Ashes 2025 – पर्थ की गर्म हवा में शनिवार दोपहर एक ही खबर गूंज रही थी—ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को पहले एशेज टेस्ट में सिर्फ दो दिन में आठ विकेट से रौंद दिया।
इतिहास के सबसे तेज़ी से खत्म हुए एशेज मुकाबलों में से एक। विकेट ऐसे गिर रहे थे मानो पिच पर टाइम-बम बिछा हो, लेकिन अराजकता के बीच एक बल्लेबाज़ ने मैच की दिशा अकेले मोड़ दी—ट्रैविस हेड।
205 रनों का लक्ष्य था, पिच खतरनाक थी, इंग्लिश गेंदबाज़ लय में थे…
लेकिन हेड ने 83 गेंदों में 123 रन बनाकर इंग्लैंड की सारी रणनीति उधेड़ दी।
यह पारी सिर्फ एक सेंचुरी नहीं थी—यह पर्थ की तेज़ हवा की तरह एक झंझावात थी, जिसने पूरा एशेज पलट दिया।
पर्थ की पिच पर तूफान—हेड का 83 गेंदों वाला शतक
ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य का पीछा ऐसे किया जैसे यह कोई वनडे मैच हो।
205 रन—सिर्फ 28.2 ओवर में।
हेड ने शुरुआत से ही इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेल दिया।
उनकी पारी के मुख्य आंकड़े:
- 123 रन (83 गेंद)
- 16 चौके
- 4 छक्के
- 69 गेंदों में शतक — टेस्ट इतिहास का संयुक्त पांचवां सबसे तेज़ शतक
पहले विकेट के लिए:
- हेड + जेक वेदराल्ड → 75 रन
वेदराल्ड 23(34) रन बनाकर आउट हुए, लेकिन नुकसान पहले ही हो चुका था।
फिर:
- हेड + मार्नस लाबुशेन → 117 रन
इस साझेदारी ने इंग्लैंड को पूरी तरह मैच से बाहर कर दिया।
17वें ओवर तक ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड वापसी करेगा, लेकिन हेड ने हर ओवर में बाउंड्री खोजकर मैच ऑस्ट्रेलिया के पाले में डाल दिया।
मार्नस लाबुशेन—शांत, स्थिर, निर्णायक
लाबुशेन 49 गेंदों में 51 रन बनाकर नाबाद रहे।
उनकी पारी शायद बड़ी न लगे, लेकिन उन्होंने एंकर बनकर हेड को खुलकर खेलने दिया—और यही इस चेज की असली कुंजी थी।
पर्थ का कहर—दो दिनों में 32 विकेट
पहले दिन 19 विकेट, दूसरे दिन 13 विकेट।
ऐसा एशेज ने पिछले 100 साल में नहीं देखा।
दोनों टीमों के बल्लेबाज़ इस पिच पर संघर्ष करते रहे, लेकिन एकमात्र अपवाद थे—ट्रैविस हेड।
स्टार्क—पूरे टेस्ट का सबसे बड़ा सितारा
तेज़ गेंदबाज़ मिचेल स्टार्क ने पूरे मैच में धमाका कर दिया और प्लेयर ऑफ द मैच बने।
उनका प्रदर्शन:
- पहली पारी: 7 विकेट
- दूसरी पारी: 3 विकेट
- कुल: 10 विकेट
यह वही स्टार्क थे जिन्होंने पहले ही दिन इंग्लैंड को 172 पर रोककर मैच वहीं से ऑस्ट्रेलिया के नियंत्रण में डाल दिया था।
इंग्लैंड कहाँ हार गया?
इंग्लैंड ने पहली पारी में 172 बनाकर भी 40 रन की बढ़त हासिल कर ली थी।
लेकिन दूसरी पारी में बल्लेबाज़ों ने पूरी आशा तोड़ दी—164 ऑल आउट।
महज तीन पारियों में किसी भी बल्लेबाज़ ने फिफ्टी तक नहीं लगाई, सिवाय हैरी ब्रूक (52) के।
दूसरी पारी में इंग्लैंड के विकेट ऐसे गिरे:
- तकनीकी गलतियाँ
- खराब शॉट चयन
- पर्थ की बाउंस को न पढ़ पाना
अगर इंग्लैंड की दूसरी पारी 200 तक जाती, तो मैच तीसरे दिन तक खिंच सकता था।
लेकिन टीम 34.4 ओवर्स में ही समर्पण कर गई।
एशेज का पहला टेस्ट—ऑस्ट्रेलिया की सीरीज़ पर मजबूत पकड़
ऑस्ट्रेलिया ने यह जीत सिर्फ नहीं बल्कि स्टेटमेंट की तरह दर्ज की है।
पर्थ की पिच पर उनकी गेंदबाज़ी, फिर हेड की बैटिंग—दोनों ने इंग्लैंड को आने वाले मैचों के लिए दबाव में ला दिया है।















