Ben Manenti – इंग्लैंड के खिलाफ 203 रन के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करते हुए जब इटली 22 रन पर तीन विकेट गंवा चुका था, तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि अगली आधी रात तक एक नया रिकॉर्ड लिखा जा चुका होगा।
लेकिन बेन मेनेंटी ने क्रीज पर आते ही जो किया, उसने टी20 विश्व कप 2026 के इस मुकाबले को अचानक सुर्खियों में ला दिया। 22 गेंदों में अर्धशतक। और वो भी एक फुल मेंबर टीम के खिलाफ। एसोसिएट क्रिकेट के लिए यह सिर्फ एक पारी नहीं, बयान था।
इटली मैच हार गया—24 रन से। लेकिन मेनेंटी जीत गए। इतिहास में।
रिकॉर्ड जो सालों से कायम था, अब टूटा
अब तक यह उपलब्धि नीदरलैंड्स के स्टीफन मायबर्ग के नाम थी। 2014 में चटगांव में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 25 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था। सामने डेल स्टेन और मोर्ने मोर्कल जैसे तेज गेंदबाज। उस पारी को लंबे समय तक एसोसिएट क्रिकेट की सबसे साहसी पारियों में गिना जाता रहा।
लेकिन सोमवार रात मेनेंटी ने इंग्लैंड के खिलाफ 22 गेंदों में फिफ्टी ठोककर उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, यह अब किसी एसोसिएट नेशन बल्लेबाज द्वारा फुल मेंबर टीम के खिलाफ सबसे तेज अर्धशतक है।
रिकॉर्ड तुलना कुछ यूं रही:
| खिलाड़ी | टीम | विरोधी टीम | गेंदें | वर्ष |
|---|---|---|---|---|
| स्टीफन मायबर्ग | नीदरलैंड्स | दक्षिण अफ्रीका | 25 | 2014 |
| बेन मेनेंटी | इटली | इंग्लैंड | 22 | 2026 |
मैच का पूरा संदर्भ: 202 रन का पीछा
इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 202 रन बनाए। पावरप्ले में आक्रामक शुरुआत, बीच के ओवरों में तेज रफ्तार, और आखिर में फिनिशिंग—स्कोरबोर्ड पर 200 से ऊपर का आंकड़ा हमेशा दबाव बनाता है।
इटली की शुरुआत खराब रही। 22 रन पर तीन विकेट। ड्रेसिंग रूम में सन्नाटा। लेकिन तभी मेनेंटी क्रीज पर आए। उन्होंने शुरुआत से ही इरादा साफ कर दिया—रक्षात्मक खेल नहीं, पलटवार।
विल जैक्स के एक ओवर में लगातार बाउंड्री ने मैच का टेम्पो बदल दिया। 22 गेंदों में अर्धशतक पूरा। स्टेडियम में बैठे इंग्लिश फैंस भी तालियां बजाने पर मजबूर हो गए। कुछ पारियां विरोधी को भी खड़ा कर देती हैं।
मेनेंटी की पारी का सार:
| रन | गेंद | चौके | छक्के | स्ट्राइक रेट |
|---|---|---|---|---|
| 60 | 25 | 4 | 6 | 240.00 |
हालांकि वह ज्यादा देर टिक नहीं सके। 25 गेंदों में 60 रन बनाकर आउट हुए। लेकिन तब तक मैच का समीकरण बदल चुका था। इटली ने 20 ओवर में 178 रन बनाए—203 के लक्ष्य से 24 रन दूर।
सैम करन की डेथ ओवर कला
जब मैच आखिरी ओवरों में जा रहा था, इंग्लैंड को अनुभव की जरूरत थी। सैम करन ने वही दिया। धीमी गेंदें, यॉर्कर, और सटीक लाइन—इटली की उम्मीदों पर पानी फिर गया। इंग्लैंड ने मैच जीत लिया, लेकिन कहानी का केंद्र मेनेंटी रहे।
एसोसिएट क्रिकेट के लिए बड़ा संकेत
यह सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं है। एसोसिएट देशों के लिए यह संकेत है कि वे अब बड़े मंच पर सिर्फ भाग लेने नहीं आते, मुकाबला करने आते हैं।
टी20 प्रारूप ने अंतर कम किया है। छोटी सीमाएं, आक्रामक मानसिकता, और डेटा-आधारित तैयारी—अब कोई भी टीम चौंका सकती है। मेनेंटी की पारी उसी बदलाव की मिसाल है।
2014 में मायबर्ग की पारी को “फ्लैश इन द पैन” कहा गया था। लेकिन अब 2026 में, यह ट्रेंड जैसा लग रहा है। एसोसिएट बल्लेबाज अब बड़े मंच से डरते नहीं।
इटली की लड़ाई, भले जीत नहीं
जस्टिन और ग्रांट ने भी उपयोगी पारियां खेलीं, जिससे इटली ने मुकाबले को आखिरी ओवर तक खींचा। 178 रन बनाना किसी भी टॉप टीम के खिलाफ आसान नहीं। खासकर तब, जब शुरुआत इतनी खराब रही हो।
इटली भले मैच हार गया, लेकिन सम्मान जीत गया। और मेनेंटी? वह अब रिकॉर्ड बुक का हिस्सा हैं।
बदलता हुआ क्रिकेट परिदृश्य
एक समय था जब एसोसिएट टीमों के खिलाड़ी फुल मेंबर टीम के खिलाफ टिककर खेलने को ही उपलब्धि मानते थे। अब वे रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। यह बदलाव सिर्फ प्रतिभा का नहीं, संरचना का भी है—बेहतर लीग, ज्यादा एक्सपोजर, और अंतरराष्ट्रीय अनुभव।
क्रिकेट अब सिर्फ पारंपरिक ताकतों का खेल नहीं रहा। और अगर मेनेंटी जैसी पारियां जारी रहीं, तो आने वाले सालों में और चौंकाने वाले नतीजे दिखेंगे।















