Kuldeep – भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव 14 मार्च को शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। टी20 वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा रहे कुलदीप अपनी बचपन की दोस्त वंशिका के साथ मसूरी के ऐतिहासिक सेवॉय होटल में सात फेरे लेंगे।
इस हाई-प्रोफाइल शादी की वजह से एक बार फिर यह प्रतिष्ठित होटल चर्चा में आ गया है। करीब एक सदी से भी ज्यादा पुराने इस होटल में कभी भारतीयों के प्रवेश पर पाबंदी हुआ करती थी, लेकिन अब यहीं एक भारतीय क्रिकेट स्टार की शादी होने जा रही है।
मसूरी के ऐतिहासिक सेवॉय होटल में होगी शादी
कुलदीप यादव की शादी मसूरी के मशहूर सेवॉय होटल में आयोजित की जा रही है। यह होटल अपने ऐतिहासिक महत्व, ब्रिटिश दौर की वास्तुकला और शाही माहौल के लिए जाना जाता है। शादी की तैयारियों को लेकर होटल स्टाफ में भी काफी उत्साह बताया जा रहा है।
हालांकि कार्यक्रम को निजी रखा गया है, इसलिए होटल प्रबंधन ने शादी से जुड़ी ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। इसके बावजूद मसूरी और क्रिकेट फैंस के बीच इस शादी को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
1902 में शुरू हुआ था सेवॉय होटल
सेवॉय होटल की शुरुआत 1902 में ब्रिटिश शासन के दौरान हुई थी। उस समय इसे खास तौर पर अंग्रेज अधिकारियों और यूरोपीय पर्यटकों के लिए बनाया गया था, जो गर्मियों में मसूरी की ठंडी वादियों में समय बिताने आते थे।
सेवॉय होटल का इतिहास
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1902 | होटल की स्थापना |
| 1905 | कांगड़ा भूकंप में इमारत को नुकसान |
| 1907 | मरम्मत के बाद होटल दोबारा खुला |
| 1907 | पहली बार होटल में बिजली की व्यवस्था |
शुरुआती दौर में भारतीयों को यहां ठहरने की अनुमति नहीं थी। लेकिन समय के साथ यह होटल सभी मेहमानों के लिए खुल गया और धीरे-धीरे यह देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित लोगों की पसंद बन गया।
कई बड़े नेताओं ने यहां किया प्रवास
सेवॉय होटल लंबे समय से वीआईपी मेहमानों की मेजबानी के लिए जाना जाता रहा है। भारत के कई बड़े नेता और हस्तियां यहां ठहर चुके हैं।
होटल में ठहरने वाली प्रमुख हस्तियां
| नाम |
|---|
| जवाहर लाल नेहरू |
| मोतीलाल नेहरू |
| इंदिरा गांधी |
इसके अलावा कई विदेशी मेहमानों और राजघरानों के लोग भी इस होटल में आ चुके हैं।
महारानी मैरी भी आ चुकी हैं मसूरी
सेवॉय होटल का इतिहास सिर्फ भारतीय नेताओं तक सीमित नहीं है। 1906 में ब्रिटेन की महारानी मैरी भी मसूरी आई थीं। उनके सम्मान में होटल में विशेष आयोजन किया गया था।
बताया जाता है कि उन्होंने क्राइस्ट चर्च के पास एक पौधा भी लगाया था, जो आज भी उस ऐतिहासिक यात्रा की याद दिलाता है।
अफगान सम्मेलन से मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
सेवॉय होटल को वैश्विक पहचान 1920 में आयोजित अफगान सम्मेलन के बाद मिली। उस समय कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि और राजघरानों के सदस्य यहां पहुंचे थे।
नेपाल के शमशेर जंग बहादुर और कपूरथला के महाराज जगजीत सिंह ने भी होटल की खूबसूरती की काफी तारीफ की थी।
विश्व युद्ध के बाद यहां का ऑर्केस्ट्रा और डांस कार्यक्रम भी काफी प्रसिद्ध हुआ करते थे, जहां वाल्ट्ज, टैंगो और फॉक्स-ट्रॉट जैसे नृत्य आयोजित किए जाते थे।
होटल पर बनी डॉक्यूमेंट्री को मिला अवॉर्ड
सेवॉय होटल के इतिहास और विरासत पर एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई गई है। “Savoy: Saga of an Icon” नाम की इस फिल्म को दादा साहेब फाल्के पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ सिनेमैटोग्राफी का सम्मान मिल चुका है।
यह डॉक्यूमेंट्री इस होटल के ऐतिहासिक महत्व और ब्रिटिश दौर की विरासत को दर्शाती है।
मसूरी में खास माहौल
कुलदीप यादव की शादी को लेकर मसूरी में भी उत्साह का माहौल है। पहाड़ों की खूबसूरत वादियों के बीच होने वाला यह समारोह सेवॉय होटल के इतिहास में एक नया और यादगार अध्याय जोड़ सकता है।
क्रिकेट फैंस के लिए भी यह खास पल होगा, क्योंकि भारतीय टीम के स्टार स्पिनर अपनी नई जिंदगी की शुरुआत एक ऐसे ऐतिहासिक स्थल से कर रहे हैं, जिसने एक सदी से ज्यादा समय तक कई ऐतिहासिक घटनाओं को देखा है।















