Hundred – महिला क्रिकेट तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन कोचिंग में महिलाओं की भागीदारी अभी भी काफी कम है। ऑस्ट्रेलिया की पूर्व क्रिकेटर लीसा कीटली ने इसी मुद्दे पर निराशा जताई है।
उन्होंने कहा कि महिला हंड्रेड टूर्नामेंट में वह इस समय एकमात्र महिला हेड कोच हैं और उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में और महिलाएं इस जिम्मेदारी को संभालेंगी।
हंड्रेड लीग में अकेली महिला मुख्य कोच
इंग्लैंड की फ्रेंचाइजी लीग द हंड्रेड की हाल ही में हुई खिलाड़ी नीलामी में आठ टीमों ने हिस्सा लिया, लेकिन इन सभी टीमों में सिर्फ लीसा कीटली ही महिला मुख्य कोच के रूप में मौजूद थीं।
कीटली एमआई लंदन (MI London) टीम की मुख्य कोच हैं और नीलामी के दौरान टीम की रणनीति तय करने में उनकी अहम भूमिका रही।
हंड्रेड लीग से जुड़ी जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| टूर्नामेंट | द हंड्रेड |
| शुरुआत | 21 जुलाई |
| फाइनल | 16 अगस्त |
| टीमों की संख्या | 8 |
महिला क्रिकेट तेजी से बदल रहा है
कीटली का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में महिला क्रिकेट में काफी तेजी से बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश महिला टी20 लीग के जरिए खेल को नई दिशा दे रहे हैं।
उन्होंने ESPNcricinfo से बातचीत में कहा:
“महिला क्रिकेट वास्तव में तेजी से बदल रहा है। भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी टी20 प्रतियोगिताएं इस खेल को आगे बढ़ा रही हैं और वेतन समानता को भी बढ़ावा दे रही हैं।”
हालांकि उन्होंने यह भी माना कि पुरुष और महिला क्रिकेट के बीच वेतन समानता अभी पूरी तरह हासिल नहीं हुई है।
महिला कोचों की कमी पर जताई चिंता
लीसा कीटली ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा निराशा इस बात से होती है कि इतनी बड़ी लीग में वह अकेली महिला हेड कोच हैं।
उन्होंने कहा:
“जब मैं अपने चारों तरफ देखती हूं तो पाती हूं कि मैं अकेली महिला मुख्य कोच हूं। मैं चाहती हूं कि और महिलाएं भी यह जिम्मेदारी संभालें।”
उनका मानना है कि भविष्य में महिला कोचों की संख्या जरूर बढ़ेगी।
खिलाड़ियों के वेतन में भी बढ़ोतरी
इस बार द हंड्रेड की नीलामी में कुल 178 खिलाड़ियों की बोली लगी और कई खिलाड़ियों की सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली।
नीलामी से जुड़े आंकड़े
| श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| कुल खिलाड़ी | 178 |
| टीमों की संख्या | 8 |
इससे साफ है कि महिला क्रिकेट की लोकप्रियता और आर्थिक मजबूती दोनों तेजी से बढ़ रही हैं।
कोचिंग में लंबा अनुभव
लीसा कीटली को कोचिंग का काफी व्यापक अनुभव है। उन्होंने कई देशों और लीगों में कोचिंग की है।
कीटली का कोचिंग अनुभव
| टीम/लीग |
|---|
| ऑस्ट्रेलिया महिला टीम |
| इंग्लैंड महिला टीम |
| भारत से जुड़ी टी20 लीग |
| महिला प्रीमियर लीग |
वह महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2025 में मुंबई इंडियंस की मुख्य कोच भी रह चुकी हैं।
महिलाओं को दिया खास संदेश
कीटली ने महिला कोचों के लिए खास संदेश भी दिया। उनका कहना है कि अगर किसी महिला को मुख्य कोच बनने का मौका मिलता है, तो उसे बिना झिझक स्वीकार करना चाहिए।
उन्होंने कहा:
“अगर कोई आपसे कहे कि वे आपको मुख्य कोच बनाना चाहते हैं, तो यह मत सोचिए कि आप तैयार नहीं हैं। उस मौके को पकड़िए, साहसी बनिए और खुद पर भरोसा रखिए।”
महिला क्रिकेट आज दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन कोचिंग में महिलाओं की भागीदारी अभी भी सीमित है। लीसा कीटली की टिप्पणी इस बात की ओर इशारा करती है कि खेल के प्रशासन और कोचिंग ढांचे में भी महिलाओं की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। अगर भविष्य में ज्यादा महिलाएं इस भूमिका में आती हैं, तो महिला क्रिकेट का विकास और तेज हो सकता है।















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