ODI : रोहित–कोहली के ODI भविष्य पर उठे सवालों के बीच श्रीसंत कूदे

Atul Kumar
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Mandhana

ODI – रांची से रायपुर तक चलते हुए जिस तरह माहौल बदला, ठीक वैसी ही करवट पूरी बहस ने भी ली—रोहित–विराट का ODI भविष्य और गौतम गंभीर की नीति अब क्रिकेट चर्चा के सबसे गर्म मुद्दों में बदल चुके हैं।
और इस बहस में अब एक पुराना, बेबाक और हमेशा दिल से बोलने वाला नाम कूद पड़ा है—एस. श्रीसंत।

पूर्व तेज़ गेंदबाज ने ऐसा बयान दिया कि सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया। श्रीसंत ने सीधे-सीधे गंभीर से अपील की—

“गौतम भाई, रोहित और विराट को मत रोको… ये अभी भी बाकी खिलाड़ियों से हजार गुना बेहतर हैं।”

वीडियो कुछ घंटों तक वायरल रहा और फिर हट गया—क्यों, यह स्पष्ट नहीं—लेकिन जो शब्द निकल चुके थे, उसने भारतीय क्रिकेट की अंदरूनी राजनीति और चयन प्रक्रिया के चारों ओर नए सवाल खड़े कर दिए।

श्रीसंत का संदेश—समर्थन, चिंता या सिस्टम पर तंज?

श्रीसंत के वीडियो में उनका लहजा भावुक था।
उन्होंने गंभीर को ‘गौतम भाई’ कहकर संबोधित किया और कहा:

“स्पेशली रो-को को मत रोको…
रोहित और विराट का जो रिकॉर्ड है वह बेहतरीन है।
जब तक वो खेलना चाहते हैं, उन्हें खेलने दो।”

क्रिकेटिंग सर्कल में इसे दो तरह से देखा जा रहा है—
पहला, एक वरिष्ठ खिलाड़ी द्वारा दो महान खिलाड़ियों के समर्थन का स्वाभाविक बयान।
दूसरा, यह स्वीकारोक्ति कि टीम मैनेजमेंट के भीतर सचमुच कठिन बातचीत चल रही है—जैसा कि हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस संकेत देती थीं।

गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर “भविष्य नहीं, वर्तमान पर फोकस” वाली लाइन बार-बार दोहराते रहे—जिससे यह संदेश बिला शक बाहर गया कि दोनों दिग्गजों की ODI जगह स्थायी नहीं मानी जा रही।

2027 विश्व कप रोडमैप—क्यों बढ़ी है बहस?

कहानी की जड़ वर्ल्ड कप 2027 की योजना में है।
भारत नया कोर बनाना चाहता है—लेकिन समस्या यह है कि अभी भी भारत के सबसे भरोसेमंद ODI खिलाड़ी वही दो नाम हैं:

  • रोहित शर्मा – 38 वर्ष
  • विराट कोहली – 36 वर्ष

दोनों टी20 और टेस्ट से संन्यास ले चुके हैं और सिर्फ वनडे खेलना चाहते हैं।
इस फॉर्मेट में उनका रिकॉर्ड अभी भी दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल है।

और पिछले चार महीनों में जो हुआ, उसने इस बहस की दिशा बदल दी।

हालिया प्रमुख प्रदर्शन

टूर्नामेंटखिलाड़ीप्रदर्शन
चैंपियंस ट्रॉफी, फाइनलरोहित शर्माप्लेयर ऑफ द मैच
चैंपियंस ट्रॉफी, सेमीफाइनलविराट कोहलीप्लेयर ऑफ द मैच
ऑस्ट्रेलिया दौरा, अंतिम वनडेरोहितनाबाद शतक + प्लेयर ऑफ द सीरीज
ऑस्ट्रेलिया दौरा, अंतिम वनडेकोहलीनाबाद अर्धशतक
SA vs IND, पहला वनडेकोहलीशतक + प्लेयर ऑफ द मैच
SA vs IND, पहला वनडेरोहितअर्धशतक

