Gavaskar : IPL की आलोचना करने वालों पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- कमाई भी BCCI से और शिकायत भी उसी से

Atul Kumar
Published On:
Gavaskar

Gavaskar – इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को लेकर चल रही बहस के बीच भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने आलोचकों को करारा जवाब दिया है।

हाल के दिनों में कई पूर्व विदेशी क्रिकेटरों ने फ्रेंचाइजी क्रिकेट को टेस्ट क्रिकेट पर तरजीह दिए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं, लेकिन गावस्कर का मानना है कि भारतीय क्रिकेट और बीसीसीआई को निशाना बनाना आसान हो गया है, जबकि आर्थिक रूप से वही दुनिया के क्रिकेट को सबसे ज्यादा मजबूती देता है।

गावस्कर ने साफ शब्दों में कहा कि जो लोग बीसीसीआई और आईपीएल की आलोचना करते हैं, उन्हें भी अपनी कमाई के लिए भारतीय क्रिकेट पर ही निर्भर रहना पड़ता है।

IPL बनाम टेस्ट क्रिकेट की बहस फिर तेज

यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला टेस्ट मैच नहीं खेला, जबकि वह आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए आखिरी मुकाबले तक उपलब्ध रहे।

इसके अलावा, पूर्व इंग्लिश कप्तान एलिस्टर कुक ने युवा खिलाड़ी जैकब बेथल को सलाह दी थी कि वह आईपीएल बीच में छोड़कर काउंटी क्रिकेट की तैयारी करें।

साइमन डूल और माइकल एथरटन जैसे कई पूर्व खिलाड़ियों ने भी खिलाड़ियों द्वारा आईपीएल को प्राथमिकता दिए जाने पर सवाल उठाए, जिससे टेस्ट और फ्रेंचाइजी क्रिकेट के बीच संतुलन को लेकर नई बहस शुरू हो गई।

बीसीसीआई को निशाना बनाना बन गया है फैशन: गावस्कर

सुनील गावस्कर ने अपने मिड-डे कॉलम में लिखा कि भारतीय क्रिकेट और बीसीसीआई की आलोचना करना अब आम बात हो गई है।

उन्होंने कहा,

“भारतीय क्रिकेट और बीसीसीआई को कोसना अब आम बात हो गई है। लेकिन जब बात कमाई की आती है, तो उन्हें बीसीसीआई के पास ही आना पड़ता है, क्योंकि भारतीय क्रिकेट और भारतीय दर्शक ही उनकी सबसे ज्यादा आय का स्रोत हैं।”

IPL से विदेशी बोर्ड्स को भी होता है बड़ा फायदा

गावस्कर ने यह भी कहा कि आईपीएल की आलोचना करने वाले अक्सर इस तथ्य को नजरअंदाज कर देते हैं कि विदेशी क्रिकेट बोर्ड्स को भी इस लीग से आर्थिक लाभ मिलता है।

उन्होंने बताया कि आईपीएल में खेलने वाले खिलाड़ियों की फीस का 10 प्रतिशत हिस्सा उनके संबंधित क्रिकेट बोर्ड्स को दिया जाता है और यह राशि कई देशों के लिए हर साल लाखों पाउंड तक पहुंच जाती है।

‘द हंड्रेड’ और BBL पर भी उठाए सवाल

गावस्कर ने सवाल उठाया कि क्या इंग्लैंड की ‘द हंड्रेड’ या ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (BBL) भी विदेशी खिलाड़ियों के बोर्ड्स को ऐसा कोई हिस्सा देती है।

उन्होंने कहा,

“क्या द हंड्रेड अपने यहां खेलने वाले विदेशी खिलाड़ियों के बोर्ड्स को कोई प्रतिशत देता है? बिल्कुल नहीं। क्या बीबीएल या दुनिया की दूसरी टी20 लीग ऐसा करती हैं? जवाब फिर नहीं। केवल आईपीएल ही अपने खिलाड़ियों के बोर्ड्स को 10 प्रतिशत देता है।”

‘हकीकत को पहचानो’

पूर्व भारतीय कप्तान ने आलोचकों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट की ताकत को कम करके नहीं आंका जा सकता।

उन्होंने लिखा,

“होश में आओ और हकीकत को पहचानो दोस्तों। भारतीय क्रिकेट यहां टिके रहने के लिए है, चाहे आप इसे नीचे गिराने की कितनी भी कोशिश क्यों न कर लें।”

क्यों छिड़ी है यह बहस?

हाल के वर्षों में फ्रेंचाइजी क्रिकेट की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। कई खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम और टी20 लीगों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में खिलाड़ियों की उपलब्धता, वर्कलोड मैनेजमेंट और टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को लेकर लगातार चर्चा होती रही है।

सुनील गावस्कर का मानना है कि आईपीएल को केवल आलोचना के नजरिए से नहीं बल्कि विश्व क्रिकेट में उसके आर्थिक योगदान के आधार पर भी देखा जाना चाहिए।

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