Ashes 2025 – शनिवार, 22 नवंबर, टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया—और वह भी एक नहीं, बल्कि दो अभूतपूर्व घटनाओं के कारण।
एक ओर गुवाहाटी में भारत–दक्षिण अफ्रीका टेस्ट ने 138 साल पुरानी परंपरा को बदल दिया, वहीं पर्थ में एशेज के पहले टेस्ट ने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो इससे पहले क्रिकेट के इतिहास में कभी नहीं देखा गया था।
गुवाहाटी में इतिहास—पहली बार टी ब्रेक लंच से पहले
भारत–दक्षिण अफ्रीका के दूसरे टेस्ट में पहले सेशन के बाद टी ब्रेक और दूसरे सेशन के बाद लंच ब्रेक रखा गया है—जो टेस्ट इतिहास में पहली बार हुआ है।
टेस्ट क्रिकेट में हमेशा:
- पहला ब्रेक: लंच
- दूसरा ब्रेक: टी
लेकिन गुवाहाटी टेस्ट ने यह क्रम उलट दिया।
ऐसा क्यों हुआ?
पूर्वोत्तर भारत में सूर्योदय और सूर्यास्त बाकी देश से काफी जल्दी होते हैं।
नतीजा—शाम को रोशनी बहुत जल्दी कम हो जाती है और मैच को बार-बार रोकने की नौबत आ सकती है।
इसी समस्या से बचने के लिए बीसीसीआई ने:
- मैच सुबह 9 बजे शुरू किया
- पहला ब्रेक 11 बजे टी ब्रेक
- दूसरा ब्रेक 1:20 बजे लंच
यह बदलाव टेस्ट क्रिकेट के 138 साल के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था।
एशेज में दूसरी ऐतिहासिक घटना—तीन पारियाँ, तीनों में पहले विकेट, फिर रन
पर्थ टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एक अविश्वसनीय संयोग देखने को मिला—
तीन अलग-अलग पारियों की शुरुआत बिना रन, सीधे विकेट से हुई।
यह पहली बार है जब किसी टेस्ट मैच में तीन पारियों की शुरुआत ऐसे हुई:
1) इंग्लैंड की पहली पारी: 0/1
मिचेल स्टार्क ने पहली ही ओवर में जैक क्रॉली को आउट किया—स्कोरबोर्ड पर अभी भी 0।
2) ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी: 0/1
जोफ्रा आर्चर ने जेक वेदराल्ड को LBW किया—ऑस्ट्रेलिया भी बिना रन बात शुरू होने से पहले ही झटका।
3) इंग्लैंड की दूसरी पारी: 0/1
स्टार्क ने फिर वही किया—क्रॉली को दूसरी पारी में भी शून्य पर चलता किया।
टेस्ट क्रिकेट के लगभग 150 सालों के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि एक ही मैच में तीन पारियों की शुरुआत बिना रन, सीधे विकेट से हो।
एशेज, जो दुनिया की सबसे पुरानी क्रिकेट राइवलरी है, उसने इस बार इतिहास में एक और पन्ना जोड़ दिया।
















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