Wanindu – पल्लेकेले की उमस ऐसी थी कि सांस लेना भी भारी लग रहा था, और उसी दोपहर वानिंदु हसरंगा ने जब आयरलैंड के खिलाफ गेंद पकड़ी, तो श्रीलंका को अंदाज़ा भी नहीं था कि टूर्नामेंट का सबसे बड़ा झटका यहीं से शुरू होगा।
कुछ ओवर बाद फिजियो मैदान पर था, हसरंगा चेहरे पर हल्की तकलीफ के साथ बाहर जा रहे थे, और ड्रेसिंग रूम में खामोशी पसर चुकी थी। बाईं हैमस्ट्रिंग में खिंचाव ने श्रीलंका की टी20 विश्व कप 2026 की योजनाओं को झटका दे दिया है। टूर्नामेंट छोटा है, वक्त कम है, और अब टीम को प्लान-बी पर शिफ्ट होना पड़ा है।
हसरंगा की गैरमौजूदगी: सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, पूरी रणनीति पर असर
हसरंगा सिर्फ विकेट लेने वाले लेग स्पिनर नहीं हैं। वह कप्तान के लिए मिडिल ओवर्स का हथियार हैं, जो रन-रेट को जकड़ लेते हैं और अचानक मैच का रुख पलट देते हैं। पिछले कुछ सालों में उन्होंने टी20 प्रारूप में जो प्रभाव डाला है, उसने उन्हें श्रीलंका की रणनीति का केंद्र बना दिया था।
मिडिल ओवर्स में आक्रामक फील्ड सेटिंग, लगातार वैरिएशन, और नीचे आकर 20–25 तेज रन—यह पैकेज अब टीम के पास नहीं होगा। आयरलैंड के खिलाफ शुरुआती मुकाबले में ही चोट लगना, टूर्नामेंट के लिहाज से बुरा समय है। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, मांसपेशियों में खिंचाव इतना गंभीर है कि उन्हें आराम और रिहैब की जरूरत होगी।
टीम मैनेजमेंट के एक सदस्य ने ऑफ रिकॉर्ड कहा, “हमने कई कॉम्बिनेशन सोचे थे, लेकिन हसरंगा के बिना संतुलन बदल जाता है।” यही असली चिंता है—बैलेंस।
दुशान हेमंथा: मौके का दरवाज़ा खुला, लेकिन दबाव भी उतना ही
31 वर्षीय दुशान हेमंथा अब इस कहानी के नए किरदार हैं। सीमित अंतरराष्ट्रीय अनुभव के बावजूद घरेलू सर्किट में उनका रिकॉर्ड ठोस रहा है। वह दाएं हाथ के लेग स्पिनर हैं और बल्लेबाजी भी कर सकते हैं, हालांकि हसरंगा जैसी विस्फोटक क्षमता अभी साबित नहीं हुई।
अब तक उनका अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड कुछ यूं है:
| प्रारूप | मैच | विकेट | भूमिका |
|---|---|---|---|
| वनडे | 5 | 4 | स्पिन ऑलराउंडर |
| टी20I | 3 | 2 | मिडिल ओवर विकल्प |
हेमंथा ने लंका प्रीमियर लीग में प्रभावित किया है, जहां उन्होंने पावरप्ले के बाद के ओवरों में नियंत्रण दिखाया। लेकिन विश्व कप का मंच अलग होता है। यहां हर गेंद पर नजरें होती हैं, और हर गलती महंगी।
आईसीसी तकनीकी समिति की प्रक्रिया
टी20 विश्व कप जैसे वैश्विक टूर्नामेंट में खिलाड़ी बदलना साधारण प्रक्रिया नहीं है। नियमों के मुताबिक, किसी भी रिप्लेसमेंट को आईसीसी की तकनीकी समिति की मंजूरी जरूरी होती है। समिति में आईसीसी के महाप्रबंधक वसीम खान सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
आईसीसी के नियम स्पष्ट हैं कि चोट की मेडिकल पुष्टि के बाद ही बदलाव स्वीकार किया जाता है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है, ताकि टीमों को अनुचित लाभ न मिले। इस मामले में मंजूरी जल्दी मिल गई, क्योंकि मेडिकल रिपोर्ट स्पष्ट थी।
न्यूजीलैंड की मुश्किलें भी कम नहीं
ब्रेसवेल हाल ही में भारत के खिलाफ सीरीज में लौटे थे, लेकिन अभ्यास सत्र में फिर असहजता महसूस हुई। कीवी टीम ने अभी तक आधिकारिक रिप्लेसमेंट की घोषणा नहीं की है, हालांकि रिजर्व खिलाड़ी स्क्वॉड के साथ हैं।
चोटों की यह लहर बताती है कि आधुनिक टी20 क्रिकेट कितना शारीरिक रूप से मांग करने वाला हो चुका है। लगातार यात्रा, अलग मौसम, और बैक-टू-बैक मुकाबले—रिकवरी का समय बेहद सीमित है।
अब तक प्रमुख चोटों की स्थिति:
| टीम | खिलाड़ी | चोट | स्थिति |
|---|---|---|---|
| श्रीलंका | वानिंदु हसरंगा | हैमस्ट्रिंग | बाहर |
| न्यूजीलैंड | माइकल ब्रेसवेल | पिंडली | बाहर |
ओमान के खिलाफ अगली चुनौती
कागज पर देखें तो ओमान के खिलाफ मुकाबला आसान लग सकता है। लेकिन टी20 क्रिकेट में छोटे अंतर ही मैच तय करते हैं। अगर हेमंथा प्लेइंग इलेवन में आते हैं, तो उन्हें तुरंत असर डालना होगा। कप्तान शायद अतिरिक्त स्पिन विकल्प जोड़ें या बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करें।
टीम के अंदर चर्चा यही है—क्या आक्रामक रुख जारी रखा जाए या थोड़ा संतुलित अप्रोच अपनाया जाए? हसरंगा की गैरमौजूदगी में मिडिल ओवर्स का जिम्मा किस पर होगा? महेश थीक्षणा पर दबाव बढ़ेगा, यह तय है।
और सच कहें तो, विश्व कप में हर मैच नॉकआउट जैसा होता है। एक हार पूरे समीकरण बदल देती है।
चोटों का बढ़ता ट्रेंड: क्या शेड्यूल जिम्मेदार?
पिछले कुछ सालों में खिलाड़ियों की फिटनेस पर सवाल बढ़े हैं। फ्रेंचाइजी लीग, अंतरराष्ट्रीय सीरीज, और फिर विश्व कप—खिलाड़ी लगभग सालभर क्रिकेट खेल रहे हैं। वर्कलोड मैनेजमेंट अब सिर्फ शब्द नहीं, जरूरत बन चुका है।
क्रिकेट बोर्ड अक्सर रोटेशन नीति अपनाते हैं, लेकिन विश्व कप में यह विकल्प सीमित होता है। ऐसे में चोट का जोखिम बढ़ जाता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि भविष्य में टूर्नामेंट शेड्यूल पर और गंभीर चर्चा हो सकती है।















