India : दीपिका टीसी का बड़ा बयान—पुरुष टीम से भी खेलने को तैयार भारत ने रचा इतिहास

Atul Kumar
Published On:
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India – नीले झंडों से भरे के पी सारा ओवल में रविवार की दोपहर जैसे ही आख़िरी रन बना, भारतीय दृष्टिबाधित महिला टीम का ड्रेसिंग रूम खुशी से गूंज उठा। यह सिर्फ जीत नहीं थी—यह पहले-पहले T20 Blind Women’s World Cup का ताज था, और भारत ने इसे नेपाल को सात विकेट से हराकर अपने नाम कर लिया।
इतिहास बना, और कप्तान दीपिका टीसी ने इसे बिल्कुल बिना लाग-लपेट के “बहुत बड़ी जीत… और बहुत गर्व का पल” बताया।

भारत की एकतरफा जीत, नेपाल पूरी तरह दबाव में

भारत ने फाइनल में पहले गेंदबाज़ी चुनी और नेपाल को 5 विकेट पर 114 पर रोक दिया।
स्कोर देखकर लगता है कि मैच कसा हुआ रहा होगा, लेकिन असल में नेपाल की पारी इतनी नियंत्रित थी कि वे पूरी इनिंग में सिर्फ एक चौका लगा सके।
भारतीय गेंदबाज़ों ने लाइन-लेंथ और ऊर्जा दोनों से नेपाल को जकड़ लिया।

जवाब में भारत ने किसी भी तरह की जल्दबाज़ी नहीं दिखाई—फिर भी मैच सिर्फ 12 ओवरों में जीत लिया।
फुला सरेन ने शांत लेकिन प्रभावशाली नाबाद 44 रन बनाए और भारत को खिताब की राह पर ले गईं।

कप्तान दीपिका टीसी का बयान—“हम बहुत मजबूत, टीमें हमसे डरती हैं”

फाइनल के बाद कप्तान दीपिका टीसी ने मीडिया से बात करते हुए कुछ बेहद दिलचस्प बातें कहीं—
“ये बहुत बड़ी जीत है। हमें गर्व है। हमारी टीम बहुत मेहनत करके यहां तक पहुंची है। और सच कहूं… टूर्नामेंट के दौरान कुछ टीमें हमारे खिलाफ खेलने से डर रही थीं।”

यह बयान जितना साहसिक है, उतना ही असरदार भी—क्योंकि भारत पूरे टूर्नामेंट में लगभग अजेय दिखा।
उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में ध्वस्त किया था, जबकि नेपाल ने पाकिस्तान को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

दीपिका ने आख़िर में वह पंक्ति कही जिसने हर जगह सुर्खियाँ पकड़ लीं—
“हम पुरुष टीम के खिलाफ खेलने के लिए भी तैयार हैं।”

उनके चेहरे की मुस्कान और टीम की बॉडी लैंग्वेज दोनों बता रहे थे कि यह आत्मविश्वास बस यूं ही नहीं आता—यह खेलकर कमाया जाता है।

टूर्नामेंट का सफर—भारत लगभग हर मैच में हावी

भारत ने शुरुआती चरण में भी प्रतिद्वंद्वियों को ज्यादा मौका नहीं दिया।
श्रीलंका, जो सह-मेजबान था, सिर्फ एक ही मैच जीत सका—वह भी अमेरिका के खिलाफ।
इसके मुकाबले भारत और नेपाल लगातार जीत के साथ शीर्ष स्थानों पर रहे।

भारतीय बैटिंग, खासकर मिडिल ऑर्डर की स्थिरता और बाउंड्री लेने की समझ, इस वर्ल्ड कप की सबसे ताकतवर कड़ी रही।

भारत की जीत क्यों बड़ी है?

इस जीत का महत्व सिर्फ पहला वर्ल्ड कप जीतने तक सीमित नहीं है—
यह दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट को वैश्विक मान्यता दिलाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम है।
इससे पहले पुरुष ब्लाइंड क्रिकेट को काफी लोकप्रियता मिली है, लेकिन महिलाओं की श्रेणी का पहला विश्व मंच—और उसमें भारत की जीत—भविष्य के लिए मजबूत जमीन तैयार करता है।

स्कोरकार्ड एक नजर में

टीमस्कोरनतीजा
नेपाल (पहली पारी)114/5भारत ने रोका
भारत117/3 (12 ओवर)भारत 7 विकेट से विजेता
भारत की टॉप परफॉर्मरप्रदर्शन
फुला सरेननाबाद 44
भारतीय गेंदबाजसिर्फ एक चौका देने की अनुशासित बॉलिंग
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