
न ही किसी को स्लेज किया।
वो सिर्फ अपने बल्ले से जवाब देने वाले जेंटलमैन क्रिकेटर बन गए।
उनकी यही खासियत उन्हें बाकी सब से अलग बनाती है।
रवि शास्त्री कहते हैं,
“सचिन का क्लास कुछ और था। वो शब्दों से नहीं,
अपने रन और शतक से बात करते थे।”
सिडनी टेस्ट 1992 – भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया (Scorecard Summary)
| पारी | टीम | स्कोर | शीर्ष स्कोरर |
|---|---|---|---|
| 1st | ऑस्ट्रेलिया | 313 | डेविड बून – 129 |
| 2nd | भारत | 483 | रवि शास्त्री – 206, सचिन तेंदुलकर – 148* |
| 3rd | ऑस्ट्रेलिया | 173/8 | (मैच ड्रॉ) |
यह टेस्ट मैच ड्रॉ रहा,
लेकिन उसी सिडनी ग्राउंड पर दुनिया ने एक महान बल्लेबाज के जन्म को देखा।
उस डांट के बाद आया सचिन का पहला शतक ऑस्ट्रेलिया में
सचिन का यह सिडनी शतक उनके शुरुआती करियर का सबसे अहम मोड़ साबित हुआ।
यह उनकी तकनीक, मानसिक मजबूती और मैच टेम्परामेंट की पहली बड़ी झलक थी।
18 साल के लड़के ने ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर दुनिया के टॉप गेंदबाजों के खिलाफ
नाबाद 148 रन बनाकर इतिहास रच दिया।
















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