Pujara – राजकोट की ठंडी सुबह ने बुधवार को भारतीय क्रिकेट परिवार को एक ऐसी खबर थमा दी, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। चेतेश्वर पुजारा—भारतीय टेस्ट क्रिकेट की सबसे शांत, अनुशासित और दृढ़ छवियों में से एक—उनके परिवार पर अचानक गहरा व्यक्तिगत शोक टूट पड़ा है।
उनकी पत्नी पूजा के भाई और पुजारा के साले जीत रसिखभाई पाबरी अपने घर में मृत पाए गए। पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है।
यह खबर न सिर्फ परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्रिकेट समुदाय के लिए एक झटका है।
राजकोट में मिला शव, पुलिस जांच जारी
मालवीयनगर पुलिस के मुताबिक, जीत पाबरी बुधवार सुबह राजकोट स्थित अपने घर में अचेत अवस्था में मिले।
पुलिस टीम उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
अधिकारियों ने शुरुआती तौर पर पुष्टि की है कि पाबरी मानसिक तनाव और लंबे समय से डिप्रेशन से जूझ रहे थे।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने फिलहाल विस्तृत टिप्पणी से परहेज किया है।
पूर्व मंगेतर की शिकायत और तारीखों का दर्दनाक संयोग
मामला वहीं नहीं रुकता।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि पाबरी की पूर्व मंगेतर ने 26 नवंबर 2024 को उनके खिलाफ रेप का केस दर्ज कराया था—शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप।
दुखद संयोग है कि जीत ने ठीक एक साल बाद, 26 नवंबर 2025 को अपनी जान ले ली।
जांच अधिकारियों का कहना है कि यह कानूनी दबाव और मानसिक स्थिति के बीच का संभावित संबंध जांच का हिस्सा होगा, लेकिन अभी किसी निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाज़ी होगी।
पुजारा का परिवार—जामजोधपुर से राजकोट तक की जड़ें
पुजारा के ससुराल वाले मूल रूप से जामजोधपुर के रहने वाले हैं, लेकिन बीते दो दशकों से राजकोट में बस गए।
परिवार एक कॉटन जिनिंग फैक्ट्री का संचालन करता है।
पुजारा की पत्नी पूजा, उनका छोटा भाई (जीत) और एक बहन—तीनों का बचपन गोंडल और राजकोट-अहमदाबाद में बीता।
पूजा ने आगे बॉम्बे से मास्टर्स की पढ़ाई की और कुछ समय एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम भी किया।
फरवरी 2013 में राजकोट में पुजारा और पूजा की शादी एक पारंपरिक समारोह में हुई थी।
क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा—मैदान से दूर, अब जीवन की सबसे कठिन लड़ाई
37 वर्षीय पुजारा इस साल अगस्त में क्रिकेट से ऑल-फॉर्मेट रिटायरमेंट ले चुके हैं।
उनका करियर किसी कहानी की तरह था—103 टेस्ट, 43.60 की औसत, 7195 रन, और टेस्ट बैटिंग की भारतीय परंपरा का सबसे क्लासिक उदाहरण।
भारतीय बल्लेबाजों की टेस्ट रनों की सूची में वे आठवें नंबर पर आते हैं।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका 21,000+ रन का पहाड़ अलग ही दुनिया है।
लेकिन आज, उनके करियर की उपलब्धियों से कहीं ज्यादा लोगों का ध्यान उनकी निजी दुखद परिस्थिति पर है।
परिवार और संवेदनशीलता—यह समय गंभीरता का है
राजकोट पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि बयानबाज़ी सीमित रखी जाएगी और मीडिया से भी संवेदनशील रवैया अपनाने की अपील की है।
परिवार पूरी तरह सदमे में है और किसी तरह की सार्वजनिक टिप्पणी नहीं कर रहा।
यह मामला बेहद निजी है—और कानूनी रूप से भी संवेदनशील।
ऐसे समय में जानकारी साझा करते हुए संतुलन बनाए रखना ज़रूरी है।















