MS Dhoni – भारतीय क्रिकेट के इतिहास में महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह की जोड़ी को सबसे सफल साझेदारियों में गिना जाता है। 2007 टी20 वर्ल्ड कप से लेकर 2011 वनडे विश्व कप तक दोनों ने मिलकर टीम इंडिया को कई यादगार जीत दिलाईं।
लेकिन पिछले कई वर्षों से यह आरोप लगाया जाता रहा है कि महेंद्र सिंह धोनी की वजह से युवराज सिंह का करियर जल्दी खत्म हो गया। अब इस विवाद पर पूर्व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने बड़ा बयान दिया है।
धोनी पर लगे आरोपों को पाटिल ने किया खारिज
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और बीसीसीआई की चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष संदीप पाटिल ने साफ कहा है कि युवराज सिंह को टीम से बाहर करने में महेंद्र सिंह धोनी की कोई भूमिका नहीं थी।
पाटिल ने एक यूट्यूब इंटरव्यू में कहा:
“मैं ऑन रिकॉर्ड कह रहा हूं कि न चयन समिति की बैठकों में, न किसी दौरे पर और न ही मैचों के दौरान धोनी ने कभी यह नहीं कहा कि युवराज सिंह को टीम से बाहर किया जाए।”
संदीप पाटिल का कार्यकाल
| पद | अवधि |
|---|---|
| मुख्य चयनकर्ता | सितंबर 2012 – सितंबर 2016 |
इस दौरान भारतीय टीम के कई बड़े फैसले चयन समिति ने लिए थे।
चयन समिति पर भरोसा करते थे धोनी
संदीप पाटिल के मुताबिक महेंद्र सिंह धोनी चयन प्रक्रिया में सीधे हस्तक्षेप नहीं करते थे।
उन्होंने कहा:
“धोनी को चयन समिति पर पूरा भरोसा था। वह कभी भी खिलाड़ियों को लेकर दबाव नहीं बनाते थे।”
इस बयान से उन आरोपों को काफी हद तक खारिज करने की कोशिश की गई है जिनमें कहा जाता रहा कि धोनी ने युवराज को टीम से बाहर करवाया।
जोगराज सिंह लगातार करते रहे हैं आलोचना
युवराज सिंह के पिता और पूर्व क्रिकेटर जोगराज सिंह कई बार सार्वजनिक तौर पर महेंद्र सिंह धोनी पर आरोप लगा चुके हैं।
उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था:
“मैं एमएस धोनी को माफ नहीं करूंगा। उन्होंने मेरे बेटे के साथ जो किया वह अक्षम्य है।”
जोगराज सिंह के आरोप
| आरोप |
|---|
| धोनी ने युवराज का करियर खत्म किया |
| वह 4-5 साल और खेल सकते थे |
जोगराज सिंह का मानना है कि अगर युवराज को लगातार मौके मिलते तो उनका करियर और लंबा होता।
पिता की भावनात्मक प्रतिक्रिया: पाटिल
संदीप पाटिल ने जोगराज सिंह के आरोपों को एक पिता की भावनात्मक प्रतिक्रिया बताया।
उन्होंने कहा:
“एक पिता अपने बेटे के लिए भावनात्मक हो सकता है, इसमें कुछ गलत नहीं है। लेकिन दोष गलत जगह दिया जा रहा है।”
भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ी रहे युवराज
युवराज सिंह भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े मैच विनर्स में गिने जाते हैं। उन्होंने भारत को कई बड़े टूर्नामेंट जिताने में अहम भूमिका निभाई।
युवराज सिंह की बड़ी उपलब्धियां
| टूर्नामेंट | उपलब्धि |
|---|---|
| 2007 टी20 वर्ल्ड कप | अहम भूमिका |
| 2011 वनडे वर्ल्ड कप | प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट |
धोनी-युवराज की यादगार साझेदारी
धोनी और युवराज ने अपने करियर के दौरान कई मैचों में भारत को मुश्किल परिस्थितियों से निकालकर जीत दिलाई।
दोनों की साझेदारी भारतीय क्रिकेट के इतिहास में लंबे समय तक याद रखी जाएगी।















