टीम से बाहर होने के बाद जब कोई खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में वापस जाता है, तो उसका एक ही मकसद होता है—रनों का अंबार लगाना और सेलेक्टर्स को मजबूर करना। न्यूजीलैंड के अनुभवी बल्लेबाज हेनरी निकोल्स ने बिल्कुल ऐसा ही किया। लगभग एक साल तक टेस्ट टीम से बाहर रहने के बाद उन्होंने न सिर्फ शानदार वापसी की, बल्कि इंग्लैंड के खिलाफ न्यूजीलैंड की 2-1 से सीरीज जीत में बड़ी भूमिका भी निभाई।
केन विलियमसन के संन्यास के बाद मिली जिम्मेदारी
हेनरी निकोल्स की टीम में वापसी का रास्ता आसान नहीं था। लॉर्ड्स में खेले गए पहले टेस्ट के बाद जब न्यूजीलैंड के दिग्गज खिलाड़ी केन विलियमसन ने अचानक संन्यास का ऐलान किया, तब निकोल्स को टीम में मौका मिला। हालांकि, वह टीम में बतौर बैकअप बल्लेबाज शामिल किए गए थे, लेकिन उन्होंने इस मौके को दोनों हाथों से लपका।
अपने कमबैक मैच में ही निकोल्स ने दूसरी पारी में 121 रनों की बेहतरीन सेंचुरी लगाई। इस शानदार पारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने दूसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड पर 253 रनों की बड़ी जीत दर्ज की। कोच रॉब वाल्टर भी निकोल्स के इस जज्बे और प्रदर्शन से बेहद प्रभावित नजर आए और उन्होंने खुलकर निकोल्स की तारीफ की।
केन विलियमसन जैसे दिग्गज के संन्यास के बाद उनके स्थान को भरना किसी भी खिलाड़ी के लिए दबाव भरा काम होता है। निकोल्स ने इस दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने मैदान पर उतरकर वही किया जिसके लिए वह जाने जाते हैं—एक छोर संभालना और लंबी पारी खेलना।
घरेलू क्रिकेट में रनों का तूफान
टीम से ड्रॉप होने के बाद हेनरी निकोल्स निराश होकर नहीं बैठे। उन्होंने वापस जाकर डोमेस्टिक क्रिकेट में कड़ी मेहनत की। साल 2025-26 के प्लंकेट शील्ड टूर्नामेंट में उन्होंने केंटरबरी टीम को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। इस टूर्नामेंट में उनके आंकड़े किसी भी चयनकर्ता को हैरान करने के लिए काफी थे।
इसके साथ ही वह घरेलू वनडे टूर्नामेंट में भी सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। फाइनल मुकाबले में उन्होंने एक शानदार सेंचुरी भी लगाई थी, हालांकि वह मैच सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स ने जीता था। निकोल्स का यह प्रदर्शन दिखाता है कि अगर आप लगातार रन बनाते रहेंगे, तो आपको दोबारा मौका जरूर मिलेगा।
हेनरी निकोल्स का डोमेस्टिक और कमबैक रिकॉर्ड
निकोल्स ने डोमेस्टिक सीजन और अपने कमबैक टेस्ट में जो कमाल किया है, उसे नीचे दी गई टेबल से आसानी से समझा जा सकता है:
| टूर्नामेंट/मैच | पारियां (Innings) | कुल रन (Runs) | औसत (Average) |
|---|---|---|---|
| प्लंकेट शील्ड (Plunket Shield 2025-26) | 11 | 870 | 96.66 |
| घरेलू वनडे टूर्नामेंट | 10 | 588 | 73.50 |
| कमबैक टेस्ट (इंग्लैंड के खिलाफ दूसरी पारी) | 1 | 121 | – |
कोच रॉब वाल्टर ने की जमकर तारीफ
न्यूजीलैंड के हेड कोच रॉब वाल्टर ने निकोल्स की वापसी पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जब उनका सिलेक्शन बैकअप बल्लेबाज के रूप में हुआ था, तब शायद कुछ लोगों ने सवाल उठाए हों। लेकिन निकोल्स ने घरेलू क्रिकेट में जैसा प्रदर्शन किया था, उसके बाद उन पर सवाल उठाने का कोई मतलब ही नहीं रह जाता था।
वाल्टर ने साफ किया कि निकोल्स ने नंबर 3 की पोजीशन को पूरी तरह से डिजर्व किया है। कोच ने कहा, “मैं यह नंबर 3 पोजीशन किसी और को नहीं देने जा रहा हूं क्योंकि हेनरी ने इसे अपनी मेहनत से कमाया है।” कोच का यह भरोसा निकोल्स के टेस्ट करियर को एक नई दिशा दे सकता है।
वाल्टर का मानना है कि जब कोई सीनियर खिलाड़ी टीम से बाहर होता है, तो उसका इस तरह से वापसी करना पूरी टीम के मनोबल को बढ़ाता है। यह दिखाता है कि टीम में बने रहने की प्रतिस्पर्धा कितनी स्वस्थ और मजबूत है।
वापसी पर क्या बोले हेनरी निकोल्स?
अपनी इस शानदार वापसी पर बात करते हुए हेनरी निकोल्स ने कहा कि जब वह टीम से बाहर हुए थे, तो उनका पूरा ध्यान सिर्फ अपने गेम को एंजॉय करने पर था। उन्होंने सोचा था कि अगर दोबारा मौका मिलता है तो बहुत अच्छा होगा, और अगर नहीं भी मिलता तो भी वह संतुष्ट रहते।
निकोल्स ने बताया कि ऑकलैंड वापस लौटने पर टीम का जो स्वागत हुआ, उससे उन्हें महसूस हुआ कि यह सीरीज जीत देश के फैंस के लिए कितनी मायने रखती है। उनके लिए टीम में वापस आना और जीत में योगदान देना बेहद सुखद रहा।
उन्होंने यह भी कहा कि वह केन विलियमसन के संन्यास से खाली हुए स्थान पर इस तरह से नहीं आना चाहते थे क्योंकि केन का जाना टीम के लिए एक बड़ा नुकसान था। लेकिन एक पेशेवर क्रिकेटर के तौर पर उन्हें जो भी भूमिका मिली, उन्होंने उसे पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाया।
सीख जो हर खिलाड़ी के काम आएगी
हेनरी निकोल्स की यह कहानी हर उस खिलाड़ी के लिए एक बड़ी सीख है जो टीम से बाहर होने के बाद हताश हो जाता है। जब रास्ते बंद लगें, तब निराश होने के बजाय अपने बेसिक पर लौटें, डोमेस्टिक स्तर पर जी-तोड़ मेहनत करें और रनों का ऐसा पहाड़ खड़ा कर दें कि सेलेक्टर्स आपको नजरअंदाज न कर सकें।















