BCCI – भारतीय क्रिकेट में पैसा हमेशा से रहा है… लेकिन BCCI का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम सिर्फ पैसे का खेल नहीं—यह “priority list” होता है कि बोर्ड किन खिलाड़ियों को अपनी core ताकत मानता है। और 2025-26 की नई लिस्ट ने साफ कर दिया है कि अब priorities बदल रही हैं।
सबसे बड़ा फैसला—
ग्रेड A+ खत्म।
और यही पूरी कहानी का टर्निंग पॉइंट है।
A+ ग्रेड खत्म—एक युग का अंत?
अब तक A+ ग्रेड elite club था:
- विराट कोहली
- रोहित शर्मा
- रविंद्र जडेजा
- जसप्रीत बुमराह
| ग्रेड | पुरानी सैलरी |
|---|---|
| A+ | ₹7 करोड़ |
यह कैटेगरी “all-format superstars” के लिए थी—जो हर फॉर्मेट में खेलते और perform करते थे।
लेकिन अब:
- कोहली, रोहित → कुछ फॉर्मेट से रिटायर
- जडेजा → T20 से बाहर
तो बोर्ड ने सोचा—
इस category का logic ही खत्म हो गया।
नई संरचना—अब सिर्फ 3 ग्रेड
BCCI ने structure simplify कर दिया है।
| ग्रेड | खिलाड़ियों की संख्या |
|---|---|
| A | 3 |
| B | 11 |
| C | 16 |
कुल 30 खिलाड़ी—पिछले साल 34 थे।
ग्रेड A—अब असली “कोर टीम”
सबसे ऊपर अब सिर्फ 3 नाम हैं:
- शुभमन गिल
- जसप्रीत बुमराह
- रविंद्र जडेजा
यह selection interesting है।
- गिल → future face
- बुमराह → all-format spearhead
- जडेजा → experience + balance
यानी present + future का mix।
बुमराह—सबसे ज्यादा “नुकसान” या सबसे बड़ा संकेत?
बुमराह A+ से A में आ गए।
सीधा मतलब:
- ₹7 करोड़ → ₹5 करोड़ (अगर पुराना structure मानें)
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।
रिपोर्ट्स कहती हैं:
- BCCI उन्हें compensation दे सकता है
- क्योंकि वो तीनों फॉर्मेट में consistent हैं
यह एक तरह से “exception case” बन सकता है।
ग्रेड B—स्टार्स की भीड़
यह category सबसे crowded है—और सबसे interesting भी।
- रोहित शर्मा
- विराट कोहली
- हार्दिक पांड्या
- केएल राहुल
- सूर्यकुमार यादव
- ऋषभ पंत
- श्रेयस अय्यर
यहां message साफ है—
ये खिलाड़ी बड़े हैं, लेकिन अब “all-format certainty” नहीं है।
ग्रेड C—नई पीढ़ी की एंट्री
यह list future का preview है।
- रिंकू सिंह
- तिलक वर्मा
- यशस्वी जायसवाल
- साई सुदर्शन
- रुतुराज गायकवाड़
यह वो pool है जहां से अगले 2–3 साल में
India की core team निकलेगी।
पैसा कितना मिलेगा? (संकेत)
BCCI ने official numbers नहीं बताए, लेकिन पिछले structure के हिसाब से:
| ग्रेड | अनुमानित सैलरी |
|---|---|
| A | ₹5 करोड़ |
| B | ₹3 करोड़ |
| C | ₹1 करोड़ |
महिला खिलाड़ियों के लिए:
| ग्रेड | सैलरी |
|---|---|
| A | ₹50 लाख |
| B | ₹30 लाख |
| C | ₹10 लाख |
सख्त नियम—घरेलू क्रिकेट अब अनिवार्य
यह शायद सबसे बड़ा structural change है।
अब:
- अगर खिलाड़ी फिट है
- और नेशनल टीम में नहीं है
→ उसे domestic cricket खेलना ही होगा
नहीं खेलने पर?
→ कॉन्ट्रैक्ट खत्म
श्रेयस अय्यर और ईशान किशन इसका उदाहरण हैं।
चयन का आधार—अब और स्पष्ट
कॉन्ट्रैक्ट पाने के लिए:
- 3 टेस्ट या
- 8 ODI या
- 10 T20I
एक साल में खेलने जरूरी
यानी सिर्फ नाम नहीं—activity भी जरूरी है।
बड़ा ट्रेंड—BCCI क्या संकेत दे रहा है?
इस पूरे बदलाव से 3 बड़े मैसेज निकलते हैं:
1. All-format players की वैल्यू घट रही है
क्योंकि ऐसे खिलाड़ी कम हो रहे हैं
2. specialization बढ़ रहा है
Test, ODI, T20—तीनों अलग ecosystem बन रहे हैं
3. discipline > reputation
घरेलू क्रिकेट नियम इसका सबसे बड़ा उदाहरण है
Fact Check: क्या A+ ग्रेड पूरी तरह खत्म हो गया है?
हाँ।
- 2025-26 कॉन्ट्रैक्ट में A+ ग्रेड शामिल नहीं है
- अब सिर्फ A, B, C तीन श्रेणियां हैं















