Ashes 2025 – पर्थ की हवा में पहले से ही तनाव घुला हुआ था, लेकिन एशेज 2025 के पहले टेस्ट ने इंग्लैंड के लिए जिस तरह की कहानी लिखी—वह जो रूट के करियर पर शायद सबसे काला धब्बा बनकर चिपक गई।
रूट, जिन्हें इंग्लैंड की बैटिंग रीढ़ कहा जाता है, ऑस्ट्रेलिया की धरती पर एक बार फिर ढह गए—और इस बार उस लिस्ट में सबसे ऊपर पहुँच गए, जिसमें कोई भी बल्लेबाज़ अपना नाम नहीं देखना चाहता।
जो रूट बने “शर्मनाक” रिकॉर्ड के नंबर–1
पर्थ टेस्ट में रूट पहली पारी में 0 और दूसरी पारी में 8 रन बनाकर आउट हुए।
दोनों बार उनको मिचेल स्टार्क ने उड़ा दिया—और इसी के साथ रूट एक बेहद अप्रिय रिकॉर्ड में नंबर–1 बन गए।
उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया में बिना शतक जड़े सबसे ज्यादा पारियां खेलने का रिकॉर्ड तोड़ दिया—जो पहले भारत के दिलीप वेंगसरकर के नाम था।
| स्थान | खिलाड़ी | पारियां | देश |
|---|---|---|---|
| 1 | जो रूट | 29 | ENG |
| 2 | दिलीप वेंगसरकर | 28 | IND |
| 3 | टॉम हेवर्ड | 27 | ENG |
| 4 | एलन लैम्ब | 25 | ENG |
| 5 | जिमी एडम्स | 23 | WI |
| 6 | ट्रेवर बेली | 22 | ENG |
| 7 | बिली बेट्स | 21 | ENG |
| 7 | शिवनारायण चंद्रपॉल | 21 | WI |
| 9 | माइक ब्रियरली | 20 | ENG |
| 9 | नसीर हुसैन | 20 | ENG |
| 11 | रोहित शर्मा | 19 | IND |
| 11 | जॉनी टाइल्डस्ले | 19 | ENG |
| 11 | जॉन राइट | 19 | NZ |
| 11 | डिक बार्लो | 19 | ENG |
रूट ने इस रिकॉर्ड के साथ एक ऐसी लकीर खींच दी है, जो बताती है कि ऑस्ट्रेलिया की पिचें उनके लिए अब भी पहेली ही हैं।
मैच में इंग्लैंड का बैटिंग ऑर्डर नहीं, बैजबॉल ढह गया
पहली पारी में बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी।
पर मिचेल स्टार्क जैसे इसी पल का इंतज़ार कर रहे थे—उन्होंने 7 विकेट उड़ाए और इंग्लैंड को 172 पर निपटा दिया।
इंग्लैंड ने वापसी की, 132 पर ऑस्ट्रेलिया को समेटकर।
स्टोक्स ने इस बार 5 विकेट झटके—लेकिन आखिरकार कहानी उसी जगह जाकर अटक गई, जहाँ पिछले एक दशक से इंग्लैंड फँस रहा है: ऑस्ट्रेलिया में चौथी पारी।
204 रन मुश्किल लग रहे थे—फिर आया हेड का तूफान
इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 164 जोड़कर ऑस्ट्रेलिया को 204 का टारगेट दिया।
तीन छोटी पारियों के बीच यह लक्ष्य मुश्किल माना जा रहा था।
लेकिन ट्रैविस हेड ने चौथी पारी को नेट-सेशन में बदल दिया—
83 गेंदों पर 123 रन, 69 गेंदों में शतक और इंग्लैंड की उम्मीदों का पतन।
ऑस्ट्रेलिया ने मैच को 8 विकेट से जीतकर 5 मैच की सीरीज में 1-0 बढ़त बना ली।
स्टार्क—परफॉर्मेंस जिसने मैच की दिशा भी बदली और करियर रिकॉर्ड भी
स्टार्क ने मैच में कुल 10 विकेट लिए और प्लेयर ऑफ़ द मैच बने।
रूट को दोनों पारियों में शून्य और संघर्ष में रखने का श्रेय भी उसी आग उगलती गेंदबाज़ी को जाता है।
रूट कहाँ चूक रहे हैं?
- ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर उछाल से परेशानी
- स्टार्क की बाएं हाथ की ऐंगल से इनस्विंग
- बैजबॉल के तहत अति-आक्रामकता
- लगातार दबाव, लगातार उम्मीदें
रूट की क्लास पर कोई सवाल नहीं, लेकिन आँकड़े बताते हैं कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बाहर उनका संघर्ष अब 29 पारियों तक खिंच चुका है।















