Test – ढाका की गर्म और धीमी पिच पर पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी क्या चुनी, बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने उसी फैसले को पहले ही दिन कटघरे में खड़ा कर दिया।
मई की तपती दोपहर में जहां ज्यादातर भारतीय फैंस IPL में डूबे हुए हैं, वहीं ढाका टेस्ट में शांतो ने ऐसी कप्तानी पारी खेली जिसने पाकिस्तान के गेंदबाजों की मेहनत फीकी कर दी।
बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 8 मई से शुरू हुआ, और यह सीरीज ICC World Test Championship का हिस्सा होने की वजह से दोनों टीमों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
शांतो का शानदार शतक, पाकिस्तान पर दबाव
बांग्लादेश की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिर गए और ऐसा लगा कि पाकिस्तान मैच पर पकड़ बना सकता है। लेकिन कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने मोर्चा संभाल लिया।
उन्होंने:
- 130 गेंदों में 101 रन बनाए
- 12 चौके लगाए
- 2 शानदार छक्के जड़े
- 77.69 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की
टेस्ट क्रिकेट में इस तरह का स्ट्राइक रेट काफी आक्रामक माना जाता है, खासकर तब जब टीम शुरुआती दबाव में हो।
शांतो को आखिरकार मोहम्मद अब्बास ने LBW आउट किया, लेकिन तब तक वह पाकिस्तान पर दबाव डाल चुके थे।
टी ब्रेक तक बांग्लादेश मजबूत स्थिति में
पहले दिन टी ब्रेक तक बांग्लादेश ने:
| स्कोर | विकेट |
|---|---|
| 207 रन | 3 विकेट |
54 ओवर का खेल हो चुका था और पाकिस्तान की गेंदबाजी उतनी प्रभावी नहीं दिखी जितनी कप्तान शान मसूद ने टॉस जीतते समय उम्मीद की होगी।
क्रीज पर:
- मोमिनुल हक – 65 रन
- मुश्फिकुर रहीम – 0 रन
मौजूद थे।
शुरुआती विकेटों के बाद संभली पारी
बांग्लादेश ने शुरुआती दो विकेट जल्दी गंवाए:
| बल्लेबाज | रन |
|---|---|
| महमुदुल हसन जॉय | 8 |
| शादमान इस्लाम | 13 |
लेकिन इसके बाद मोमिनुल हक और शांतो ने पारी को संभाल लिया।
दोनों बल्लेबाजों ने:
- स्पिन को अच्छे से खेला
- तेज गेंदबाजों के खिलाफ patience दिखाया
- खराब गेंदों को boundary में बदला
ढाका की पिच पर यह साझेदारी मैच का शुरुआती turning point मानी जा रही है।
पाकिस्तान के गेंदबाज क्यों नहीं दिखे असरदार?
पाकिस्तान के पास अनुभव की कमी नहीं थी।
टीम में:
- शाहीन शाह अफरीदी
- हसन अली
- मोहम्मद अब्बास
जैसे अनुभवी गेंदबाज मौजूद थे।
लेकिन पहले दिन:
| गेंदबाज | विकेट |
|---|---|
| शाहीन अफरीदी | 1 |
| मोहम्मद अब्बास | 1 |
| हसन अली | 1 |
तीनों को सिर्फ एक-एक विकेट मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- लाइन-लेंथ लगातार नहीं रही
- नई गेंद का पूरा फायदा नहीं मिला
- बांग्लादेशी बल्लेबाजों ने attacking intent दिखाया
और यही पाकिस्तान के लिए परेशानी बना।
बाबर आजम की गैरमौजूदगी भी चर्चा में
इस टेस्ट सीरीज में बाबर आजम को पाकिस्तान स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया है। यही वजह है कि टीम का बल्लेबाजी और overall balance लगातार चर्चा में बना हुआ है।
हालांकि:
- मोहम्मद रिजवान टीम में हैं
- कप्तानी शान मसूद कर रहे हैं
लेकिन बाबर जैसे बड़े बल्लेबाज की कमी साफ महसूस की जा रही है।
बांग्लादेश के लिए यह टेस्ट क्यों अहम?
World Test Championship में हर टेस्ट अब काफी महत्वपूर्ण हो चुका है।
बांग्लादेश अगर:
- घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाता है
- पाकिस्तान जैसी टीम को हराता है
तो WTC points table में बड़ा फायदा मिल सकता है।
साथ ही यह जीत टीम के confidence के लिए भी बड़ी होगी।
शांतो की कप्तानी पर क्यों हो रही तारीफ?
नजमुल हुसैन शांतो पिछले कुछ समय से बांग्लादेश क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने जा रहे हैं।
लेकिन इस पारी की खास बात सिर्फ शतक नहीं थी…
बल्कि:
- दबाव में बल्लेबाजी
- कप्तानी जिम्मेदारी
- attacking approach
- और मैच control करना
इन सभी चीजों ने उनकी पारी को खास बना दिया।
सोशल मीडिया पर भी फैंस उनकी बल्लेबाजी की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
क्या पाकिस्तान ने टॉस जीतकर गलती की?
फिलहाल पहले दिन का खेल देखकर यही सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है।
ढाका की पिच:
- शुरुआत में बल्लेबाजी के लिए अच्छी दिखी
- गेंद ज्यादा swing नहीं हुई
- और स्पिनरों को देर से मदद मिली
ऐसे में कुछ विशेषज्ञ मान रहे हैं कि पाकिस्तान को पहले बल्लेबाजी करनी चाहिए थी।
हालांकि टेस्ट मैच अभी लंबा है और चौथे-पांचवें दिन पिच का व्यवहार पूरी तरह बदल सकता है।