यानी—फॉर्म कम नहीं हुआ, बल्कि दबाव में और खतरनाक हो गए।

इसलिए जब चयन बैठक के बाद रोहित को पूर्व ODI कप्तान घोषित किया गया, और दोनों की जगह को “वर्तमान प्रदर्शन” से जोड़ा गया, तब से सवाल तेज़ हुए—क्या गंभीर भविष्य की तैयारी में बहुत तेजी दिखा रहे हैं?

गंभीर–रोहित–विराट समीकरण: तीन दशक का इतिहास, एक नया अध्याय

गौतम गंभीर और कोहली-रोहित के रिश्ते किसी एक लाइन में समझे नहीं जा सकते।

  • IPL में भिड़ंत
  • मैदान पर गर्म पल
  • रणनीतिक मतभेद
  • लेकिन राष्ट्रीय टीम में हमेशा सम्मान

गंभीर अब हेड कोच हैं।
कोहली–रोहित वरिष्ठ खिलाड़ी।
सत्ता का समीकरण बदल चुका है—इसीलिए हर लाइन, हर चयन, हर बयान पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।

श्रीसंत का कहना—“मत रोको”—यहीं कनेक्ट होता है।
सार यह है कि अगर दो महान खिलाड़ी अब भी फिट, फॉर्म में और भूखे हैं—तो भविष्य के नाम पर उन्हें किनारे लगाने की जल्दबाज़ी नहीं होनी चाहिए।

क्यों ठंडी नहीं हो रही बहस?

क्योंकि जो घटनाएँ हुईं, उन्होंने संदेह पैदा किया:

  • कोहली शुरुआती दो मैचों में शून्य पर आउट → सोशल मीडिया पर विदाई की बातें
  • चयनकर्ताओं ने भविष्य पर टिप्पणी करने से बचा → अटकलें बढ़ीं
  • रोहित को वनडे कप्तानी से हटाना → बड़ा झटका
  • दोनों ने निर्णायक मैचों में शतक/अर्धशतक जड़े → चर्चा पलट गई
  • पहले SA वनडे में दोनों ने फिर मैच जिताया → पूरा नरेटिव बदल गया

अब स्थिति उल्टी है—
खिलाड़ियों नहीं, कोच के भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं।

श्रीसंत का दखल—क्रिकेट जगत इसे कैसे देख रहा है?

क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच दो समूह बन गए हैं:

समूह 1: “श्रीसंत ने सच कहा”

– रोहित–कोहली अब भी भारत के सबसे भरोसेमंद ODI बल्लेबाज
– बड़े टूर्नामेंट अनुभवी खिलाड़ियों से ही जीतते हैं
– 2027 दूर है, लेकिन अगले दो साल में भारत को लगातार बड़े टूर्नामेंट हैं

समूह 2: “कोच की रणनीति पर टिप्पणी गलत”

– गंभीर टीम को 2027 की ओर ले जा रहे
– चयन नीति पर सार्वजनिक दखल गलत
– विराट–रोहित अपने खेल से जगह बनाएंगे—बाहरी समर्थन की जरूरत नहीं

दोनों पक्षों में तर्क हैं—लेकिन चर्चा इतनी बड़ी इसलिए बनी क्योंकि बयान किसी सामान्य पंडित ने नहीं, बल्कि विश्व कप विजेता गेंदबाज एस. श्रीसंत ने दिया है।

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Atul Kumar

Atul Kumar

क्रिकेट को देखता हूं और समझता हूं और आप लोगों तक नए-नए सूचनाएं पहुंचाने की कोशिश करता हूं। लाइफ में हमेशा नई-नई चीजों को सीखने का शौक रखता हु, पुराने न्यूज़ को नए तरीके से प्रस्तुत करता हूं।

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