Deepti – आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने पाकिस्तान को 64 रनों से हराकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। इस जीत की सबसे बड़ी नायिका दीप्ति शर्मा रहीं, जिन्होंने गेंद से कहर बरपाते हुए 4 ओवर में सिर्फ 10 रन देकर 5 विकेट झटके। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जीत की नींव दीप्ति शर्मा ने बल्लेबाजी के दौरान ही रख दी थी।
जब भारतीय टीम मुश्किल में थी और 150 रन तक पहुंचना भी कठिन लग रहा था, तब दीप्ति शर्मा की सूझबूझ और ऋचा घोष की विस्फोटक बल्लेबाजी ने मैच का पूरा रुख बदल दिया।
18वें ओवर में लिया गया फैसला बना गेमचेंजर
भारत की पारी के 18 ओवर पूरे होने तक स्कोर 5 विकेट पर 132 रन था। ऋचा घोष 9 गेंदों में 10 रन बनाकर खेल रही थीं, जबकि दीप्ति शर्मा 6 गेंदों में 6 रन पर मौजूद थीं।
पाकिस्तान की स्पिनर नशरा संधू के खिलाफ ऋचा घोष खुलकर शॉट नहीं खेल पा रही थीं। वह बड़ा शॉट लगाने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन गेंदबाज उन्हें लगातार बांधे हुए थी।
ऐसे समय में नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़ी दीप्ति शर्मा ने ऋचा को संयम बरतने का इशारा किया। दीप्ति को पता था कि अगले दो ओवर तेज गेंदबाज फेंकने वाली हैं और ऋचा उन पर ज्यादा प्रभावी साबित हो सकती हैं।
ऋचा ने दीप्ति की सलाह मानी और 18वें ओवर की आखिरी तीन गेंदों पर कोई जोखिम नहीं लिया।
19वें ओवर में बदल गई मैच की तस्वीर
19वां ओवर तस्मिया रुबाब लेकर आईं। पहली गेंद पर दीप्ति शर्मा ने चौका लगाया और दूसरी गेंद पर एक रन लेकर स्ट्राइक ऋचा घोष को दे दी।
इसके बाद जो हुआ उसने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।
ऋचा घोष ने ओवर की आखिरी चार गेंदों पर 4, 6, 4 और 4 जड़ते हुए 18 रन बटोर लिए। भारत ने इस ओवर से कुल 23 रन हासिल किए और स्कोर अचानक 150 के पार पहुंच गया।
सिर्फ एक ओवर में पाकिस्तान के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ गया और भारतीय ड्रेसिंग रूम में नई ऊर्जा आ गई।
आखिरी ओवर में भी दीप्ति ने दिखाई समझदारी
20वां ओवर पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना लेकर आईं।
एक बार फिर दीप्ति शर्मा ने पहली गेंद पर सिंगल लेकर स्ट्राइक ऋचा घोष को सौंप दी। इसके बाद ऋचा ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और पाकिस्तान की गेंदबाजी पर हमला बोल दिया।
हालांकि ओवर की पांचवीं गेंद पर ऋचा आउट हो गईं, लेकिन तब तक वह अपना काम कर चुकी थीं।
ऋचा घोष ने सिर्फ 17 गेंदों में 34 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि दीप्ति शर्मा 9 गेंदों में 12 रन बनाकर नाबाद लौटीं।
दोनों बल्लेबाजों की साझेदारी ने भारत के स्कोर को 170 रन तक पहुंचा दिया।
150 और 170 रन में था बड़ा फर्क
अगर भारत 150 रन के आसपास रुक जाता, तो पाकिस्तान के लिए लक्ष्य का पीछा करना काफी आसान हो सकता था।
लेकिन 170 रन का स्कोर बोर्ड पर लगते ही पाकिस्तान दबाव में आ गया। यही दबाव बाद में उसकी बल्लेबाजी में साफ दिखाई दिया।
भारत के लिए आखिरी दो ओवरों में बनाए गए रन मैच का अहम मोड़ साबित हुए।
फिर गेंद से दीप्ति ने खत्म कर दी पाकिस्तान की उम्मीदें
171 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने अच्छी शुरुआत की। पहले चार ओवर में टीम बिना किसी नुकसान के 37 रन बना चुकी थी।
तब कप्तान हरमनप्रीत कौर ने गेंद दीप्ति शर्मा को थमाई और यहीं से मैच बदल गया।
दीप्ति ने अपने पहले ही ओवर में पाकिस्तान की ओपनिंग साझेदारी तोड़ दी और सिर्फ 2 रन खर्च किए। अगले ओवर में उन्होंने एक और विकेट हासिल कर पाकिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया।
इसके बाद भारतीय स्पिन आक्रमण ने पाकिस्तान पर शिकंजा कस दिया।
श्री चरणी ने भी निभाई अहम भूमिका
दीप्ति शर्मा के अलावा युवा स्पिनर श्री चरणी ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
उन्होंने 3 महत्वपूर्ण विकेट लेकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी को पूरी तरह बिखेर दिया। दोनों स्पिनरों की घातक गेंदबाजी के सामने पाकिस्तान की पूरी टीम 106 रन पर ढेर हो गई।
मैच का असली टर्निंग पॉइंट
अधिकतर लोग दीप्ति शर्मा के 5 विकेट को मैच का टर्निंग पॉइंट मानेंगे, लेकिन बल्लेबाजी के दौरान लिया गया उनका फैसला भी उतना ही महत्वपूर्ण था।
ऋचा घोष को शांत रहने और तेज गेंदबाजों का इंतजार करने की सलाह ने भारत को अतिरिक्त 20 रन दिलाए। यही रन बाद में पाकिस्तान पर मानसिक दबाव बनाने में निर्णायक साबित हुए।















