Ashes 2025 – पर्थ की हवा में नमक भी है और खतरनाक तेज़ उछाल भी—और इन्हीं दोनों के बीच एशेज 2025 का पहला टेस्ट एक ऐसी दिशा में बढ़ चुका है, जहां जीत किसी भी तरफ झुक सकती है।
ऑस्ट्रेलिया के सामने 205 रनों का लक्ष्य है, लेकिन आंकड़े आप जितना भी जोड़-घटा लें—पिच, मौसम और गेंदबाज़ों की भूमिका इसे किसी भी हाल में “आसान Chase” की कैटेगरी में नहीं रखती।
मैच का आज दूसरा ही दिन है, लेकिन खेल हटकर चल रहा है—तीन पारियाँ पहले ही पूरी हो चुकी हैं।
और इस पिच के मूड को देखते हुए नतीजा तीसरे दिन निकलना तय माना जा रहा है।
इंग्लैंड की चाल—स्टोक्स का टॉस फैसला, पहले लगा गलत… फिर बना सही
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीता और बल्लेबाजी चुन ली। फैसला उस वक्त गलत लग रहा था जब टीम 172 पर सिमट गई।
लेकिन पर्थ की पिच ने एक बार फिर दिखाया कि उसके चक्रव्यूह से बचना आसान नहीं।
ऑस्ट्रेलिया 132 पर आउट हुई—यानि इंग्लैंड को पहली पारी में 40 रनों की अहम बढ़त मिल गई।
सोचिए—172 का स्कोर बनाकर भी अगर 40 रन की बढ़त मिल जाए तो पिच कितनी मुश्किल रही होगी।
और यही वजह है कि 205 रन का लक्ष्य भी खतरनाक दिख रहा है।
इंग्लैंड की दूसरी पारी—164 पर ढेर, लेकिन एक साझेदारी ने मैच में जान डाल दी
इंग्लैंड की दूसरी पारी लंबी नहीं चली।
164 रन—सभी विकेट आउट।
अब तक पूरे मैच में:
- तीन पारियाँ
- सिर्फ एक आधा शतक
- वो भी हैरी ब्रूक का 52
यानी इस पिच पर रन बनाना जुए जैसा है।
दूसरी पारी में इंग्लैंड के लिए टॉप स्कोरर बने:
• गस एटकिंसन – 37 रन
उन्होंने ब्रायडन कार्स के साथ मिलकर 50 रन की साझेदारी की।
ये साझेदारी मामूली नहीं थी—इसी की वजह से इंग्लैंड मैच में वापस आया और स्कोर 200+ बढ़त की तरफ गया।
स्टोक्स की टीम ने कुल बढ़त: 204 रन बनाई।
एटकिंसन–कार्स की जोड़ी ने यह बढ़त 205 तक धकेली—जो अब मैच की धुरी बन चुकी है।
ऑस्ट्रेलिया के लिए 205 रन क्यों मुश्किल हैं?
कागज़ पर 205 रन कोई बड़ा लक्ष्य नहीं।
लेकिन पर्थ की पिच पर गेंद:
- तेजी से उठ रही है
- लगातार सीम मूवमेंट दे रही है
- और सबसे महत्वपूर्ण बात—यहां बल्लेबाज़ सेट नहीं हो पाते
मिचेल स्टार्क और जोफ्रा आर्चर जैसे गेंदबाज़ों ने दिखा दिया है कि ये पिच सिर्फ़ एक चीज़ मांगती है:
धैर्य और किस्मत।
ऑस्ट्रेलिया की मुश्किलें इसलिए बढ़ जाती हैं क्योंकि:
- हेज़लवुड और कमिंस इस मैच में खेल नहीं रहे
- गेंदबाज़ों को विकेट मिले, लेकिन लक्ष्य का पीछा करना अलग दबाव है
- पहले दिन ही 19 विकेट गिरे—ऐसा रिकॉर्ड 100 साल में नहीं देखा
यह पिच हर घंटे अपना चरित्र बदल रही है।
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़—कमिंस–हेज़लवुड के बिना भी कमाल
यह मैच ऑस्ट्रेलिया के लिए एक बड़ी परीक्षा था—और गेंदबाज़ों ने उसे शानदार पास भी किया।
पहली पारी: इंग्लैंड 172
दूसरी पारी: 164
ऑस्ट्रेलिया के युवा और बैकअप गेंदबाज़ों ने इंग्लैंड को एक भी पारी में 200 पार नहीं जाने दिया।
यह बताता है कि एशेज जैसी बड़ी राइवलरी में वो मानसिक रूप से कितने मजबूत हो चुके हैं।
इस मैच में अब तक सिर्फ एक ही चीज़ स्थिर रही—अनिश्चितता
अब हालत यह है कि:
- इंग्लैंड ने 204 की कुल बढ़त बना ली है
- ऑस्ट्रेलिया को 205 की जरूरत है
- दोनों टीमों की बल्लेबाजी बेहद कमजोर दिखी
- गेंदबाज़ पूरे मैच पर छाए रहे
यह मैच तीसरे दिन समाप्त हो जाएगा—यह लगभग तय है।
लेकिन कौन जीतेगा?
इसका जवाब इस पिच पर सिर्फ अगले 3-4 घंटे ही देंगे।



















